बिहार में जाति प्रमाण-पत्र बनवाने की प्रक्रिया देश की सबसे सरल और नागरिक-अनुकूल व्यवस्थाओं में गिनी जाती है। अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र के लिए कोई सरकारी शुल्क नहीं लिया जाता और यह एक बार जारी होने के बाद आजीवन वैध रहता है। यदि प्रमाण-पत्र की तत्काल आवश्यकता हो, तो तत्काल सेवा के माध्यम से इसे केवल 2 कार्य दिवस में प्राप्त किया जा सकता है। हालांकि, बिहार की व्यवस्था अन्य राज्यों से काफी अलग है। इसी कारण कई आवेदक यह तय नहीं कर पाते कि आवेदन किस स्तर पर करना है और प्रमाण-पत्र जारी करने का अधिकार किस अधिकारी के पास है।
यह लेख बिहार लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) की आधिकारिक व्यवस्था पर आधारित है। इसमें प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारियों, आवश्यक प्रपत्रों और ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझाया गया है।
बिहार में अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र कौन जारी करता है?
बिहार में अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र अंचल स्तर पर अंचल अधिकारी (Circle Officer) द्वारा जारी किया जाता है। अधिकांश राज्यों में यह जिम्मेदारी तहसीलदार या उप-मंडल अधिकारी (SDM) के पास होती है, लेकिन बिहार में बिहार लोक सेवाओं का अधिकार (RTPS) अधिनियम के तहत इस सेवा के लिए अंचल अधिकारी को नामित प्राधिकारी बनाया गया है।
आवश्यकता के अनुसार बिहार में अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र तीन स्तरों पर जारी किया जाता है।
- अंचल स्तर: यह प्रमाण-पत्र अंचल अधिकारी जारी करते हैं। छात्रवृत्ति, कॉलेज प्रवेश, सरकारी योजनाओं और जाति के सामान्य प्रमाण के लिए अधिकांश मामलों में यही प्रमाण-पत्र पर्याप्त होता है। इसकी निर्धारित निस्तारण अवधि 10 कार्य दिवस है।
- अनुमंडल स्तर: यह प्रमाण-पत्र अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) जारी करते हैं। इसके लिए पहले से जारी अंचल स्तर का जाति प्रमाण-पत्र आधार के रूप में आवश्यक होता है। जब किसी विभाग या संस्था द्वारा उच्च स्तर का प्रमाण-पत्र मांगा जाता है, तब इस स्तर पर आवेदन किया जाता है।
- जिला स्तर: यह प्रमाण-पत्र जिलाधिकारी (DM) जारी करते हैं। इसके लिए पहले से जारी अनुमंडल स्तर का प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।
अधिकांश आवेदकों के लिए अंचल स्तर का जाति प्रमाण-पत्र ही पर्याप्त होता है। फिर भी आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग, भर्ती बोर्ड, शिक्षण संस्थान या योजना के दिशा-निर्देश अवश्य देख लें, ताकि उसी स्तर के प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन किया जाए जिसकी वास्तव में आवश्यकता है।
बिहार अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र की मुख्य जानकारी
- आवेदन शुल्क: बिहार में अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए राज्य सरकार कोई शुल्क नहीं लेती। यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।
- वैधता: एक बार जारी होने के बाद अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र आजीवन मान्य रहता है। बिहार RTPS के नियमों के अनुसार इसकी वैधता समाप्त नहीं होती।
- सामान्य निस्तारण अवधि: अंचल स्तर पर आवेदन का निस्तारण सामान्यतः 10 कार्य दिवस में किया जाता है।
- तत्काल सेवा: यदि तत्काल सेवा का विकल्प चुना जाता है, तो अंचल अधिकारी को प्रमाण-पत्र 2 कार्य दिवस के भीतर जारी करना होता है।
- जाति निर्धारण का नियम: अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा आवेदक के पिता की जाति के आधार पर निर्धारित किया जाता है, न कि पति की जाति के आधार पर। अपने नाम से आवेदन करने वाली विवाहित महिलाओं के लिए यह नियम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
- आवश्यक प्रपत्र: आवेदन के साथ Form-I, Form-II और Form-III संलग्न करने होते हैं। इनमें Form-I आवेदन प्रपत्र, Form-III अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आवेदकों का स्व-घोषणा शपथ-पत्र तथा Form-II आवश्यक संलग्नक प्रपत्र है।
बिहार में अधिसूचित अनुसूचित जातियां (SC)
बिहार में 23 समुदायों को आधिकारिक रूप से अनुसूचित जाति (SC) के रूप में अधिसूचित किया गया है। इनमें चमार तथा उसके समानार्थी समुदाय मोची, रैदास और चरवा के अलावा मुसहर, दुसाध, धोबी, पासी, डोम, हरि (मेहतर, भंगी), नट, राजवार, बौरी, बंतर, भुइयां, भोगता, लालबेगी, हलालखोर, कंजर, ततवा सहित अन्य अधिसूचित समुदाय शामिल हैं।
यदि आपकी जाति बिहार की अनुसूचित जाति सूची में दर्ज है, तो आप जाति प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। अनुसूचित जाति (SC) प्रमाण-पत्र जारी करने में आय का कोई महत्व नहीं होता।
serviceonline.bihar.gov.in पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहार में अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन serviceonline.bihar.gov.in पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। नीचे पूरी प्रक्रिया आसान भाषा में समझाई गई है।
- सबसे पहले serviceonline.bihar.gov.in वेबसाइट खोलें।
- यदि आपने पहले कभी इस पोर्टल का उपयोग नहीं किया है, तो Register Yourself पर क्लिक करके अपना खाता बनाएं। इसके बाद Login ID और Password की सहायता से लॉगिन करें।
- लॉगिन करने के बाद बाईं ओर दिए गए Left Menu में जाएं। वहां संबंधित विभाग चुनें और जाति प्रमाण-पत्र (अनुसूचित जाति - SC) सेवा पर क्लिक करें।
- अब Apply for Service विकल्प चुनें और आवेदन फॉर्म भरना शुरू करें।
- फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही दर्ज करें। इसके बाद वेबकैम से अपनी फोटो लें या मोबाइल अथवा कंप्यूटर में मौजूद फोटो अपलोड करें।
- अब अपना आधार नंबर दर्ज करें। सत्यापन के लिए आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा। यदि मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 12 पहचान दस्तावेजों में से किसी एक का उपयोग भी किया जा सकता है।
- Save Draft पर क्लिक करके आवेदन सुरक्षित करें। इसके बाद Form-II और Form-III सहित सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- एक बार पूरी जानकारी दोबारा जांच लें। यदि सब कुछ सही है, तो Submit पर क्लिक करके आवेदन जमा कर दें।
- आवेदन जमा होने के बाद स्क्रीन पर Acknowledgement (पावती) दिखाई देगी। इसे डाउनलोड करके अपने पास सुरक्षित रखें।
- आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रमाण-पत्र आपके पोर्टल के Inbox में उपलब्ध हो जाएगा। वहां से इसे डाउनलोड कर सकते हैं या आवश्यकता होने पर इसकी प्रति निकाल सकते हैं।
आवेदन की प्रगति से जुड़ी हर जानकारी आपको SMS और ईमेल के माध्यम से भेजी जाती है। इसलिए आवेदन करते समय अपना सही मोबाइल नंबर और ईमेल पता अवश्य दर्ज करें।
RTPS काउंटर से ऑफलाइन आवेदन कैसे करें?
यदि आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है या आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, तो नजदीकी RTPS काउंटर पर जाकर भी अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा ग्राम पंचायत, प्रखंड, अंचल, अनुमंडल और जिला कार्यालयों में उपलब्ध है।
- सबसे पहले अपने नजदीकी RTPS काउंटर पर जाएं।
- Form-I भरें और उसके साथ Form-II तथा Form-III सहित सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।
- सभी दस्तावेज कार्यपालक सहायक के पास जमा करें।
- कार्यपालक सहायक आपकी ओर से serviceonline.bihar.gov.in पोर्टल पर आवेदन दर्ज करेंगे। इसी दौरान आपकी फोटो भी अपलोड की जाएगी।
- इसके बाद आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP के माध्यम से पहचान का सत्यापन किया जाएगा।
- आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आपको पावती दी जाएगी। इसमें आवेदन संख्या और प्रमाण-पत्र जारी होने की संभावित तिथि दर्ज रहेगी।
- इसके बाद संबंधित अधिकारी आपके निवास और जाति से जुड़ी जानकारी का आवश्यक सत्यापन करेंगे।
- प्रमाण-पत्र जारी होने के बाद आप RTPS काउंटर से इसकी मुद्रित प्रति प्राप्त कर सकते हैं या पोर्टल पर लॉगिन करके इसे डाउनलोड भी कर सकते हैं।
तत्काल सेवा से 2 कार्य दिवस में जाति प्रमाण-पत्र कैसे मिलेगा?
यदि आपको अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र की तुरंत आवश्यकता है, तो बिहार RTPS की तत्काल सेवा का लाभ लिया जा सकता है। इस व्यवस्था के तहत अंचल अधिकारी को आवेदन प्राप्त होने की तारीख से 2 कार्य दिवस के भीतर प्रमाण-पत्र जारी करना होता है। इतनी कम समय सीमा में सेवा उपलब्ध कराने वाले राज्यों में बिहार प्रमुख है।
तत्काल सेवा केवल अंचल स्तर के आवेदन के लिए उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन करते समय serviceonline.bihar.gov.in पोर्टल पर या RTPS काउंटर के माध्यम से आवेदन करते समय इस सेवा का विकल्प चुना जा सकता है। आवेदन करने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि सत्यापन और प्रमाण-पत्र जारी होने की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी हो सके।
आवेदन की स्थिति कैसे देखें और प्रमाण-पत्र कैसे डाउनलोड करें?
आवेदन जमा करने के बाद serviceonline.bihar.gov.in पर अपने खाते में लॉगिन करके किसी भी समय आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है। आवेदन के प्रत्येक चरण की जानकारी आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर और ईमेल पर SMS तथा ईमेल के माध्यम से भेजी जाती है।
अंचल अधिकारी द्वारा डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र जारी होते ही वह आपके पोर्टल के Inbox में उपलब्ध हो जाता है। वहां से आप इसे डाउनलोड कर सकते हैं या आवश्यकता होने पर इसकी प्रति निकाल सकते हैं। यह डिजिटल प्रमाण-पत्र पूरी तरह वैध होता है। इसके लिए किसी अतिरिक्त मुहर या कार्यालय से अलग से हस्ताक्षर कराने की आवश्यकता नहीं होती।
यदि 10 कार्य दिवस में प्रमाण-पत्र जारी न हो तो क्या करें?
बिहार RTPS अधिनियम के अनुसार अंचल अधिकारी को सामान्य स्थिति में 10 कार्य दिवस के भीतर अनुसूचित जाति (SC) जाति प्रमाण-पत्र जारी करना होता है। यदि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी प्रमाण-पत्र जारी नहीं होता, तो आप RTPS की अपील व्यवस्था का उपयोग कर सकते हैं।
- पहली अपील: अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के समक्ष की जाती है। उन्हें 15 कार्य दिवस के भीतर अपील का निस्तारण करना होता है।
- पुनरीक्षण: यदि आवश्यकता हो, तो मामला जिलाधिकारी (DM) के समक्ष ले जाया जा सकता है। उन्हें भी 15 कार्य दिवस के भीतर निर्णय देना होता है।
अपील दर्ज करने के लिए rtpsappeal.bihar.gov.in पोर्टल का उपयोग करें। आवेदन करते समय मिली पावती संख्या (Acknowledgement Number) अपने पास रखें, क्योंकि अपील दर्ज करते समय इसकी आवश्यकता पड़ती है।
बिहार SC जाति प्रमाण-पत्र के लाभ
- बिहार सरकार की नौकरियों में अनुसूचित जाति (SC) के लिए निर्धारित आरक्षण का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
- केंद्र सरकार की नौकरियों और सेवाओं में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए उपलब्ध 15% आरक्षण का लाभ मिलता है।
- बिहार के सरकारी कॉलेजों तथा इंजीनियरिंग, मेडिकल और विधि शिक्षण संस्थानों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश का अवसर मिलता है।
- National Scholarship Portal के माध्यम से प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन किया जा सकता है।
- राज्य के सरकारी शिक्षण संस्थानों में शुल्क में छूट तथा शुल्क माफी जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।
- राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकतम 5 वर्ष तक की आयु सीमा में छूट उपलब्ध होती है।
- सरकारी आवास तथा अनुसूचित जाति परिवारों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में प्राथमिकता मिल सकती है।
- Ministry of Social Justice and Empowerment द्वारा संचालित अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है।
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