स्वतंत्र गाइड · यह आयकर विभाग, Protean या UTIITSL नहीं है · हम कभी आपका पैन, आधार नंबर या OTP नहीं माँगते।

पैन कहाँ ज़रूरी है, और न देने पर क्या होता है?

1 अप्रैल 2026 से आयकर नियम, 2026 का नियम 159 ऐसे 16 लेन-देन बताता है जिनमें पैन देना ज़रूरी है। जैसे: बैंक खाता खोलना, साल में ₹10 लाख या उससे ज़्यादा नकद जमा, ₹20 लाख से ज़्यादा की प्रॉपर्टी और ₹5 लाख से ज़्यादा की गाड़ी। पैन न देने पर आम तौर पर ज़्यादा दर से टैक्स कटता है, और ₹10,000 का जुर्माना लग सकता है।

नियम
नियम 159, आयकर नियम, 2026
लेन-देन
16 लिस्ट में
पैन नहीं?
6 के लिए फ़ॉर्म 97
बिना पैन TDS
आम तौर पर 20% या ज़्यादा
जुर्माना
हर चूक पर ₹10,000 (धारा 467)
इस पेज पर
  1. 16 लेन-देन और उनकी सीमाएँ
  2. आप क्या कर रहे हैं? (फ़ाइंडर)
  3. किसे पैन नहीं देना होता
  4. फ़ॉर्म 97 और उसकी सीमाएँ
  5. बिना पैन क्या होता है
  6. ग़लत या पैन न देने पर जुर्माना
  7. बैंक, नकद और निवेश
  8. बड़े लेन-देन से पहले
  9. पैन नहीं है? जल्दी बनवाएँ
  10. समस्याएँ और हल
  11. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किन लेन-देन में पैन देना ज़रूरी है?

1 अप्रैल 2026 से यह लिस्ट आयकर नियम, 2026 के नियम 159 में है, जो आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 262 के तहत बना है। यह कुछ बदलावों के साथ पुराने नियम 114B वाला ही काम करता है। नीचे की टेबल ऑफ़िशियल नियम के हिसाब से है। "से ज़्यादा" का मतलब है दी गई रकम से ऊपर।

अगर आपके पास पैन नहीं है, तो आख़िरी कॉलम सबसे ज़रूरी है। कुछ लेन-देन में आप पैन की जगह फ़ॉर्म 97 पर साइन कर सकते हैं। बाकी में पहले पैन के लिए आवेदन करना होगा।

क्रमलेन-देनपैन कब चाहिएपैन न हो तो
1क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन (बैंक, सहकारी बैंक या दूसरी कंपनी/संस्था)हमेशापैन के लिए आवेदन करें
2डीमैट खाता, या कस्टोडियन या SEBI में रजिस्टर्ड बिचौलिये (जैसे ब्रोकर) के पास खाता खोलनाहमेशापैन के लिए आवेदन करें
3RBI के बॉन्ड खरीदने के लिए RBI को भुगतान₹50,000 से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
4म्यूचुअल फ़ंड यूनिट खरीदने के लिए भुगतान₹50,000 से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
5शेयर के अलावा दूसरी सिक्योरिटीज़ की ख़रीद या बिक्रीहर लेन-देन ₹1,00,000 से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
6बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर में नकद जमाएक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
7बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर से नकद निकासीएक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
8रजिस्ट्रेशन वाली मोटर गाड़ी (ट्रैक्टर नहीं) की ख़रीद या बिक्री, मोटरसाइकिल समेत₹5 लाख से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
9अनलिस्टेड कंपनी के शेयर की ख़रीद या बिक्रीहर लेन-देन ₹1,00,000 से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
10किसी कंपनी या संस्था को उसके डिबेंचर या बॉन्ड के लिए भुगतान₹50,000 से ज़्यादापैन के लिए आवेदन करें
11अचल प्रॉपर्टी (ज़मीन, मकान, फ़्लैट) की ख़रीद, बिक्री, गिफ़्ट या जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंटक़ीमत या स्टांप ड्यूटी वैल्यू ₹20 लाख से ज़्यादा₹45 लाख तक फ़ॉर्म 97; ₹45 लाख से ज़्यादा पर पैन के लिए आवेदन करें
12बैंक या सहकारी बैंक में खाता खोलना (टाइम डिपॉज़िट नहीं, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाता नहीं)हमेशाफ़ॉर्म 97
13बैंक, सहकारी बैंक, डाकघर, निधि या RBI में रजिस्टर्ड NBFC में टाइम डिपॉज़िट (FD)एक बार में ₹50,000 से ज़्यादा, या एक वित्त वर्ष में कुल ₹5 लाख से ज़्यादाफ़ॉर्म 97
14बीमा कंपनी के साथ खाता-आधारित संबंध शुरू करना (जीवन या दूसरा बीमा)एक वित्त वर्ष में प्रीमियम ₹50,000 से ज़्यादाफ़ॉर्म 97
15होटल, रेस्टोरेंट, कन्वेंशन सेंटर, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजर के बिल का नकद भुगतानएक बार में ₹1,00,000 से ज़्यादा नकदफ़ॉर्म 97
16सामान या सेवाओं की कोई और ख़रीद-बिक्री (जैसे गहने, उपकरण, यात्रा)हर लेन-देन ₹2,00,000 से ज़्यादाफ़ॉर्म 97

दूसरी तरफ़ का व्यक्ति या कारोबार (बैंक, रजिस्ट्रार, विक्रेता, होटल) यह जाँचता है कि आपने सही पैन दिया है या सही फ़ॉर्म 97 लिया गया है। वह इसे दर्ज करता है और लेन-देन की जानकारी टैक्स विभाग को भेज सकता है।

पैन का नियम सिर्फ़ नियम 159 नहीं है। धारा 262 के तहत, अगर आपकी आय टैक्स-मुक्त सीमा से ज़्यादा है, या आपके कारोबार का टर्नओवर साल में ₹5 लाख पार करने वाला है, तो पैन के लिए आवेदन करना ज़रूरी है। अगर आपको इनकम टैक्स रिटर्न भरना है, तब भी पैन चाहिए। पक्का नहीं कि आपको क्या चाहिए? हमारा पैन विज़ार्ड आज़माएँ।

ज़रूरी

2026 की लिस्ट पुरानी लिस्ट जैसी नहीं है। डेबिट कार्ड, बैंक ड्राफ़्ट और विदेश यात्रा के लिए नकद अब अलग से लिस्ट में नहीं हैं। फिर भी, बड़ी विदेश यात्रा या गहनों की ख़रीद एक लेन-देन में ₹2 लाख से ज़्यादा हो तो क्रम 16 में आ सकती है।

टिप

सीमा लेन-देन की पूरी रकम पर गिनी जाती है, सिर्फ़ नकद हिस्से पर नहीं। अपवाद हैं क्रम 6, 7 और 15, जो नकद के बारे में हैं। कार्ड या UPI से भुगतान करने पर भी प्रॉपर्टी, गाड़ी या क्रम 16 का पैन नियम ख़त्म नहीं होता।

आप क्या कर रहे हैं: पैन चाहिए या फ़ॉर्म 97?

चुनें कि आप क्या करने वाले हैं। फ़ाइंडर बताएगा कि नियम 159 पैन माँगता है, फ़ॉर्म 97 की इजाज़त देता है, या लागू नहीं होता।

आप क्या कर रहे हैंनतीजा
क्रेडिट कार्ड, डीमैट खाता, साल में ₹10 लाख+ नकद, ₹5 लाख से ज़्यादा की गाड़ी, ₹45 लाख से ज़्यादा की प्रॉपर्टी, ₹50,000 से ज़्यादा के म्यूचुअल फ़ंड/बॉन्डपैन देना ही होगा; न हो तो आवेदन करें
सामान्य बैंक खाता, ₹50,000 से ज़्यादा की FD, ₹20–45 लाख की प्रॉपर्टी, ₹50,000 से ज़्यादा प्रीमियम, ₹1 लाख से ज़्यादा का नकद होटल बिल, ₹2 लाख से ज़्यादा का सामानपैन, या योग्य हों तो फ़ॉर्म 97
बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खातानियम 159 के तहत ज़रूरी नहीं; KYC फिर भी होगा
छोटी म्यूचुअल फ़ंड ख़रीदनियम 159 शायद लागू नहीं; SEBI KYC में आम तौर पर पैन चाहिए
सीमा से कम कुछ भीनियम 159 नहीं माँगता; TDS और KYC देखें

किसे पैन नहीं देना होता?

नियम 159 ख़ुद कुछ छूट बताता है:

  • सरकारें और कॉन्सुलेट: केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और कॉन्सुलर दफ़्तरों को पैन नहीं देना होता।
  • अनिवासी: इन्हें सिर्फ़ क्रम 1 (क्रेडिट कार्ड), 3 (RBI बॉन्ड), 15 (होटल और इवेंट के नकद बिल) और 16 (दूसरे सामान और सेवाएँ) में छूट है।
  • नाबालिग: जिस नाबालिग की टैक्स वाली आय नहीं है, वह माता-पिता या अभिभावक का पैन देता है। बच्चे का अपना पैन भी बन सकता है; देखें नाबालिग का पैन।
  • बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाते: ये क्रम 12 से बाहर हैं।
  • IFSC बैंकिंग यूनिट: भारत में टैक्स वाली आय न रखने वाले कुछ अनिवासियों और विदेशी कंपनियों को इंटरनेशनल फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर के बैंकों के साथ लेन-देन में राहत मिलती है।

कंपनियाँ और फ़र्में आम तौर पर फ़ॉर्म 97 नहीं दे सकतीं (सिर्फ़ विदेशी कंपनियों के लिए IFSC वाला एक छोटा अपवाद है)। ये लेन-देन करने वाली कंपनी या फ़र्म का अपना पैन होना चाहिए; देखें कंपनी और फ़र्म का पैन।

फ़ॉर्म 97 क्या है, और कब इस्तेमाल नहीं हो सकता?

फ़ॉर्म 97 उन लोगों का घोषणा-पत्र है जिनके पास पैन नहीं है। 1 अप्रैल 2026 से इसने फ़ॉर्म 60 की जगह ली। आप पैन देने की जगह इसे बैंक, रजिस्ट्रार, विक्रेता या बीमा कंपनी के पास भरते हैं।

फ़ॉर्म 97 कब चलता है

  • सिर्फ़ क्रम 11 से 16 के लिए: ₹45 लाख तक की प्रॉपर्टी, सामान्य बैंक खाता, फ़िक्स्ड डिपॉज़िट, बीमा, होटल या इवेंट के नकद बिल, और दूसरा सामान या सेवाएँ।
  • सिर्फ़ तब, जब आप कंपनी या फ़र्म नहीं हैं।
  • सिर्फ़ तब, जब सच में आपके पास पैन नहीं है। पैन है तो देना ही होगा।
  • क्या आपकी अनुमानित आय टैक्स-मुक्त सीमा से ज़्यादा है? तो फ़ॉर्म के नोट्स (जैसा बैंक इसे छापते हैं) कहते हैं कि आप पैन के लिए आवेदन करें। फ़ॉर्म 97 पर आवेदन की तारीख़ और पावती नंबर लिखें।

फ़ॉर्म 97 कब नहीं चलता

  • क्रम 1 से 10 के लिए (क्रेडिट कार्ड, डीमैट, बॉन्ड, ₹50,000 से ज़्यादा के म्यूचुअल फ़ंड, ₹10 लाख+ नकद, ₹5 लाख से ज़्यादा की गाड़ी, अनलिस्टेड शेयर)। नियम 159 कहता है कि पैन के लिए आवेदन करना होगा।
  • ₹45 लाख से ज़्यादा की प्रॉपर्टी के लिए। पैन के लिए आवेदन करना होगा।

फ़ॉर्म 97 में क्या पूछा जाता है

फ़ॉर्म में (जैसा बैंक इसे छापते हैं) आपका नाम, जन्म तारीख़, पिता का नाम, आधार नंबर, पते, लेन-देन की जानकारी और आपका पहचान व पते का प्रमाण माँगा जाता है। अगर आपने पैन के लिए आवेदन किया है, तो प्रमाण की जगह आवेदन की तारीख़ और पावती नंबर दे सकते हैं। आवेदन वाले फ़ॉर्म 93–96 हमारी फ़ॉर्म गाइड में समझाए गए हैं।

भ्रम

"पैन की जगह हमेशा फ़ॉर्म 97 दे सकते हैं।" यह सच नहीं है। फ़ॉर्म 97 16 में से सिर्फ़ 6 लेन-देन के लिए है, और कंपनी या फ़र्म इसे इस्तेमाल नहीं कर सकती। अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में है, तो पैन के लिए आवेदन भी करना चाहिए। इसमें ग़लत जानकारी देने पर मुक़दमा चल सकता है।

पैन न देने पर क्या होता है?

लेन-देन के नियमों के अलावा, आयकर अधिनियम, 2025 में TDS (स्रोत पर कटने वाला टैक्स) और TCS (स्रोत पर वसूला जाने वाला टैक्स) के लिए अलग नियम है। यह धारा 397(2) है, जो मोटे तौर पर पुरानी धारा 206AA और 206CC वाला काम करती है। जिसे TDS वाली आय मिलती है, या जो TCS वाली रकम चुकाता है, उसे वैध पैन देना होता है।

स्थितिवैध पैन के साथवैध पैन के बिना
ब्याज, डिविडेंड, किराया, कमीशन, प्रोफ़ेशनल फ़ीस और ज़्यादातर दूसरे भुगतानों पर TDSसामान्य दरइनमें से सबसे ज़्यादा: सामान्य दर, लागू दर, या 20%
सामान के ख़रीदार या ई-कॉमर्स ऑपरेटर द्वारा TDSसामान्य दरसामान्य दर, लागू दर या 5% में से सबसे ज़्यादा
TCS (विक्रेता द्वारा वसूला गया टैक्स)सामान्य दरसामान्य दर का दोगुना या 5%, जो ज़्यादा हो, पर 20% से ज़्यादा नहीं
TDS न कटवाने का फ़ॉर्म 121 (पुराना फ़ॉर्म 15G/15H)योग्य हों तो स्वीकारधारा 397 के तहत अमान्य; TDS ज़्यादा दर से कटता है
कम TDS सर्टिफ़िकेट का आवेदनमिल सकता हैसर्टिफ़िकेट नहीं मिलता
किराये पर ज़्यादा दर से TDSसामान्य दरएक महीने के किराये तक सीमित (साल या किरायेदारी के आख़िरी महीने का)

उदाहरण: आपका बैंक FD के ब्याज पर TDS काटता है। अगर बैंक के पास आपका वैध पैन नहीं है, तो कम से कम 20% कटेगा। आपका दिया फ़ॉर्म 121 भी अमान्य होगा। ज़्यादा कटा टैक्स आम तौर पर आयकर रिटर्न में वापस माँगा जा सकता है, और रिटर्न के लिए पैन चाहिए।

निष्क्रिय पैन का क्या?

जिस पैन को आधार से लिंक होना चाहिए था पर नहीं हुआ, वह निष्क्रिय हो जाता है। तब आपको रिफ़ंड नहीं मिलता, उस अवधि के रिफ़ंड पर ब्याज नहीं मिलता, और TDS/TCS ज़्यादा कटता है। ₹1,000 लेट फ़ीस देकर लिंक करने पर 30 दिन के अंदर पैन फिर से चालू हो जाता है। पूरी गाइड पढ़ें: निष्क्रिय पैन: असर और दोबारा चालू करना।

टिप

कुछ अनिवासियों को कुछ भुगतानों पर ज़्यादा TDS से छूट है, जैसे कुछ लंबी अवधि के बॉन्ड पर ब्याज। यह मानने से पहले कि छूट आप पर लागू है, भुगतान करने वाले या टैक्स सलाहकार से पूछें।

पैन न देने या ग़लत पैन देने पर क्या जुर्माना है?

आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 467 धारा 262 (पैन वाली धारा) के उल्लंघन पर लागू होती है। ₹10,000 का जुर्माना लगाया जा सकता है, निर्धारण अधिकारी (AO, आपका टैक्स अधिकारी) द्वारा:

  • धारा 262 का पालन न करने पर, जैसे ज़रूरी होने पर भी पैन के लिए आवेदन न करना;
  • हर चूक पर, जहाँ ज़रूरी है उस दस्तावेज़ में पैन न देने या उसका ऑथेंटिकेशन न करने पर;
  • हर चूक पर, जानबूझकर ग़लत पैन या आधार नंबर देने पर;
  • हर चूक पर, उस प्राप्तकर्ता (बैंक, रजिस्ट्रार, विक्रेता) पर जो यह पक्का नहीं करता कि पैन सही दिया गया।

यानी ₹2 लाख से ज़्यादा के कई बिलों पर पैन न लेने वाले विक्रेता पर कई जुर्माने लग सकते हैं। नोटिस आए तो समय पर जवाब दें और अपने रिकॉर्ड रखें। पक्का न हो तो टैक्स सलाहकार या अपने AO से पूछें; देखें अपना AO कोड जानें।

ज़रूरी

दो पैन रखना मना है। सिर्फ़ वही पैन दें जो आप रख रहे हैं, और फ़ालतू पैन सरेंडर करें: डुप्लिकेट पैन सरेंडर करें।

बैंक, डाकघर और निवेश प्लैटफ़ॉर्म क्या माँगते हैं?

बैंक और डाकघर खाते

सामान्य सेविंग्स या करंट खाते के लिए पैन या फ़ॉर्म 97 चाहिए। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाते इससे बाहर हैं। बैंक आम तौर पर पुराने खातों से भी पैन लिंक करने को कहते हैं; देखें बैंक खाते से पैन लिंक करें।

नकद की सीमाएँ

जब एक वित्त वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में आपकी नकद जमा ₹10 लाख या उससे ज़्यादा हो जाए, तब पैन चाहिए। यही ₹10 लाख वाली शर्त नकद निकासी पर भी है। रकम पूरे वित्त वर्ष में जोड़ी जाती है, चाहे बैंक हो, सहकारी बैंक हो या डाकघर। इनके लिए फ़ॉर्म 97 नहीं चलता।

फ़िक्स्ड डिपॉज़िट और ब्याज

₹50,000 से ज़्यादा, या साल में कुल ₹5 लाख से ज़्यादा के टाइम डिपॉज़िट के लिए पैन या फ़ॉर्म 97 चाहिए। अलग से, अगर पैन नहीं है या अमान्य है, तो TDS सीमा से ऊपर के ब्याज पर ज़्यादा दर से टैक्स कटता है।

म्यूचुअल फ़ंड, शेयर और डीमैट

नियम 159 के तहत डीमैट या ब्रोकिंग खाता खोलने के लिए हमेशा पैन चाहिए। ₹50,000 से ज़्यादा की म्यूचुअल फ़ंड ख़रीद पर भी। SEBI के KYC नियम आम तौर पर सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश के लिए पैन माँगते हैं, कुछ सीमित छूट के साथ। अपना स्टेटस हमारी पैन KYC स्टेटस गाइड में देखें।

टिप

बड़े लेन-देन की जानकारी अक्सर बैंक, रजिस्ट्रार या फ़ंड टैक्स विभाग को भेजते हैं। इनमें से कई e-Filing पोर्टल पर आपके एनुअल इन्फ़ॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) में दिखते हैं। पक्का न हो कि आपके पैन पर क्या दर्ज हुआ, तो इसे देखें। AIS की PDF पासवर्ड से बंद होती है; हमारा फ़ाइल अनलॉक टूल इसे आपके ब्राउज़र में ही खोल देता है।

बड़े लेन-देन से पहले क्या जाँचें?

दो आम रुकावटें हैं: निष्क्रिय पैन, और नाम जो पैन रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता। पहले कुछ मिनट की जाँच बहुत परेशानी बचा सकती है।

बड़े लेन-देन से पहले
  1. टेबल देखें: क्या इस लेन-देन में पैन चाहिए?
  2. क्या आपका पैन चालू (आधार से लिंक) है? नहीं: ₹1,000 फ़ीस देकर लिंक करें और इंतज़ार करें (निष्क्रिय पैन)
  3. e-Filing पर पैन का नाम और जन्म तारीख़ जाँचें
  4. फ़ॉर्म, डीड या बिल पर सही पैन लिखें
  5. पैन वाली रसीद या कॉपी संभालकर रखें
  6. लेन-देन सही पैन के साथ दर्ज
  1. जाँचें कि पैन चाहिए या नहीं

    ऊपर की टेबल में अपना लेन-देन ढूँढें। सीमा देखें और यह भी कि फ़ॉर्म 97 चलता है या नहीं।

    काम हो गया, जब आपको पता हो कि कौन-सा दस्तावेज़ ले जाना है: पैन कार्ड, e-PAN या भरा हुआ फ़ॉर्म 97।

  2. पक्का करें कि पैन चालू है

    e-Filing पोर्टल पर Link Aadhaar Status या Verify PAN Status इस्तेमाल करें। पैन निष्क्रिय हो तो पहले उसे आधार से लिंक करें। देखें पैन को आधार से लिंक करें।

    अगर निष्क्रिय दिखे: ₹1,000 फ़ीस देकर लिंक करें। लिंक करने के 30 दिन के अंदर पैन फिर से चालू होता है, इसलिए पहले से योजना बनाएँ।

  3. नाम और जन्म तारीख़ मिलाएँ

    प्राप्तकर्ता आपके पैन को आपके नाम से मिलाता है। e-Filing पर Verify PAN Status इस्तेमाल करें; इसमें पैन, नाम, जन्म तारीख़ और मोबाइल चाहिए, और यह सिर्फ़ जानकारी दिखाता है। हमारी पैन वेरिफ़ाई गाइड में स्टेप हैं।

    काम हो गया, जब पोर्टल आपका पैन एक्टिव दिखाए और जानकारी मेल खाए।

    अगर नाम अलग है: लेन-देन से पहले फ़ॉर्म CR-01 से ठीक करवाएँ। देखें पैन सुधार। पैन और आधार में स्पेलिंग अलग है? हमारा पैन बनाम आधार नाम जाँच टूल यह फ़र्क़ समझने में मदद करता है।

  4. सही पैन लिखें

    सभी 10 अक्षर साफ़ लिखें। चौथा अक्षर देखें: व्यक्ति के लिए P, कंपनी के लिए C, HUF के लिए H। साझा ख़रीद में आम तौर पर हर ख़रीदार को अपना पैन देना चाहिए।

  5. रसीद संभालकर रखें

    पैन वाला बिल, डीड या खाता फ़ॉर्म रखें। बाद में e-Filing पर अपना AIS देखें कि लेन-देन आपके पैन पर दिख रहा है, किसी और के नहीं।

    काम हो गया, जब आपका TDS फ़ॉर्म 26AS या AIS में आपके पैन पर दिखे।

अभी पैन नहीं है: क्या करें?

अगर आपका लेन-देन क्रम 1–10 में है, या ₹45 लाख से ज़्यादा की प्रॉपर्टी है, तो पैन चाहिए। ज़्यादातर वयस्कों के लिए सबसे तेज़ रास्ता आधार से Instant e-PAN है, जो मुफ़्त है। वरना फ़ॉर्म 93 पर आवेदन करें (छपे कार्ड के साथ ₹107, सिर्फ़ e-PAN ₹72)।

लेन-देन से पहले पैन बनवाना
  1. पक्का करें कि आपका पहले से कोई पैन नहीं है
  2. क्या आपके पास लिंक्ड मोबाइल वाला आधार है? नहीं: Protean या UTIITSL पर फ़ॉर्म 93 से आवेदन करें (आवेदन)
  3. आधार OTP से Instant e-PAN के लिए आवेदन करें
  4. पैन मिलने पर e-PAN डाउनलोड करें
  5. अपने लेन-देन में नया पैन दें
  1. पहले पुराना पैन जाँचें

    पुराने टैक्स रिटर्न, सैलरी स्लिप, बैंक KYC या फ़ॉर्म 16 देखें। दोबारा आवेदन करने से डुप्लिकेट पैन बन जाता है। हमारी अपना पैन जानें गाइड बताती है कि इसे कैसे ढूँढें।

  2. Instant e-PAN या फ़ॉर्म 93 से आवेदन करें

    आधार और लिंक्ड मोबाइल हो तो Instant e-PAN इस्तेमाल करें। वरना नया पैन आवेदन गाइड देखें। अगर लेन-देन रुक नहीं सकता और फ़ॉर्म 97 चलता है, तो फ़ॉर्म 97 पर पैन आवेदन की तारीख़ और पावती नंबर दे सकते हैं।

    अगर Instant e-PAN न चले: अक्सर यह आधार की जानकारी की समस्या होती है, जैसे आधार से कोई मोबाइल नंबर लिंक न होना। आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करें, या फ़ॉर्म 93 से आवेदन करें।

  3. e-PAN डाउनलोड करें और इस्तेमाल करें

    e-PAN डिजिटल साइन वाला इलेक्ट्रॉनिक पैन है और कार्ड जितना ही मान्य है। इसका नंबर बैंक, रजिस्ट्रार या विक्रेता को दें। देखें e-PAN डाउनलोड।

    काम हो गया, जब प्राप्तकर्ता पैन स्वीकार कर ले और वह आपके बिल या खाता फ़ॉर्म पर दिखे।

क्या गड़बड़ हो सकती है, और कैसे ठीक करें?

आपकी स्थितिआम तौर पर इसका मतलबक्या करें
बैंक ने FD ब्याज पर 20% TDS काटारिकॉर्ड में पैन नहीं, या पैन निष्क्रिय हैबैंक को वैध, चालू पैन दें। ज़्यादा कटा TDS रिटर्न में वापस माँगें।
बैंक ने आपका फ़ॉर्म 121 (पुराना 15G/15H) ठुकरायावैध पैन नहीं, या पैन निष्क्रिय हैपैन को आधार से लिंक करें और फिर से जमा करें। वैध पैन के बिना फ़ॉर्म 121 अमान्य है।
सब-रजिस्ट्रार फ़्लैट के लिए फ़ॉर्म 97 नहीं ले रहाक़ीमत ₹45 लाख से ज़्यादा हैपैन के लिए आवेदन करें; ₹45 लाख से ऊपर फ़ॉर्म 97 नहीं चलता।
कार डीलर पैन पर अड़ा हैगाड़ी ₹5 लाख से ज़्यादा की हैपैन दें। गाड़ी के लिए फ़ॉर्म 97 नहीं चलता।
ब्रोकर कहता है "PAN not verified"नाम या जन्म तारीख़ पैन डेटाबेस से मेल नहीं खातीVerify PAN Status से जाँचें; CR-01 से जानकारी सुधारें।
AIS में ऐसी प्रॉपर्टी या जमा दिख रही है जो आपने नहीं कीकिसी ने ग़लती से आपका पैन दिया या उसका ग़लत इस्तेमाल कियाAIS में उस लेन-देन पर फ़ीडबैक दें। धोखाधड़ी लगे तो 1930 पर रिपोर्ट करें।
सुनार ₹2.5 लाख की ख़रीद पर पैन माँग रहा हैक्रम 16: हर लेन-देन ₹2 लाख से ज़्यादापैन दें, या पैन नहीं है और योग्य हैं तो फ़ॉर्म 97 पर साइन करें।
आपने पैन में टाइपो कर दियाTDS या रिपोर्टिंग ग़लत पैन पर जाती हैबैंक या कटौती करने वाले से उनके रिकॉर्ड और TDS स्टेटमेंट में सुधार करवाएँ।
भारत से बाहर रहते हैं?

प्रॉपर्टी और निवेश में NRI और पैन

  • नियम 159 अनिवासियों को सिर्फ़ क्रेडिट कार्ड, RBI बॉन्ड, होटल और इवेंट के नकद बिल, और दूसरे सामान व सेवाओं (क्रम 1, 3, 15 और 16) में छूट देता है।
  • प्रॉपर्टी: भारत में ₹20 लाख से ज़्यादा की ख़रीद या बिक्री पर पैन चाहिए। ₹45 लाख से ऊपर पैन होना ही चाहिए। बिक्री पर आपका ख़रीदार TDS काटता है, और बिना पैन यह आम तौर पर ज़्यादा होता है।
  • सिक्योरिटीज़: NRI डीमैट खाते के लिए हमेशा पैन चाहिए। NRE/NRO निवेश के लिए SEBI KYC और बैंक नियम भी आम तौर पर पैन माँगते हैं।
  • ज़्यादा TDS वाले नियम में अनिवासियों के कुछ भुगतानों के लिए सीमित छूट है। उस पर भरोसा करने से पहले टैक्स सलाहकार से पूछें।
  • अनिवासियों के लिए पैन–आधार लिंक ज़रूरी नहीं है। अगर आपका पैन निष्क्रिय दिखे, तो हो सकता है पैन रिकॉर्ड में अपना रेज़िडेंशियल स्टेटस अपडेट करवाना पड़े। देखें NRI के लिए पैन।

क्षेत्र सही नहीं?

चेतावनी

पैन का ग़लत इस्तेमाल और "जुर्माना" ठगी

  • "आपका पैन ब्लॉक हो जाएगा, अभी जुर्माना भरें" जैसे लिंक वाले मैसेज ख़तरे का संकेत हैं। कोई भी असली नोटिस e-Filing पोर्टल पर ख़ुद लॉग इन करके जाँचें।
  • OTP माँगने वाली किसी भी कॉल या मैसेज को ख़तरे का संकेत मानें। OTP कभी न बताएँ।
  • किसी डीलर या एजेंट को किसी और की ख़रीद के लिए "आपका पैन इस्तेमाल" न करने दें। वह लेन-देन आपके AIS में दिखेगा।
  • पैन की कॉपी सिर्फ़ ज़रूरत पर दें। कॉपी पर मक़सद और तारीख़ लिख दें।
  • पैसे गए या पैन पर अनजान लेन-देन दिखे? तुरंत 1930 पर कॉल करें। पैन धोखाधड़ी गाइड →

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बैंक खाता खोलने के लिए पैन ज़रूरी है?

सामान्य सेविंग्स या करंट खाते के लिए हाँ: पैन दें या, पैन न हो तो फ़ॉर्म 97 पर साइन करें। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाते नियम 159 की लिस्ट से बाहर हैं, हालाँकि KYC फिर भी होता है।

बिना पैन कितना नकद जमा कर सकते हैं?

नियम 159 के तहत, जब बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर में आपकी नकद जमा एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या ज़्यादा हो जाए, तब पैन चाहिए। इसके लिए फ़ॉर्म 97 नहीं चलता। आपका बैंक अपनी नीति के तहत पहले भी पैन माँग सकता है।

क्या सोना या गहने ख़रीदने के लिए पैन चाहिए?

हाँ, अगर एक ख़रीद ₹2 लाख से ज़्यादा की है। यह क्रम 16, सामान की ख़रीद-बिक्री, में आता है। पैन नहीं है और आप योग्य हैं, तो फ़ॉर्म 97 पर साइन कर सकते हैं।

क्या प्रॉपर्टी ख़रीदने के लिए पैन ज़रूरी है?

हाँ, अगर क़ीमत या स्टांप ड्यूटी वैल्यू ₹20 लाख से ज़्यादा है। ₹20 लाख से ₹45 लाख के बीच, बिना पैन वाला योग्य व्यक्ति फ़ॉर्म 97 इस्तेमाल कर सकता है। ₹45 लाख से ऊपर पैन के लिए आवेदन करना होगा।

क्या टू-व्हीलर या कार ख़रीदने के लिए पैन चाहिए?

सिर्फ़ तब, जब गाड़ी ₹5 लाख से ज़्यादा की हो। ट्रैक्टर इसमें नहीं आते। फ़ॉर्म 97 नहीं चलता, इसलिए पैन न हो तो आवेदन करना होगा।

क्या फ़िक्स्ड डिपॉज़िट के लिए पैन ज़रूरी है?

हाँ, ₹50,000 से ज़्यादा के टाइम डिपॉज़िट के लिए, या जब आपके डिपॉज़िट एक वित्त वर्ष में ₹5 लाख पार करें। बिना पैन, योग्य हों तो फ़ॉर्म 97 पर साइन कर सकते हैं, पर अगर ब्याज TDS की सीमा पार करे, तो TDS आम तौर पर 20% कटेगा।

फ़ॉर्म 97 क्या है? क्या यह फ़ॉर्म 60 जैसा ही है?

फ़ॉर्म 97 नियम 159 के तहत बिना पैन वाले लोगों का घोषणा-पत्र है। 1 अप्रैल 2026 से इसने फ़ॉर्म 60 की जगह ली। यह सिर्फ़ क्रम 11 से 16 के लिए है, और कंपनी या फ़र्म के लिए नहीं। आपकी आय टैक्स के दायरे में हो तो पैन के लिए आवेदन करें और फ़ॉर्म पर आवेदन की जानकारी दें।

पैन न देने पर TDS की दर क्या है?

आम तौर पर आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 397(2) के तहत सामान्य दर, लागू दर या 20% में से सबसे ज़्यादा। सामान के ख़रीदार और ई-कॉमर्स ऑपरेटर के TDS में न्यूनतम दर 5% है।

क्या बिना पैन फ़ॉर्म 15G या 15H जमा कर सकते हैं?

फ़ॉर्म 15G और 15H को मिलाकर अब फ़ॉर्म 121 बना है। ऑफ़िशियल फ़ॉर्म 121 FAQ में वैध, चालू पैन को ज़रूरी बताया गया है। धारा 397 के तहत पैन के बिना यह घोषणा अमान्य है, इसलिए TDS ज़्यादा दर से कटता है।

पैन न देने पर क्या जुर्माना है?

आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 467 के तहत हर चूक पर ₹10,000 का जुर्माना लग सकता है। यह ग़लत पैन देने पर भी लागू है, और उन प्राप्तकर्ताओं पर भी जो पैन सही दिया जाना पक्का नहीं करते।

क्या क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के लिए पैन चाहिए?

नियम 159 के तहत क्रेडिट कार्ड के आवेदन में हमेशा पैन चाहिए। डेबिट कार्ड 2026 की लिस्ट में नहीं है, पर आपका बैंक खाते के लिए फिर भी पैन माँग सकता है।

क्या मेरा बच्चा मेरा पैन इस्तेमाल कर सकता है?

जिस नाबालिग की टैक्स वाली आय नहीं है, वह इन लेन-देन में माता-पिता या अभिभावक का पैन देता है। ज़रूरत हो तो बच्चे का अपना पैन भी बन सकता है।

आख़िरी बात

किसी भी बड़े लेन-देन से पहले नियम 159 की टेबल देखें। पक्का करें कि आपका पैन चालू है और आपके नाम से मेल खाता है। फ़ॉर्म 97 सिर्फ़ वहीं इस्तेमाल करें जहाँ इसकी इजाज़त है; वरना पहले Instant e-PAN बनवाएँ। पैन न होने का मतलब है ज़्यादा TDS और ₹10,000 तक का संभावित जुर्माना। पैन से जुड़ी मदद के लिए Protean को 020-27218080 या e-Filing को 1800 103 0025 पर कॉल करें।

स्रोत

  1. आयकर विभाग – नियम 159, आयकर नियम, 2026 (लेन-देन, सीमाएँ, फ़ॉर्म 97) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  2. आयकर विभाग – धारा 397, आयकर अधिनियम, 2025 (बिना पैन ज़्यादा TDS/TCS) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  3. आयकर विभाग – धारा 397 के तहत ज़्यादा TDS पर FAQ (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  4. आयकर विभाग – धारा 467, आयकर अधिनियम, 2025 (धारा 262 के उल्लंघन पर जुर्माना) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  5. आयकर विभाग – धारा 262, आयकर अधिनियम, 2025 (किसे पैन लेना ज़रूरी है) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  6. आयकर विभाग – फ़ॉर्म 121 FAQ (पहले फ़ॉर्म 15G और 15H) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  7. आयकर विभाग – पैन (फ़ॉर्म, फ़ीस) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  8. फ़ॉर्म नंबर 97 और उसके नोट्स, ग्राहकों के लिए एक बैंक द्वारा प्रकाशित (PDF) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  9. आयकर विभाग – पुराने क़ानून (धारा 206AA) के तहत FAQ: पैन नहीं है, क्या फ़ॉर्म 15G/15H दे सकते हैं? (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  10. SEBI – सर्कुलर: शेयर बाज़ार के सभी लेन-देन में पैन ही एकमात्र पहचान नंबर (2007) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)

पेज का इतिहास: 16 अक्टूबर 2026, पहला वर्शन।

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