द्वारा shahrukh
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उत्तराखण्ड में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र सामान्य (अनारक्षित) वर्ग के उन पात्र परिवारों को जारी किया जाता है, जो सरकार द्वारा निर्धारित आय और संपत्ति संबंधी शर्तों को पूरा करते हैं। यह प्रमाण पत्र संबंधित तहसील के तहसीलदार द्वारा जारी किया जाता है और इसके लिए आवेदन उत्तराखण्ड सरकार के आधिकारिक अपुणि सरकार e-Services पोर्टल (eservices.uk.gov.in) के माध्यम से किया जा सकता है।

वैध EWS प्रमाण पत्र होने पर पात्र अभ्यर्थी केंद्र और उत्तराखण्ड सरकार की नौकरियों, UKPSC (उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग), UKSSSC की भर्तियों, IIT, NIT, केंद्रीय विश्वविद्यालयों, NEET की अखिल भारतीय कोटा (All India Quota) सीटों तथा अन्य सरकारी सेवाओं और योजनाओं में 10% EWS आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। यदि आवेदन से जुड़ी किसी प्रकार की तकनीकी सहायता की आवश्यकता हो, तो अपुणि सरकार पोर्टल के हेल्पडेस्क ईमेल [email protected] पर संपर्क किया जा सकता है।

उत्तराखण्ड EWS प्रमाण पत्र के लिए पात्रता

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र केवल उन्हीं आवेदकों को जारी किया जाता है, जो सरकार द्वारा निर्धारित आय, संपत्ति और श्रेणी से संबंधित सभी शर्तों को पूरा करते हों। आवेदन करने से पहले नीचे दिए गए पात्रता मानदंड अवश्य जांच लें।

  • आवेदक उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा सामान्य (अनारक्षित) वर्ग से संबंधित होना चाहिए। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आवेदक इस प्रमाण पत्र के लिए पात्र नहीं हैं।
  • आवेदन से पहले वाले वित्तीय वर्ष में परिवार की सभी स्रोतों से कुल सकल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। इसमें वेतन, कृषि, व्यापार, व्यवसाय, किराया और अन्य सभी प्रकार की आय शामिल की जाती है।
  • परिवार के स्वामित्व में 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।
  • परिवार के किसी सदस्य के नाम 1,000 वर्ग फुट या उससे बड़ा आवासीय फ्लैट नहीं होना चाहिए।
  • यदि परिवार के पास अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र में आवासीय भूखंड है, तो उसका क्षेत्रफल 100 वर्ग गज से कम होना चाहिए।
  • यदि आवासीय भूखंड अधिसूचित नगरपालिका क्षेत्र के बाहर स्थित है, तो उसका क्षेत्रफल 200 वर्ग गज से कम होना चाहिए।

ध्यान दें: EWS प्रमाण पत्र जारी करने के लिए केवल आय सीमा ही नहीं देखी जाती, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित सभी संपत्ति संबंधी शर्तों का पूरा होना भी आवश्यक है। यहां परिवार में आवेदक, उसके माता-पिता, पति या पत्नी, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे तथा 18 वर्ष से कम आयु के अविवाहित भाई-बहन शामिल किए जाते हैं। परिवार की आय का आकलन हमेशा सकल (Gross) आय के आधार पर किया जाता है।

लेखपाल की भूमिका: EWS आवेदन का फील्ड सत्यापन कैसे होता है?

उत्तराखण्ड में गांव स्तर पर राजस्व अभिलेखों का रखरखाव और राजस्व संबंधी मामलों का प्रारंभिक सत्यापन लेखपाल करते हैं। कई राज्यों में इस पद को पटवारी कहा जाता है, लेकिन उत्तराखण्ड में इन्हें लेखपाल के नाम से जाना जाता है।

जब आप EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते हैं, तो संबंधित तहसीलदार आवेदन की जांच के लिए उसे लेखपाल के पास भेजते हैं। इसके बाद लेखपाल आवेदक की आय, भूमि स्वामित्व, निवास और अन्य आवश्यक विवरणों का स्थानीय स्तर पर सत्यापन करते हैं। सत्यापन पूरा होने के बाद अपनी रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी जाती है। इसी रिपोर्ट के आधार पर EWS प्रमाण पत्र जारी करने का अंतिम निर्णय लिया जाता है।

EWS प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास तैयार रखें। दस्तावेज स्पष्ट होने चाहिए और पोर्टल पर अपलोड करने के लिए PDF या JPG प्रारूप में होने चाहिए।

  • आधार कार्ड: आवेदक की पहचान के लिए।
  • पासपोर्ट आकार का फोटो: JPG प्रारूप में 20 KB से 50 KB के बीच हाल ही में खींचा गया रंगीन फोटो।
  • आय संबंधी प्रमाण: नौकरीपेशा आवेदकों के लिए वेतन प्रमाण पत्र, आयकर रिटर्न (ITR) अथवा किसानों और स्वरोजगार करने वाले आवेदकों के लिए स्व-घोषणा के साथ आय संबंधी दस्तावेज।
  • खतौनी: यह उत्तराखण्ड का आधिकारिक भूमि स्वामित्व अभिलेख है, जिसमें भूमि स्वामी का नाम, खसरा संख्या और भूमि का विवरण दर्ज रहता है। इसे bhulekh.uk.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है। यदि आपके नाम कृषि भूमि नहीं है, तो इसके संबंध में स्व-घोषणा पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है।
  • खसरा: भूमि के सर्वे नंबर, क्षेत्रफल और अन्य विवरण दर्शाने वाला अभिलेख। इसे भी bhulekh.uk.gov.in से प्राप्त किया जा सकता है।
  • संपत्ति संबंधी दस्तावेज: यदि परिवार के किसी सदस्य के नाम आवासीय संपत्ति है, तो उसका पंजीकृत दस्तावेज या संपत्ति कर (Property Tax) की रसीद, जिसमें संपत्ति का क्षेत्रफल दर्ज हो। यदि कोई आवासीय संपत्ति नहीं है, तो इसका उल्लेख स्व-घोषणा पत्र में करें।
  • निवास का प्रमाण: मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या आधार कार्ड, जिसमें उत्तराखण्ड का पता दर्ज हो।
  • परिवार रजिस्टर की नकल: ग्राम प्रधान द्वारा प्रमाणित परिवार रजिस्टर की प्रति। ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए यह परिवार और निवास संबंधी जानकारी के सत्यापन में सहायक दस्तावेज माना जाता है।
  • पैन कार्ड: आवेदक तथा परिवार के उन सदस्यों का पैन कार्ड, जिनकी आय परिवार की कुल आय में शामिल की जाती है।
  • स्व-घोषणा शपथ पत्र: ऐसा शपथ पत्र जिसमें यह घोषणा की गई हो कि परिवार की कुल सकल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है और परिवार सरकार द्वारा निर्धारित सभी संपत्ति संबंधी मानदंडों का पालन करता है।

पहला तरीका: अपुणि सरकार पोर्टल से EWS प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन

यदि आप घर बैठे EWS प्रमाण पत्र बनवाना चाहते हैं, तो उत्तराखण्ड सरकार के अपुणि सरकार e-Services पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

चरण 1: पोर्टल पर अपना खाता बनाएं

  1. eservices.uk.gov.in खोलें।
  2. अपुणि सरकार पोर्टल में जाकर पर्सनल लॉगिन चुनें।
  3. यहां पंजीकरण करें (Sign Up Here) विकल्प पर क्लिक करें।
  4. अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्मतिथि, जिला, तहसील और अन्य मांगी गई जानकारी भरकर पंजीकरण पूरा करें।
  5. पंजीकरण सफल होने पर आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर User ID और पासवर्ड SMS के माध्यम से भेज दिए जाएंगे।

चरण 2: EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भरें

  1. मिले हुए User ID और पासवर्ड से पोर्टल में लॉगिन करें।
  2. नई सेवा के लिए आवेदन करें (Request New Application) विकल्प चुनें।
  3. विभागों की सूची में राजस्व विभाग का चयन करें।
  4. अब आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र सेवा चुनें।
  5. आवेदन पत्र में अपना नाम, पता, जिला, तहसील, परिवार का विवरण तथा मांगी गई अन्य व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करें।
  6. परिवार की कुल वार्षिक आय और कृषि भूमि, आवासीय भूखंड तथा अन्य संपत्ति से संबंधित विवरण सही-सही भरें।
  7. सभी आवश्यक दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।
  8. ₹30 का निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करें।
  9. सभी जानकारी जांचने के बाद आवेदन जमा कर दें। सफलतापूर्वक आवेदन जमा होने पर आपको एक आवेदन संख्या (Application Number) प्राप्त होगी। इसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

चरण 3: आवेदन का सत्यापन और प्रमाण पत्र जारी होना

  1. आवेदन संबंधित तहसीलदार के पास पहुंचता है।
  2. तहसीलदार आवश्यक जांच के लिए आवेदन को संबंधित लेखपाल के पास भेजते हैं।
  3. लेखपाल स्थानीय स्तर पर आय, भूमि अभिलेख, निवास तथा अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन करते हैं।
  4. सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तहसीलदार आवेदन पर अंतिम निर्णय लेते हैं।
  5. प्रमाण पत्र जारी होने पर आपको SMS के माध्यम से सूचना भेज दी जाती है। इसके बाद पोर्टल में लॉगिन करके डिजिटल हस्ताक्षरित EWS प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।

दूसरा तरीका: अपुणि सरकार मोबाइल ऐप से EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन

यदि आप कंप्यूटर की बजाय मोबाइल फोन से आवेदन करना चाहते हैं, तो उत्तराखण्ड सरकार के अपुणि सरकार मोबाइल ऐप का उपयोग कर सकते हैं। इस ऐप के माध्यम से नई सेवाओं के लिए आवेदन करना, आवेदन की स्थिति देखना और जारी प्रमाण पत्र डाउनलोड करना आसान हो जाता है।

मोबाइल ऐप डाउनलोड करें:

  1. अपने मोबाइल में अपुणि सरकार ऐप इंस्टॉल करके खोलें।
  2. यदि आपका खाता पहले से बना है, तो User ID और पासवर्ड से लॉगिन करें। नए उपयोगकर्ता पहले पंजीकरण पूरा करें।
  3. राजस्व विभाग के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र सेवा का चयन करें।
  4. आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  5. ₹30 का निर्धारित शुल्क ऑनलाइन जमा करके आवेदन सबमिट कर दें।
  6. आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने पर आपको आवेदन संख्या प्राप्त होगी। इसी संख्या की मदद से बाद में आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।
  7. प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसी ऐप में लॉगिन करके डिजिटल हस्ताक्षरित EWS प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।

तीसरा तरीका: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आवेदन

  1. अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जाएं।
  2. CSC संचालक को बताएं कि आपको EWS प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना है।
  3. संचालक अपुणि सरकार पोर्टल के माध्यम से आपकी ओर से आवेदन भरेंगे और सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करेंगे।
  4. सरकारी शुल्क ₹30 तथा CSC का निर्धारित सेवा शुल्क जमा करें।
  5. आवेदन जमा होने के बाद आवेदन संख्या वाली रसीद प्राप्त करें और उसे सुरक्षित रखें।
  6. प्रमाण पत्र जारी होने पर CSC केंद्र से उसकी प्रति प्राप्त कर सकते हैं या स्वयं पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं।

चौथा तरीका: तहसील कार्यालय के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन

  1. अपने क्षेत्र के तहसीलदार कार्यालय या आवश्यकता होने पर SDM कार्यालय जाएं।
  2. EWS प्रमाण पत्र का आवेदन पत्र प्राप्त करके उसमें मांगी गई सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।
  3. आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें।
  4. भरा हुआ आवेदन संबंधित काउंटर पर जमा करें और रसीद प्राप्त करें।
  5. इसके बाद आवेदन का सत्यापन लेखपाल द्वारा किया जाएगा।
  6. सत्यापन पूरा होने और तहसीलदार की स्वीकृति मिलने पर EWS प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
  7. प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आप इसे अपुणि सरकार पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं या संबंधित कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क और प्रमाण पत्र जारी होने में लगने वाला समय

  • सरकारी शुल्क: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र के लिए ₹30 का निर्धारित शुल्क देना होता है। ऑनलाइन आवेदन करते समय इसका भुगतान पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन माध्यमों से किया जा सकता है।
  • CSC सेवा शुल्क: यदि आवेदन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से कराया जाता है, तो सरकारी शुल्क के अतिरिक्त CSC संचालक अपना निर्धारित सेवा शुल्क भी ले सकता है। आवेदन जमा करने से पहले कुल देय राशि की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
  • ऑफलाइन आवेदन: तहसील कार्यालय के माध्यम से आवेदन करने पर लागू शुल्क और भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी संबंधित काउंटर से प्राप्त की जा सकती है।
  • प्रमाण पत्र जारी होने का समय: सामान्यतः आवेदन प्राप्त होने के बाद लगभग 15 कार्य दिवस के भीतर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है। इस दौरान लेखपाल द्वारा स्थानीय सत्यापन और तहसीलदार द्वारा अंतिम जांच पूरी की जाती है।
  • देरी होने पर क्या करें: यदि निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी आवेदन पर कोई प्रगति दिखाई न दे, तो अपनी आवेदन संख्या के साथ संबंधित तहसील कार्यालय से संपर्क करें या अपुणि सरकार पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांचें।

उत्तराखण्ड EWS प्रमाण पत्र की वैधता

उत्तराखण्ड में जारी EWS प्रमाण पत्र स्थायी नहीं होता। इसकी वैधता सामान्यतः एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) तक रहती है। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने पर, पिछले वित्तीय वर्ष की आय के आधार पर नया आवेदन करके प्रमाण पत्र दोबारा बनवाना होता है।

यदि आप UKPSC, UKSSSC, NEET, JEE, केंद्रीय विश्वविद्यालयों या अन्य भर्ती एवं प्रवेश प्रक्रियाओं में EWS आरक्षण का लाभ लेना चाहते हैं, तो संबंधित अधिसूचना में प्रमाण पत्र की वैधता से जुड़ी शर्तों को अवश्य जांच लें। कई संस्थान केवल निर्धारित अवधि के भीतर जारी EWS प्रमाण पत्र ही स्वीकार करते हैं।

EWS प्रमाण पत्र आवेदन की स्थिति कैसे देखें?

आवेदन जमा करने के बाद उसकी वर्तमान स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. eservices.uk.gov.in पर जाएं।
  2. आवेदन की स्थिति जानें (Know Application Status) विकल्प चुनें।
  3. अपनी आवेदन संख्या दर्ज करके खोजें (Search) पर क्लिक करें।
  4. इसके बाद स्क्रीन पर आवेदन की नवीनतम स्थिति दिखाई देगी। यहां यह भी देखा जा सकता है कि आवेदन लेखपाल के सत्यापन में है, तहसीलदार के पास लंबित है, स्वीकृत हो चुका है या किसी कारणवश अस्वीकृत किया गया है।

यदि आपने पोर्टल पर लॉगिन किया है, तो Application History (आवेदन इतिहास) अनुभाग में जाकर भी अपने सभी आवेदनों की स्थिति देख सकते हैं। आवेदन की प्रगति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी समय-समय पर SMS के माध्यम से भी भेजी जाती है।

EWS प्रमाण पत्र डाउनलोड कैसे करें?

प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसकी डिजिटल प्रति अपुणि सरकार पोर्टल से डाउनलोड की जा सकती है।

  1. eservices.uk.gov.in खोलें।
  2. प्रमाण पत्र डाउनलोड करें (Download Certificates) विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP भेजें (Send OTP) पर क्लिक करें।
  4. मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करके सत्यापन पूरा करें।
  5. सत्यापन के बाद आपके मोबाइल नंबर से जुड़े जारी प्रमाण पत्रों की सूची दिखाई देगी।
  6. उस सूची में से EWS प्रमाण पत्र चुनें और डाउनलोड पर क्लिक करें। इसके बाद डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त PDF प्रमाण पत्र आपके डिवाइस में सुरक्षित हो जाएगा।

यदि आपके पास पंजीकृत मोबाइल नंबर उपलब्ध है, तो केवल OTP सत्यापन के माध्यम से भी प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए अलग से पोर्टल में लॉगिन करना आवश्यक नहीं है।

Frequently Asked Questions

उत्तराखण्ड में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाण पत्र के लिए आवेदन राज्य सरकार के आधिकारिक अपुणि सरकार e-Services पोर्टल eservices.uk.gov.in के माध्यम से किया जाता है। यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, तो किसी भी अधिकृत कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की सहायता भी ले सकते हैं।

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित लेखपाल स्थानीय स्तर पर आय, भूमि और निवास से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करते हैं। उनकी रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित तहसीलदार आवेदन की समीक्षा करके प्रमाण पत्र जारी करने या अस्वीकार करने का निर्णय लेते हैं।

यदि आपके या आपके परिवार के नाम कृषि भूमि दर्ज है, तो भूमि का विवरण साबित करने के लिए खतौनी मांगी जा सकती है। यदि परिवार के पास कृषि भूमि नहीं है, तो विभाग के निर्देशानुसार स्व-घोषणा पत्र या अन्य स्वीकार्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं।

EWS प्रमाण पत्र के लिए ₹30 का सरकारी शुल्क निर्धारित है। यदि आवेदन CSC के माध्यम से किया जाता है, तो केंद्र द्वारा निर्धारित अतिरिक्त सेवा शुल्क भी देना पड़ सकता है।

प्रमाण पत्र जारी होने के बाद eservices.uk.gov.in पर उपलब्ध Download Certificates सुविधा का उपयोग करके इसे डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से सत्यापन करना होता है।

सामान्य परिस्थितियों में आवेदन प्राप्त होने के बाद लगभग 15 कार्य दिवस के भीतर प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। यदि दस्तावेजों की अतिरिक्त जांच या स्थानीय सत्यापन की आवश्यकता हो, तो इसमें कुछ और समय लग सकता है।

हाँ। यदि प्रमाण पत्र केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित EWS नियमों के अनुरूप जारी किया गया है, तो इसका उपयोग केंद्र सरकार की भर्तियों, केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य पात्र सेवाओं में EWS आरक्षण का लाभ लेने के लिए किया जा सकता है। संबंधित भर्ती या प्रवेश अधिसूचना में दिए गए नियम अवश्य देखें।

यदि आप उत्तराखण्ड के स्थायी निवासी हैं और निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, तो आप आवेदन कर सकते हैं। प्रमाण पत्र संबंधित तहसीलदार द्वारा आपके उत्तराखण्ड के स्थायी पते के आधार पर जारी किया जाएगा।

परिवार रजिस्टर की नकल ग्राम पंचायत के अभिलेखों पर आधारित प्रमाणित प्रति होती है, जिसमें परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों में EWS आवेदन के दौरान परिवार और निवास संबंधी जानकारी के सत्यापन के लिए यह दस्तावेज उपयोगी माना जाता है।

हाँ। आप अपुणि सरकार पोर्टल को मोबाइल ब्राउज़र में खोलकर या उत्तराखण्ड सरकार के अपुणि सरकार मोबाइल ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति देखना और प्रमाण पत्र डाउनलोड करना भी मोबाइल से संभव है।

सबसे पहले पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखकर अस्वीकृति का कारण जांचें। यदि कोई दस्तावेज अधूरा है या जानकारी में त्रुटि है, तो उसे ठीक करके नया आवेदन किया जा सकता है। यदि आपको लगता है कि आवेदन बिना उचित कारण के अस्वीकार हुआ है, तो अपनी आवेदन संख्या के साथ संबंधित तहसील कार्यालय में संपर्क करके आवश्यक स्पष्टीकरण प्राप्त करें।

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