द्वारा shahrukh
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उत्तराखण्ड में OBC प्रमाण पत्र, जिसे आधिकारिक तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र कहा जाता है, एक आधिकारिक दस्तावेज़ है। यह प्रमाणित करता है कि आप अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किसी समुदाय से संबंध रखते हैं और आपके परिवार की आय क्रीमी लेयर की निर्धारित सीमा से कम है। इस प्रमाण पत्र के बिना आप सरकारी नौकरियों, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों और केंद्र सरकार की योजनाओं में OBC आरक्षण का लाभ नहीं ले सकेंगे। यह प्रमाण पत्र आपके क्षेत्र के तहसीलदार या उप-जिलाधिकारी (SDM) द्वारा राजस्व विभाग के माध्यम से जारी किया जाता है।

आवेदन करने के लिए आपको अपुणि सरकार पोर्टल (eservices.uk.gov.in) का उपयोग करना होगा। यह उत्तराखण्ड सरकार का आधिकारिक नागरिक सेवा पोर्टल है। यदि आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, तो कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या सीधे तहसील कार्यालय जाकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं।

राज्य OBC सूची और केंद्रीय OBC सूची में क्या अंतर है?

उत्तराखण्ड में OBC आरक्षण दो अलग-अलग सूचियों के आधार पर दिया जाता है, जिनका प्रबंधन अलग-अलग सरकारें करती हैं:

  • उत्तराखण्ड राज्य OBC सूची: इस सूची का प्रबंधन उत्तराखण्ड सरकार करती है। इस सूची के आधार पर जारी OBC प्रमाण पत्र राज्य सरकार की नौकरियों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के लिए मान्य है।
  • उत्तराखण्ड के लिए केंद्रीय OBC सूची: इस सूची का प्रबंधन भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) करता है। यदि आप केंद्र सरकार की नौकरियों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT, NIT, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों या केंद्र सरकार की छात्रवृत्तियों में आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपकी जाति इस सूची में शामिल होनी चाहिए। उत्तराखण्ड की केंद्रीय OBC सूची ncbc.nic.in पर उपलब्ध है।

महत्वपूर्ण: किसी समुदाय का नाम राज्य OBC सूची में हो सकता है, लेकिन केंद्रीय OBC सूची में नहीं हो, या इसका उल्टा भी हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह जरूर जांचना होगा कि जिस नौकरी, शैक्षणिक संस्थान या योजना के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, उसमें आपकी जाति किस सूची में शामिल है। प्रमाण पत्र जारी करने से पहले तहसीलदार दोनों सूचियों के आधार पर सत्यापन करते हैं।

उत्तराखण्ड में OBC प्रमाण पत्र के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

  • आप उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी होने चाहिए।
  • आपका समुदाय उत्तराखण्ड की राज्य OBC सूची (राज्य सरकार की नौकरियों के लिए) या राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) द्वारा जारी उत्तराखण्ड की केंद्रीय OBC सूची (केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए) में शामिल होना चाहिए।
  • आपके परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। यह भारत सरकार द्वारा निर्धारित गैर-क्रीमी लेयर (NCL) की आय सीमा है। जिन परिवारों की आय इससे अधिक होती है, वे क्रीमी लेयर में आते हैं और OBC आरक्षण का लाभ नहीं ले सकते।
  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों पर कार्यरत व्यक्तियों के बच्चे, IAS, IPS, IFS तथा केंद्र सरकार के समूह 'क' और निर्धारित स्तर के समूह 'ख' अधिकारियों के बच्चे, कर्नल या उससे ऊपर के सैन्य अधिकारियों के बच्चे तथा निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वाले पेशेवरों के बच्चे गैर-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र के लिए पात्र नहीं माने जाते, भले ही उनका समुदाय OBC सूची में शामिल हो।

क्रीमी लेयर क्या है और किन लोगों को OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिलता?

क्रीमी लेयर से आशय OBC समुदाय के उन आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से है, जिन्हें सामान्य वर्ग के साथ प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम माना जाता है। इसलिए उन्हें OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिलता। उत्तराखण्ड में निम्नलिखित श्रेणियों के लोग क्रीमी लेयर में आते हैं और OBC आरक्षण के लिए पात्र नहीं होते:

  • वे परिवार जिनकी सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक है।
  • राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्यपाल, केंद्रीय और राज्य मंत्रियों जैसे संवैधानिक पदाधिकारियों के बच्चे।
  • IAS, IPS, IFS अधिकारियों तथा निर्धारित वरिष्ठता वाले केंद्र सरकार के समूह 'क' और समूह 'ख' अधिकारियोंअधिकारियों के बच्चे।
  • कर्नल या उससे ऊपर के पद पर कार्यरत सैन्य अधिकारियों के बच्चे।
  • ऐसे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर और अन्य पेशेवरों के बच्चे, जिनकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है।

यदि ऊपर बताई गई कोई भी शर्त आप पर लागू नहीं होती और आपके परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है, तो आप OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उत्तराखण्ड में OBC प्रमाण पत्र के लाभ

  • राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण: उत्तराखण्ड लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 2003 के तहत राज्य सरकार की नौकरियों में 14% आरक्षण का लाभ मिलता है।
  • केंद्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण: केंद्रीय OBC सूची में शामिल समुदायों को केंद्र सरकार की नौकरियों में 27% आरक्षण का लाभ मिलता है।
  • शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण: केंद्र और राज्य सरकार के शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षित सीटों का लाभ मिलता है।
  • अधिकतम आयु सीमा में छूट: केंद्र सरकार की नौकरियों में आवेदन करते समय 3 वर्ष की आयु सीमा में छूट मिलती है। राज्य सरकार की भर्तियों में भी लागू नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाती है।
  • शुल्क में रियायत: सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में OBC विद्यार्थियों को आंशिक शुल्क छूट का लाभ मिल सकता है।
  • छात्रवृत्तियां: राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (scholarships.gov.in) और PM-YASASVI छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से OBC पूर्व-मैट्रिक और पश्चात-मैट्रिक छात्रवृत्तियों का लाभ लिया जा सकता है।

उत्तराखण्ड में OBC प्रमाण पत्र के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आवेदन पत्र: OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र का निर्धारित आवेदन पत्र, जो CSC केंद्र, तहसील कार्यालय या अपुणि सरकार पोर्टल पर उपलब्ध है।
  • आय प्रमाण पत्र: वैध आय प्रमाण पत्र, जिससे यह प्रमाणित हो कि आपके परिवार की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है। यह दस्तावेज अनिवार्य है और इसे तहसीलदार या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया होना चाहिए।
  • पिता का OBC प्रमाण पत्र: आपके पिता का OBC प्रमाण पत्र, जिससे समुदाय की सदस्यता की पुष्टि होती हो। यदि यह उपलब्ध नहीं है, तो किसी निकट संबंधी का OBC प्रमाण पत्र और उसके साथ वंशावली शपथ पत्र जमा करना होगा।
  • स्व-घोषणा पत्र / शपथ पत्र: स्टाम्प पेपर पर तैयार किया गया शपथ पत्र, जिसमें आपके OBC समुदाय का नाम, उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी होने की जानकारी और गैर-क्रीमी लेयर में आने की घोषणा दर्ज हो।
  • पता प्रमाण (कोई एक): राशन कार्ड / खाद्य सुरक्षा कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल या टेलीफोन बिल।
  • निवास / मूल निवास प्रमाण पत्र: उत्तराखण्ड निवास प्रमाण पत्र, जिससे राज्य में आपके स्थायी निवास की पुष्टि होती हो।
  • वेतन पर्ची या वेतन प्रमाण पत्र: यदि आप या आपके माता-पिता नौकरी करते हैं, तो आय के सत्यापन के लिए नवीनतम वेतन पर्ची या रोजगार प्रमाण पत्र जमा करना होगा।
  • पहचान प्रमाण: आधार कार्ड या सरकार द्वारा जारी कोई अन्य वैध पहचान दस्तावेज।
  • पासपोर्ट आकार का फोटो: हाल ही में खिंचवाया गया पासपोर्ट आकार का फोटो। अधिक जानकारी के लिए पासपोर्ट आकार के फोटो से जुड़ी गाइडलाइन देख सकते हैं।

आवेदन शुल्क और प्रमाण पत्र जारी होने में लगने वाला समय

  • आवेदन शुल्क: ₹30 का सेवा शुल्क जमा करना होगा। यदि आप कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो वहां निर्धारित अतिरिक्त सेवा शुल्क भी देना पड़ सकता है।
  • प्रक्रिया पूरी होने का समय: आवेदन जमा करने की तारीख से अधिकतम 30 कार्य दिवस के भीतर प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। यदि सभी दस्तावेज पूरे हों और सत्यापन प्रक्रिया सरल हो, तो प्रमाण पत्र इससे पहले भी जारी हो सकता है।
  • प्रमाण पत्र की वैधता: OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से 1 वर्ष तक मान्य रहता है। आय और आर्थिक स्थिति में बदलाव संभव होने के कारण इसका हर वर्ष नवीनीकरण कराना होगा। नौकरी, प्रवेश या किसी सरकारी योजना के लिए आवेदन करने से पहले प्रमाण पत्र की वैधता जरूर जांच लें।
  • जारी करने वाला प्राधिकरण: आवेदक के क्षेत्र के तहसीलदार या उप-जिलाधिकारी (SDM) OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र जारी करते हैं।

उत्तराखण्ड में OBC प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

उत्तराखण्ड के निवासी अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से OBC गैर-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुरू करने से पहले आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रख लें।

चरण 1: अपुणि सरकार पोर्टल पर पंजीकरण करें

  1. eservices.uk.gov.in पर जाएं।
  2. अपुणि सरकार पोर्टल पर क्लिक करें और पर्सनल लॉगिन (Personal Login) विकल्प चुनें।
  3. यदि आपका खाता पहले से नहीं बना है, तो यहां पंजीकरण करें (Sign Up Here) विकल्प पर क्लिक करें।
  4. अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल पता, जन्म तिथि, जिला, तहसील और आवासीय पता दर्ज करें।
  5. सभी जानकारी भरने के बाद पंजीकरण फॉर्म जमा कर दें। इसके बाद आपका यूजर आईडी और पासवर्ड SMS के माध्यम से पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।

चरण 2: OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें

  1. अपने यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल में लॉगिन करें।
  2. डैशबोर्ड पर नया आवेदन करें (Request New Application) विकल्प चुनें।
  3. राजस्व विभाग (Revenue Department) चुनें और OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र सेवा का चयन करें।
  4. आवेदन पत्र में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, परिवार का विवरण, जाति संबंधी जानकारी, पता और परिवार की वार्षिक आय दर्ज करें।
  5. आय प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, फोटो और अन्य आवश्यक सहायक दस्तावेजों की स्कैन की हुई प्रतियां अपलोड करें।
  6. आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी ध्यान से जांच लें। नाम, आय या समुदाय संबंधी जानकारी में किसी भी प्रकार की त्रुटि सत्यापन प्रक्रिया में देरी का कारण बन सकती है।
  7. निर्धारित आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और आवेदन जमा कर दें।
  8. आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद पोर्टल आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number - ARN) जारी करेगा। भविष्य में आवेदन की स्थिति देखने के लिए इस संख्या को सुरक्षित रख लें।

चरण 3: सत्यापन और प्रमाण पत्र डाउनलोड करें

  1. राजस्व विभाग आपके आवेदन और अपलोड किए गए दस्तावेजों का सत्यापन करेगा।
  2. यदि किसी अतिरिक्त दस्तावेज या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी, तो उसकी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएगी। साथ ही आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS भी भेजा जा सकता है।
  3. सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से जारी कर दिया जाएगा।
  4. इसके बाद अपुणि सरकार पोर्टल में लॉगिन करके अपने आवेदन का विवरण खोलें।
  5. डिजिटल हस्ताक्षरित OBC प्रमाण पत्र डाउनलोड करें और प्रवेश, छात्रवृत्ति, सरकारी नौकरियों तथा आरक्षण से जुड़े अन्य कार्यों के लिए उसकी एक मुद्रित प्रति सुरक्षित रखें।

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन कैसे करें?

  1. सभी जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रतियां और फोटोकॉपी लेकर अपने नजदीकी CSC या जन सेवा केंद्र पर जाएं।
  2. CSC संचालक आपकी ओर से अपुणि सरकार पोर्टल पर OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र का आवेदन भरकर जमा करेगा।
  3. ₹30 का आवेदन शुल्क तथा CSC द्वारा निर्धारित सेवा शुल्क जमा करें।
  4. आवेदन जमा होने के बाद CSC संचालक आपको आवेदन संदर्भ संख्या (ARN) देगा। भविष्य में आवेदन की स्थिति जांचने के लिए इसे सुरक्षित रख लें।
  5. प्रमाण पत्र जारी होने का SMS मिलने के बाद दोबारा CSC केंद्र जाएं और अपना प्रमाण पत्र प्राप्त करें।

OBC प्रमाण पत्र आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?

  1. eservices.uk.gov.in/user/public/application/status/ पर जाएं।
  2. अपनी आवेदन संदर्भ संख्या (ARN) दर्ज करें और आवेदन की वर्तमान स्थिति देखें।

आवेदन की प्रगति से जुड़ी जानकारी आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी भेजी जाती है।

जारी किए गए OBC प्रमाण पत्र का सत्यापन या डाउनलोड कैसे करें?

यदि आप जारी किए गए OBC प्रमाण पत्र की ऑनलाइन सत्यता जांचना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. eservices.uk.gov.in/officer/public/application/verify/certificate/ पर जाएं।
  2. प्रमाण पत्र से संबंधित जानकारी दर्ज करें और उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।

OBC प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. eservices.uk.gov.in/user/public/application/download-certificates/ पर जाएं।
  2. अपने खाते में लॉगिन करें, संबंधित आवेदन चुनें और डिजिटल हस्ताक्षरित OBC प्रमाण पत्र डाउनलोड कर लें।

हेल्पलाइन और संपर्क विवरण

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन (अपुणि सरकार): 1800-3000-2300
  • आधिकारिक पोर्टल: eservices.uk.gov.in
  • राजस्व विभाग, उत्तराखण्ड: सचिवालय, सुभाष रोड, देहरादून। फोन: 0135-2669221, 0135-2669415
  • OBC सूची, समुदाय की पात्रता या अन्य संबंधित जानकारी के लिए राजस्व विभाग अथवा अपने जिले के समाज कल्याण अधिकारी से संपर्क करें।

Frequently Asked Questions

उत्तराखण्ड में इसे आधिकारिक तौर पर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र या OBC NCL प्रमाण पत्र कहा जाता है। यह प्रमाण पत्र तहसीलदार या उप-जिलाधिकारी (SDM) द्वारा जारी किया जाता है। इसके माध्यम से यह प्रमाणित होता है कि आवेदक अधिसूचित OBC समुदाय से संबंध रखता है और गैर-क्रीमी लेयर श्रेणी में आता है।

OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। यदि निर्धारित सीमा से अधिक आय है, तो परिवार क्रीमी लेयर में माना जाएगा और केंद्रीय OBC आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।

OBC प्रमाण पत्र के लिए उत्तराखण्ड सरकार के अपुणि सरकार पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। पहले अपना पर्सनल अकाउंट बनाएं, फिर राजस्व विभाग के अंतर्गत OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र सेवा चुनकर आवेदन करें। यदि स्वयं आवेदन करना संभव न हो, तो अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सहायता भी ले सकते हैं।

OBC प्रमाण पत्र के लिए सरकार द्वारा निर्धारित ₹30 का सेवा शुल्क देना होता है। यदि आप कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो वहां निर्धारित अतिरिक्त सेवा शुल्क भी लिया जा सकता है।

सामान्यतः आवेदन जमा होने के बाद OBC प्रमाण पत्र 15 कार्य दिवस के भीतर जारी कर दिया जाता है। यदि सभी दस्तावेज सही हों और अतिरिक्त सत्यापन की आवश्यकता न हो, तो प्रमाण पत्र इससे पहले भी जारी किया जा सकता है।

OBC गैर-क्रीमी लेयर (NCL) प्रमाण पत्र जारी होने की तारीख से एक वर्ष तक मान्य रहता है। चूंकि इसकी पात्रता परिवार की आय पर आधारित होती है, इसलिए अवधि पूरी होने के बाद नया प्रमाण पत्र बनवाना आवश्यक होता है।

हां। OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र के लिए वैध आय प्रमाण पत्र अनिवार्य दस्तावेज है। इसी के आधार पर यह तय किया जाता है कि आपका परिवार गैर-क्रीमी लेयर श्रेणी में आता है या नहीं। आय प्रमाण पत्र के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता।

राज्य OBC सूची का उपयोग उत्तराखण्ड सरकार की नौकरियों, राज्य के शैक्षणिक संस्थानों और अन्य राज्य स्तरीय सेवाओं में आरक्षण के लिए किया जाता है। वहीं, केंद्रीय OBC सूची, जिसे राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) प्रकाशित करता है, का उपयोग केंद्र सरकार की नौकरियों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, IIT, NIT तथा अन्य केंद्रीय संस्थानों में आरक्षण के लिए किया जाता है। आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपका समुदाय संबंधित सूची में शामिल है।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उत्तराखण्ड की केंद्रीय OBC सूची उपलब्ध कराता है। वहां जाकर आप यह आसानी से देख सकते हैं कि आपका समुदाय केंद्रीय OBC सूची में शामिल है या नहीं।

हां। OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र की वैधता एक वर्ष होती है। क्योंकि इसकी पात्रता परिवार की वार्षिक आय पर निर्भर करती है, इसलिए हर वर्ष नया प्रमाण पत्र बनवाना पड़ता है। कई भर्ती एजेंसियां और शैक्षणिक संस्थान भी हाल ही में जारी किया गया NCL प्रमाण पत्र ही स्वीकार करते हैं।

हां। उत्तराखण्ड में जारी OBC गैर-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र का उपयोग राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर उपलब्ध पात्र OBC छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए किया जा सकता है। आवेदन करते समय यह सुनिश्चित करें कि आपका प्रमाण पत्र वैध हो।

आवेदन के दौरान गलत जानकारी देना, आय छिपाना या फर्जी दस्तावेज जमा करना कानूनन दंडनीय है। जांच के दौरान जानकारी गलत पाए जाने पर आपका आवेदन निरस्त किया जा सकता है। यदि प्रमाण पत्र के आधार पर कोई नौकरी, प्रवेश या अन्य लाभ प्राप्त किया गया है, तो उसे भी रद्द किया जा सकता है। आवश्यक होने पर संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

जारी किए गए OBC प्रमाण पत्र का ऑनलाइन सत्यापन अपुणि सरकार पोर्टल पर उपलब्ध सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन सेवा के माध्यम से किया जा सकता है। आवश्यक प्रमाण पत्र विवरण दर्ज करके उसकी प्रामाणिकता जांची जा सकती है। पोर्टल से डाउनलोड किया गया डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र सामान्यतः सभी सरकारी कार्यों के लिए मान्य होता है और अलग से भौतिक मुहर की आवश्यकता नहीं होती।

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