उत्तर प्रदेश में देश की सबसे बड़ी अनुसूचित जाति (SC) आबादी रहती है। राज्य में 66 जातियों को आधिकारिक रूप से अनुसूचित जाति के रूप में अधिसूचित किया गया है। सरकारी नौकरियों में आरक्षण, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश, छात्रवृत्तियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लाखों लोग SC जाति प्रमाण पत्र का उपयोग करते हैं। यदि आप उत्तर प्रदेश की किसी अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं और पहली बार SC प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं, या अपने परिवार के किसी सदस्य के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो यह गाइड आपको ऑनलाइन, ऑफलाइन और जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाएगी।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र का आधिकारिक नाम जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) है। यह प्रमाण पत्र राजस्व विभाग की ओर से संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार द्वारा जारी किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
यदि आपकी जाति संविधान (अनुसूचित जातियाँ) आदेश, 1950 के तहत उत्तर प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जातियों की सूची में शामिल है, तो आप जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश की प्रमुख अनुसूचित जातियों में शामिल हैं:
- चमार
- जाटव
- जाटिया
- मोची
- रैदास
- धोबी
- पासी
- कोरी
- बाल्मीकि
- डोम
- खटीक
- मुसहर
- नट
- धरकार
- शिल्पकार
- खंगार
- बसोर
- बाँसफोर
- तुरी
- तथा उत्तर प्रदेश के लिए अधिसूचित अन्य अनुसूचित जाति समुदाय।
आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आप नीचे दी गई सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं:
- आपकी जाति उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति सूची में शामिल हो।
- आप उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हों।
- आप अपनी पहचान और जाति से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें।
- आपकी जाति को विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के लिए अनुसूचित जाति के रूप में मान्यता प्राप्त हो।
आय सीमा लागू नहीं होती: OBC प्रमाण पत्र के विपरीत, SC प्रमाण पत्र के लिए परिवार की आय नहीं देखी जाती। आपका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो या संपन्न, यदि आपकी जाति उत्तर प्रदेश की अधिसूचित अनुसूचित जाति सूची में शामिल है, तो आप SC प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
महत्वपूर्ण: अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा राज्य-विशिष्ट होता है। यानी किसी जाति को यदि किसी दूसरे राज्य में अनुसूचित जाति का दर्जा मिला है, तो केवल उसी आधार पर वह उत्तर प्रदेश में SC नहीं मानी जाएगी। आवेदन की जांच के दौरान सक्षम प्राधिकारी आपके द्वारा जमा किए गए आधिकारिक अभिलेखों और सहायक दस्तावेजों के आधार पर आपकी जाति का सत्यापन करता है।
आवेदन करने से पहले कौन-कौन से दस्तावेज़ तैयार रखें
आवेदन शुरू करने से पहले नीचे दिए गए सभी दस्तावेज़ तैयार रखें। यदि कोई आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं होगा, तो आवेदन की जांच में देरी हो सकती है और SC प्रमाण पत्र जारी होने में अधिक समय लग सकता है।
- आधार कार्ड – पहचान और पते के सत्यापन के लिए अनिवार्य।
- परिवार रजिस्टर की नकल (कुटुंब रजिस्टर) – यह ग्राम पंचायत द्वारा संधारित पारिवारिक अभिलेख होता है। उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र बनवाने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों में से एक है, क्योंकि इसमें परिवार के सदस्यों के नाम और उनकी जाति का विवरण दर्ज रहता है।
- अनुसूचित जाति होने का प्रमाण – इसके लिए पिता या दादा का पुराना SC प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, अंकतालिका जिसमें अनुसूचित जाति का उल्लेख हो, या ऐसा कोई सरकारी दस्तावेज़ प्रस्तुत किया जा सकता है जिसमें आपकी जाति दर्ज हो।
- राशन कार्ड – परिवार और निवास के प्रमाण के रूप में।
- उत्तर प्रदेश निवास प्रमाण पत्र या उत्तर प्रदेश में निवास का कोई अन्य वैध प्रमाण।
- जन्म प्रमाण पत्र या कक्षा 10 की अंकतालिका – जन्म तिथि के प्रमाण के लिए।
- हाल ही का पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो।
- अनुसूचित जाति (SC) संबंधी स्व-घोषणा शपथ पत्र – कई मामलों में यह दस्तावेज़ भी मांगा जाता है।
यदि आप किसी नाबालिग बच्चे की ओर से आवेदन कर रहे हैं, तो आवेदन के साथ माता या पिता का SC प्रमाण पत्र और बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र भी संलग्न करना होगा।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें?
उत्तर प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) के लिए आप e-Sathi पोर्टल, UP e-District पोर्टल, जन सेवा केंद्र (CSC) या अपने नजदीकी तहसील कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तरीके से आवेदन किया जा सकता है।
पहला तरीका: e-Sathi पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन करें
यदि आप घर बैठे स्वयं आवेदन करना चाहते हैं, तो e-Sathi पोर्टल सबसे आसान माध्यम है। मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
- esathi.up.gov.in पर जाएं। यदि आपका खाता नहीं है, तो नया उपयोगकर्ता पंजीकरण पर क्लिक करके पंजीकरण करें।
- अपने मोबाइल नंबर की मदद से खाता बनाएं और उपयोगकर्ता नाम तथा पासवर्ड निर्धारित करें।
- पंजीकरण पूरा होने के बाद अपने खाते में प्रवेश करें और उपलब्ध सेवाओं की सूची खोलें।
- राजस्व विभाग की सेवाओं में जाकर जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) सेवा का चयन करें।
- नाम, पिता का नाम, पता, जिला, तहसील और जाति का नाम बिल्कुल उसी प्रकार भरें जैसा आपके आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है।
- आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, जाति संबंधी प्रमाण, निवास प्रमाण और पासपोर्ट आकार के फोटो सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन प्रति अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने से पहले पूरी जानकारी ध्यान से जांच लें। नाम, पता या जाति से जुड़ी छोटी-सी गलती भी सत्यापन में देरी का कारण बन सकती है।
- निर्धारित शुल्क का भुगतान UPI, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या उपलब्ध अन्य ऑनलाइन माध्यम से करें और आवेदन जमा कर दें।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपको एक आवेदन संख्या मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें, क्योंकि आगे आवेदन की स्थिति देखने के लिए इसी की आवश्यकता होगी।
- इसके बाद आपका आवेदन स्थानीय सत्यापन के लिए संबंधित लेखपाल के पास भेजा जाएगा। आवश्यकता होने पर लेखपाल आपके गांव, घर या मोहल्ले में जाकर जाति और निवास संबंधी जानकारी की जांच कर सकते हैं।
- लेखपाल की रिपोर्ट मिलने के बाद आवेदन अंतिम स्वीकृति के लिए तहसीलदार के पास भेजा जाएगा।
- प्रमाण पत्र स्वीकृत होने के बाद अपने e-Sathi खाते में प्रवेश करके डिजिटल हस्ताक्षर वाला SC प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
सुझाव: आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर) और आपके पते से जुड़े सभी सरकारी अभिलेख अद्यतन हों। अधिकांश मामलों में आवेदन गलत पारिवारिक विवरण या जाति संबंधी रिकॉर्ड के कारण लंबित हो जाते हैं।
दूसरा तरीका: UP e-District पोर्टल से आवेदन करें
आप UP e-District पोर्टल के माध्यम से भी SC प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। e-Sathi और e-District दोनों राजस्व विभाग से जुड़े हैं, इसलिए दोनों में जांच और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया लगभग समान रहती है।
- edistrict.up.gov.in पर जाएं।
- यदि आपका खाता नहीं है तो नया खाता बनाएं, अन्यथा अपने पुराने खाते से प्रवेश करें।
- नागरिक सेवाओं की सूची में जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) सेवा चुनें।
- आवेदन पत्र भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन जमा करने के बाद प्राप्त पावती संख्या सुरक्षित रख लें।
- इसके बाद आवेदन लेखपाल की जांच और तहसीलदार की स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरता है।
- स्वीकृति मिलने के बाद प्रमाण पत्र पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।
तीसरा तरीका: जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आवेदन करें
यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, तो अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर आवेदन करा सकते हैं। वहां का संचालक आपकी ओर से पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर देगा।
- अपने साथ सभी मूल दस्तावेज और उनकी फोटोकॉपी लेकर जाएं।
- संचालक को आधार कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, जाति संबंधी प्रमाण, निवास प्रमाण और पासपोर्ट आकार का फोटो दें।
- संचालक आपके दस्तावेजों के आधार पर e-Sathi या UP e-District पोर्टल पर आवेदन भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेगा।
- सरकारी शुल्क के साथ जन सेवा केंद्र का निर्धारित सेवा शुल्क जमा करें।
- आवेदन संख्या वाली पावती रसीद प्राप्त करें और उसे सुरक्षित रखें।
- इसके बाद आपका आवेदन लेखपाल द्वारा सत्यापन और तहसीलदार की अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा।
- प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आप स्वयं पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं या उसी जन सेवा केंद्र से उसकी मुद्रित प्रति प्राप्त कर सकते हैं।
- अपने नजदीकी CSC केंद्र का पता आधिकारिक CSC Locator के माध्यम से भी देख सकते हैं।
चौथा तरीका: तहसील कार्यालय से ऑफलाइन आवेदन करें
यदि आप बिना ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किए आवेदन करना चाहते हैं, तो अपने क्षेत्र के तहसील कार्यालय में जाकर भी SC प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं।
- अपने क्षेत्र के संबंधित तहसील कार्यालय में जाएं।
- वहां से जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) का आवेदन पत्र प्राप्त करें।
- आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें और अपनी जाति का नाम बिल्कुल उसी प्रकार लिखें जैसा सरकारी अभिलेखों में दर्ज है।
- सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां आवेदन पत्र के साथ संलग्न करें।
- पूरा आवेदन निर्धारित काउंटर पर जमा करें और पावती रसीद प्राप्त कर लें।
- तहसील कार्यालय आवेदन को स्थानीय जांच के लिए संबंधित लेखपाल के पास भेज देगा।
- लेखपाल की रिपोर्ट मिलने के बाद तहसीलदार आवेदन की जांच करेंगे और सभी जानकारी सही मिलने पर SC प्रमाण पत्र जारी कर देंगे।
- प्रमाण पत्र तैयार होने पर आपको सूचना दे दी जाएगी। कई जिलों में इसकी जानकारी SMS के माध्यम से भी भेजी जाती है।
ध्यान दें: चाहे आप e-Sathi, UP e-District, जन सेवा केंद्र (CSC) या तहसील कार्यालय के माध्यम से आवेदन करें, लगभग हर आवेदन में पहले संबंधित लेखपाल द्वारा स्थानीय सत्यापन किया जाता है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही तहसीलदार अंतिम निर्णय लेकर प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
SC प्रमाण पत्र जारी होने से पहले लेखपाल क्या जांच करते हैं?
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र जारी करने से पहले लेखपाल द्वारा किया जाने वाला स्थानीय सत्यापन सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक होता है। केवल आवेदन जमा कर देना पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि अंतिम निर्णय लेने से पहले आवेदन में दी गई जानकारी की जांच की जाती है।
आवेदन जमा होने के बाद उसे आपके क्षेत्र के संबंधित लेखपाल के पास भेजा जाता है। लेखपाल आपके द्वारा दी गई जानकारी का मिलान राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और अन्य उपलब्ध सरकारी अभिलेखों से करते हैं।
सत्यापन के दौरान आमतौर पर निम्नलिखित बातों की जांच की जाती है:
- क्या आवेदन में दिया गया पता सही है और आप वास्तव में उसी स्थान पर निवास करते हैं।
- क्या आपकी जाति का विवरण सरकारी अभिलेखों और स्थानीय रिकॉर्ड से मेल खाता है।
- परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर) में आपके और परिवार के अन्य सदस्यों का विवरण सही दर्ज है या नहीं।
- आवेदन के साथ अपलोड या जमा किए गए दस्तावेजों में दी गई जानकारी सही और एक-दूसरे से मेल खाती है या नहीं।
जांच पूरी होने के बाद लेखपाल अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय लिया जाता है।
ध्यान दें: यदि सत्यापन के दौरान जानकारी अधूरी मिलती है, दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है या निवास एवं जाति की पुष्टि नहीं हो पाती, तो आवेदन लंबित हो सकता है, अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं या आवेदन अस्वीकार भी किया जा सकता है।
सुझाव: आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि परिवार रजिस्टर (कुटुंब रजिस्टर) में परिवार के सभी सदस्यों का नाम, पता और जाति का विवरण सही दर्ज हो। रिकॉर्ड पहले से सही होने पर सत्यापन प्रक्रिया तेज और आसान हो जाती है।
आवेदन शुल्क और प्रमाण पत्र बनने में कितना समय लगता है?
उत्तर प्रदेश में जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति) के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क बहुत कम है। आवेदन करते समय सटीक शुल्क की जानकारी e-Sathi पोर्टल पर दिखाई जाती है। यदि आप जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो सरकारी शुल्क के साथ केंद्र का निर्धारित सेवा शुल्क भी देना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदन और सभी आवश्यक दस्तावेज सही मिलने के बाद संबंधित तहसीलदार को निर्धारित समय-सीमा के भीतर SC प्रमाण पत्र जारी करना होता है।
यदि तय समय के भीतर आपका प्रमाण पत्र जारी नहीं होता, तो पहले संबंधित उप-जिलाधिकारी (SDM) के समक्ष प्रथम अपील कर सकते हैं। यदि वहां से भी समाधान नहीं मिलता, तो अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के समक्ष द्वितीय अपील दायर की जा सकती है।
अगर आवेदन अस्वीकार हो जाए, तो क्या करें?
अगर तहसीलदार आपका अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र आवेदन अस्वीकार कर देते हैं, तो आपको अस्वीकृति का आदेश दिया जाता है, जिसमें आवेदन खारिज होने का कारण भी लिखा होता है। यदि आपको लगता है कि आवेदन गलत कारण से अस्वीकार हुआ है, तो आप निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपील कर सकते हैं।
- प्रथम अपील: अस्वीकृति आदेश में बताई गई समय-सीमा के भीतर उप-जिलाधिकारी (SDM) के पास प्रथम अपील दर्ज करें।
- द्वितीय अपील: यदि SDM के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो अपर जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के समक्ष दूसरी अपील कर सकते हैं।
- शिकायत दर्ज करें: यदि आपकी अपील पर निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
आवेदन अस्वीकार होने के सबसे सामान्य कारणों में आधिकारिक अनुसूचित जाति सूची से मेल न खाने वाला जाति का नाम, लेखपाल द्वारा निवास या जाति का सत्यापन पूरा न हो पाना, परिवार रजिस्टर में गलत जानकारी होना या आवश्यक दस्तावेज अधूरे होना शामिल हैं। दोबारा आवेदन करने से पहले सभी कमियों को ठीक कर लें और यह सुनिश्चित करें कि आवेदन में दी गई प्रत्येक जानकारी सरकारी अभिलेखों से पूरी तरह मेल खाती हो। इससे प्रमाण पत्र जारी होने में अनावश्यक देरी की संभावना काफी कम हो जाती है।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र के आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
आवेदन जमा करने के बाद आप घर बैठे उसकी वर्तमान स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए अपनी आवेदन संख्या अपने पास रखें और नीचे दिए गए चरणों का पालन करें।
- e-Sathi पोर्टल या UP e-District पोर्टल खोलें।
- आवेदन की स्थिति (Application Status) वाले विकल्प पर क्लिक करें।
- अपनी आवेदन पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
- इसके बाद स्क्रीन पर आवेदन की वर्तमान स्थिति दिखाई देगी। यहां आप देख सकेंगे कि आवेदन लेखपाल के पास सत्यापन के लिए लंबित है, तहसीलदार के पास विचाराधीन है या स्वीकृत होकर प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है।
यदि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी आवेदन लंबित रहता है, तो आप मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर आवेदन संख्या बताकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र डाउनलोड कैसे करें?
आवेदन स्वीकृत होने के बाद आप अपना अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
- e-Sathi पोर्टल पर अपने पंजीकृत खाते में लॉगिन करें।
- आवेदन इतिहास (Application History) या जारी किए गए प्रमाण पत्र वाले अनुभाग में जाएं।
- अपना स्वीकृत SC प्रमाण पत्र चुनें और उसे पीडीएफ के रूप में डाउनलोड कर लें।
डाउनलोड किए गए प्रमाण पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड होता है। इसी वजह से यह पूरी तरह वैध सरकारी दस्तावेज माना जाता है और अधिकांश मामलों में इस पर अलग से तहसील कार्यालय की मुहर या हस्ताक्षर कराने की आवश्यकता नहीं होती।
यदि आवश्यकता हो, तो e-Sathi पोर्टल पर प्रमाण पत्र संख्या दर्ज करके इसकी सत्यता भी ऑनलाइन जांची जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में SC प्रमाण पत्र कितने समय तक मान्य रहता है?
उत्तर प्रदेश में जारी किया गया अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण पत्र सामान्यतः आजीवन मान्य रहता है। OBC प्रमाण पत्र की तरह इसे समय-समय पर नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होती।
एक बार प्रमाण पत्र जारी होने के बाद इसका उपयोग सरकारी नौकरी, कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति और अन्य सरकारी योजनाओं में बार-बार किया जा सकता है, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी इसे निरस्त न कर दे या यह फर्जी सिद्ध न हो जाए।
हालांकि, कुछ केंद्रीय शिक्षण संस्थान और भर्ती एजेंसियां हाल ही में जारी प्रमाण पत्र मांग सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती अधिसूचना या संस्थान के दिशा-निर्देश अवश्य पढ़ लें।
उत्तर प्रदेश के SC प्रमाण पत्र के प्रमुख लाभ
- उत्तर प्रदेश सरकार की नौकरियों में 21% आरक्षण का लाभ मिलता है।
- केंद्र सरकार की नौकरियों में 15% आरक्षण का लाभ प्राप्त होता है।
- सरकारी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, मेडिकल कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और अन्य शिक्षण संस्थानों में आरक्षित सीटों का लाभ मिलता है।
- राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल के माध्यम से प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- राज्य के कई सरकारी शिक्षण संस्थानों में शुल्क में छूट या शुल्क माफी का लाभ मिल सकता है।
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC), उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC), पुलिस भर्ती तथा अन्य सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलती है।
- सरकारी आवास, स्वरोजगार ऋण और आजीविका से जुड़ी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता मिल सकती है।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित योजनाओं, जैसे श्रेष्ठ (SHRESHTA), राष्ट्रीय विदेशी छात्रवृत्ति और PM-AJAY का लाभ लेने के लिए पात्रता प्राप्त हो सकती है।
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