द्वारा shahrukh
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हिमाचल प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय से संबंध रखने वाले नागरिकों के लिए ST जाति प्रमाण पत्र एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है। यह प्रमाण पत्र इस बात का आधिकारिक प्रमाण होता है कि आवेदक की जनजाति संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) आदेश, 1950 के तहत हिमाचल प्रदेश की मान्यता प्राप्त अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल है। इसकी मदद से पात्र व्यक्ति सरकारी नौकरियों में आरक्षण, शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, छात्रवृत्ति तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार संबंधित क्षेत्र के उप-मंडल अधिकारी (SDO) या तहसीलदार के पास होता है। इच्छुक आवेदक हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि ऑनलाइन आवेदन करना संभव न हो, तो नजदीकी लोक मित्र केंद्र (LMK), उप-मंडल कार्यालय या तहसील कार्यालय में जाकर भी आवेदन जमा किया जा सकता है।

हिमाचल प्रदेश में ST जाति प्रमाण पत्र के लिए कौन पात्र है?

ST जाति प्रमाण पत्र केवल उन्हीं आवेदकों को जारी किया जाता है, जो हिमाचल प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजाति समुदाय से संबंध रखते हैं और सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। आवेदन करने से पहले नीचे दी गई शर्तों की जांच कर लें।

  • आवेदक हिमाचल प्रदेश का वास्तविक (Bonafide) निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक की जनजाति का नाम संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) आदेश, 1950 के भाग V में हिमाचल प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल होना चाहिए।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) का दावा माता-पिता या पारिवारिक वंश के आधार पर स्थापित होना चाहिए।
  • यदि आवेदक हट्टी (Hattee) समुदाय से है, तो उसका स्थायी निवास सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी (Trans Giri) क्षेत्र में होना आवश्यक है। इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा केवल इसी क्षेत्र के निवासियों के लिए मान्य है।
  • सिर्फ विवाह के आधार पर किसी व्यक्ति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा प्राप्त नहीं होता और न ही इस आधार पर ST प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

हिमाचल प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय

हिमाचल प्रदेश में ST जाति प्रमाण पत्र केवल उन्हीं व्यक्तियों को जारी किया जाता है, जिनकी जनजाति का नाम संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) आदेश, 1950 के भाग V के तहत राज्य के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल है। आवेदन करने से पहले अपनी जनजाति का नाम आधिकारिक सूची में अवश्य जांच लें।

हिमाचल प्रदेश के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय
भोट, बोध
गद्दी
गुज्जर
जाड़, लाम्बा, खम्पा
कनौरा, किन्नरा
लाहौला
पंगवाला
स्वांगला
बेटा, बेड़ा
डोम्बा, गारा, जोबा
हट्टी (केवल सिरमौर जिले के ट्रांस गिरी क्षेत्र के लिए)

महत्वपूर्ण: हट्टी समुदाय को संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) आदेश (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 2023 के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किया गया था। यह संशोधन 4 अगस्त 2023 से प्रभावी हुआ। ध्यान रखें कि इस समुदाय को अनुसूचित जनजाति का लाभ केवल सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी क्षेत्र के निवासियों के लिए ही उपलब्ध है। यदि किसी प्रविष्टि में एक से अधिक नाम या उप-समूह दिए गए हैं, तो वे सभी उसी अधिसूचित जनजाति का हिस्सा माने जाते हैं।

हिमाचल प्रदेश ST जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज

आवेदन शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। यदि दस्तावेज पूरे और सही होंगे, तो सत्यापन प्रक्रिया आसान होगी। आवश्यकता पड़ने पर सक्षम प्राधिकारी आपके मामले के अनुसार कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकते हैं।

मुख्य दस्तावेज

  • अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र का विधिवत भरा हुआ आवेदन पत्र।
  • पहचान प्रमाण के रूप में आधार कार्ड या सरकार द्वारा स्वीकार किया गया कोई अन्य वैध पहचान पत्र।
  • निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल, टेलीफोन बिल या अन्य मान्य पता प्रमाण।
  • हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट आकार की फोटो।
  • जहां आवश्यक हो, वहां ग्राम पंचायत, स्थानीय निकाय, नियोक्ता या किसी अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र।

अन्य सहायक दस्तावेज (यदि मांगे जाएं)

  • यदि उपलब्ध हो, तो आपके पिता, माता या किसी निकट रक्त संबंधी का पहले से जारी ST जाति प्रमाण पत्र।
  • जाति प्रमाण पत्र धारक के साथ आपके पारिवारिक संबंध को साबित करने वाले दस्तावेज, यदि लागू हों।
  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा मांगने पर स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration) या शपथ पत्र (Affidavit)।
  • यदि सत्यापन के दौरान आवश्यकता हो, तो बोनाफाइड हिमाचली प्रमाण पत्र या अन्य निवास संबंधी दस्तावेज।

विशेष जानकारी: यदि आप हट्टी समुदाय से आवेदन कर रहे हैं, तो आपके पास ऐसा प्रमाण होना चाहिए जिससे यह स्पष्ट हो कि आपका स्थायी निवास सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी क्षेत्र में है। इसी आधार पर इस समुदाय के आवेदकों की ST पात्रता का सत्यापन किया जाता है।

आवेदन शुल्क, प्रोसेसिंग समय और वैधता

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय नीचे दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी रहेगी।

  • सरकारी आवेदन शुल्क: ₹7। यह शुल्क हिमसेवा पोर्टल पर उपलब्ध सेवा के अनुसार निर्धारित है। यदि आप लोक मित्र केंद्र (LMK) के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो सरकारी शुल्क के अलावा वहां का निर्धारित सेवा शुल्क भी देना पड़ सकता है।
  • आवेदन निपटान का समय: सामान्य परिस्थितियों में आवेदन जमा होने के बाद दस्तावेजों के सत्यापन सहित पूरी प्रक्रिया लगभग 15 दिनों में पूरी कर दी जाती है। यदि अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो, तो इसमें कुछ अधिक समय लग सकता है।
  • प्रमाण पत्र की वैधता: हिमाचल प्रदेश का ST जाति प्रमाण पत्र सामान्यतः आजीवन मान्य रहता है। यह आपकी पारिवारिक वंशावली (Lineage) और अधिसूचित जनजाति से संबंध के आधार पर जारी किया जाता है, इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसका नवीनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, कुछ भर्ती संस्थान या शैक्षणिक संस्थान हाल ही में जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शर्त रख सकते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित अधिसूचना का पालन करें।
  • प्रमाण पत्र जारी करने वाला अधिकारी: आवेदन का सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्र के उप-मंडल अधिकारी (SDO) या तहसीलदार द्वारा ST जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से हिमाचल प्रदेश ST जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। यदि आपके पास इंटरनेट और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं, तो आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुरू करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों की साफ स्कैन कॉपी तैयार रखें, ताकि बीच में कोई परेशानी न आए।

चरण 1: हिमसेवा पोर्टल पर अपना खाता बनाएं

  1. हिमसेवा पोर्टल खोलें।
  2. यदि पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो नया पंजीकरण (New Registration) विकल्प चुनें।
  3. अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जिला, तहसील और अन्य जरूरी जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें।
  4. यदि आपका पहले से खाता बना हुआ है, तो सीधे अपने यूज़र आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करें।

चरण 2: ST जाति प्रमाण पत्र सेवा चुनें

  1. लॉग इन करने के बाद उपलब्ध सेवाओं की सूची में Application for Caste (SC/ST) Certificate खोजें।
  2. सेवा खोलें और आवेदन शुरू करने से पहले वहां दिए गए निर्देशों तथा पात्रता की शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।

चरण 3: आवेदन फॉर्म भरें

  1. फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, पता, जनजाति (ST) का नाम तथा मांगी गई अन्य जानकारी सही-सही भरें।
  2. यदि आप हट्टी (Hattee) समुदाय से हैं, तो अपने स्थायी निवास से संबंधित जानकारी विशेष सावधानी से भरें, क्योंकि ST का दर्जा केवल सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी क्षेत्र के लिए मान्य है।
  3. फॉर्म आगे बढ़ाने से पहले एक बार पूरी जानकारी जांच लें और सुनिश्चित करें कि सभी विवरण आपके दस्तावेजों से मेल खाते हों।

चरण 4: जरूरी दस्तावेज अपलोड करें

  1. पोर्टल पर बताए गए प्रारूप और आकार के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  2. यह भी जांच लें कि प्रत्येक दस्तावेज साफ दिखाई दे रहा हो और उसमें लिखी जानकारी आसानी से पढ़ी जा सके।

चरण 5: शुल्क जमा करें

  1. ऑनलाइन भुगतान वाले पेज पर जाएं।
  2. निर्धारित ₹7 सरकारी आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें। यदि किसी अधिकृत सेवा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं, तो वहां का सेवा शुल्क अलग से लिया जा सकता है।
  3. भुगतान पूरा होने के बाद उसकी रसीद अपने पास सुरक्षित रखें।

चरण 6: आवेदन जमा करें

  1. एक बार फिर आवेदन में भरी गई सभी जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेज जांच लें।
  2. सब कुछ सही होने पर आवेदन जमा कर दें।
  3. आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आपको आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number - ARN) मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें, क्योंकि आगे आवेदन की स्थिति देखने के लिए इसकी आवश्यकता होगी।

चरण 7: आवेदन की स्थिति देखें और प्रमाण पत्र डाउनलोड करें

  1. आवेदन की स्थिति (Application Status) पेज खोलें।
  2. अपना Application Reference Number (ARN) दर्ज करके आवेदन की वर्तमान स्थिति देखें।
  3. यदि आवेदन के संबंध में कोई महत्वपूर्ण सूचना होगी, तो वह आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी भेजी जा सकती है।
  4. आवेदन स्वीकृत होने के बाद अपने हिमसेवा खाते में लॉग इन करें और डिजिटल हस्ताक्षरित ST जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड कर लें।

सुझाव: आवेदन जमा करने से पहले जनजाति का नाम, पता, व्यक्तिगत जानकारी और अपलोड किए गए दस्तावेजों का एक बार मिलान जरूर कर लें। छोटी-सी गलती भी सत्यापन में देरी का कारण बन सकती है।

लोक मित्र केंद्र (LMK) के माध्यम से ST जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें

यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र (LMK) की सहायता ले सकते हैं। वहां का संचालक आपकी ओर से हिमसेवा पोर्टल पर आवेदन जमा कर देगा।

  1. अपने साथ सभी जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रति और स्वयं सत्यापित फोटोकॉपी लेकर लोक मित्र केंद्र जाएं।
  2. ऑपरेटर को बताएं कि आपको अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना है।
  3. वह आपकी जानकारी पोर्टल पर भरकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करेगा। आवेदन जमा होने से पहले दर्ज की गई जानकारी को ध्यान से पढ़कर पुष्टि करें।
  4. निर्धारित सरकारी शुल्क तथा लोक मित्र केंद्र का सेवा शुल्क जमा करें।
  5. आवेदन पूरा होने के बाद प्राप्ति रसीद या Application Reference Number (ARN) अवश्य लें और उसे सुरक्षित रखें।
  6. प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आप चाहें तो हिमसेवा पोर्टल से स्वयं डाउनलोड कर सकते हैं या फिर उसी लोक मित्र केंद्र से उसकी प्रति प्राप्त कर सकते हैं।

हिमाचल प्रदेश ST जाति प्रमाण पत्र आवेदन की स्थिति कैसे देखें

आवेदन जमा करने के बाद आप उसका स्टेटस घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए आवेदन के समय मिली आवेदन संदर्भ संख्या (Application Reference Number - ARN) अपने पास रखें।

  1. हिमसेवा पोर्टल के आवेदन स्थिति (Application Status) पेज पर जाएं।
  2. दिए गए बॉक्स में अपनी आवेदन संदर्भ संख्या (ARN) या आवेदन संख्या दर्ज करें।
  3. यदि कैप्चा या सुरक्षा जांच दिखाई दे, तो उसे भरें।
  4. इसके बाद Track बटन पर क्लिक करें।
  5. अब स्क्रीन पर आपके आवेदन की वर्तमान स्थिति दिखाई देगी, जैसे कि आवेदन जांच के लिए लंबित है, सत्यापन चल रहा है, स्वीकृत हो गया है या प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया है।

यदि आवेदन के दौरान आपने मोबाइल नंबर दर्ज किया था, तो प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरणों की जानकारी SMS के माध्यम से भी मिल सकती है।

जारी किए गए ST जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन और डाउनलोड कैसे करें

प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आप उसकी सत्यता भी जांच सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसकी डिजिटल प्रति डाउनलोड भी कर सकते हैं।

ST जाति प्रमाण पत्र का सत्यापन करें

  1. हिमसेवा पोर्टल के प्रमाण पत्र सत्यापन (Certificate Verification) पेज पर जाएं।
  2. सेवाओं की सूची में Application for Caste (SC/ST) Certificate विकल्प चुनें।
  3. अपना प्रमाण पत्र संख्या (Certificate Number) या आवेदन संख्या (Application Number) दर्ज करें।
  4. कैप्चा भरने के बाद Verify पर क्लिक करें।
  5. यदि प्रमाण पत्र वैध होगा, तो उससे संबंधित विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा।

ST जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड करें

  1. हिमसेवा पोर्टल पर अपने खाते में लॉग इन करें।
  2. Approved Applications या Issued Certificates अनुभाग खोलें।
  3. सूची में अपना अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र चुनें।
  4. Download विकल्प पर क्लिक करके डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र अपने डिवाइस में सुरक्षित कर लें।

हिमसेवा पोर्टल से जारी किया गया डिजिटल हस्ताक्षरित ST जाति प्रमाण पत्र ऑनलाइन सत्यापित किया जा सकता है। जहां डिजिटल प्रमाण पत्र स्वीकार किए जाते हैं, वहां इसकी प्रिंट कॉपी भी सामान्यतः मान्य होती है। यदि किसी विभाग ने विशेष प्रारूप या मूल प्रति मांगी हो, तो उसी के अनुसार दस्तावेज प्रस्तुत करें।

हेल्पलाइन और संपर्क विवरण

यदि आवेदन करने, दस्तावेजों के सत्यापन, आवेदन की स्थिति या प्रमाण पत्र डाउनलोड करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो नीचे दिए गए आधिकारिक माध्यमों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

  • हिमसेवा पोर्टल: himseva.hp.gov.in
  • हिमाचल प्रदेश जनजातीय विकास विभाग: tribal.hp.gov.in
  • संबंधित प्राधिकारी: अपने क्षेत्र के उप-मंडल अधिकारी (SDO) या तहसीलदार कार्यालय से संपर्क करें।
  • ऑफलाइन सहायता: यदि ऑनलाइन प्रक्रिया समझने में कठिनाई हो, तो अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र (LMK) जाकर आवेदन, आवेदन की स्थिति और प्रमाण पत्र डाउनलोड कराने में सहायता ले सकते हैं।

Frequently Asked Questions

हिमाचल प्रदेश का कोई भी पात्र स्थायी निवासी (Bonafide Resident), जिसकी जनजाति संविधान (अनुसूचित जनजातियाँ) आदेश, 1950 के तहत राज्य के लिए अधिसूचित अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल है, ST जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन से पहले सभी पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के लिए 11 अनुसूचित जनजाति (ST) समुदाय अधिसूचित हैं। इनमें भोट/बोध, गद्दी, गुज्जर, जाड़-लाम्बा-खम्पा, कनौरा/किन्नरा, लाहौला, पंगवाला, स्वांगला, बेटा/बेड़ा, डोम्बा/गारा/जोबा तथा सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी क्षेत्र का हट्टी समुदाय शामिल है।

आप हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसी पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है और प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसकी डिजिटल प्रति भी डाउनलोड की जा सकती है।

वर्तमान सेवा विवरण के अनुसार सरकारी आवेदन शुल्क ₹7 है। यदि आप लोक मित्र केंद्र (LMK) के माध्यम से आवेदन करते हैं, तो वहां निर्धारित सेवा शुल्क अलग से देना पड़ सकता है।

आवेदन जमा होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने पर सामान्यतः 15 दिनों के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। यदि किसी मामले में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।

नहीं। हिमाचल प्रदेश का ST जाति प्रमाण पत्र सामान्यतः आजीवन मान्य रहता है। हालांकि, कुछ सरकारी भर्तियों या शैक्षणिक संस्थानों में हाल ही में जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की शर्त हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित अधिसूचना अवश्य पढ़ें।

हां। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध ST जाति प्रमाण पत्र का उपयोग वहां किया जा सकता है, जहां संबंधित भर्ती, प्रवेश या छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र स्वीकार किया जाता है। अंतिम पात्रता संबंधित विभाग या संस्था के नियमों के अनुसार तय होती है।

नहीं। हट्टी समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा केवल सिरमौर जिले के अधिसूचित ट्रांस गिरी क्षेत्र के निवासियों के लिए ही लागू है। यदि आपका स्थायी निवास इस क्षेत्र के बाहर है, तो केवल हट्टी समुदाय से होने के आधार पर ST प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

हां। ऐसे मामलों में सक्षम प्राधिकारी आपकी जनजातीय पहचान की पुष्टि करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज, स्थानीय जांच या अन्य प्रमाण मांग सकता है। सभी आवश्यक सत्यापन पूरे होने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

हां। यदि आप संबंधित छात्रवृत्ति योजना की पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो National Scholarship Portal (NSP) और अन्य पात्र योजनाओं में आवेदन करते समय इस ST जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर सकते हैं।

नहीं। अनुसूचित जनजाति (ST) की मान्यता किसी धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि संविधान के तहत अधिसूचित जनजाति समुदाय से संबंध रखने पर आधारित होती है। यदि आपकी जनजाति हिमाचल प्रदेश की अधिसूचित ST सूची में शामिल है और आप अन्य पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं।

हां। आप भारत में कहीं से भी हिमसेवा पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, ST जाति प्रमाण पत्र केवल हिमाचल प्रदेश के पात्र स्थायी निवासियों को ही जारी किया जाता है। प्रमाण पत्र जारी करने से पहले संबंधित अधिकारी आपके दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन करेंगे।

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