स्वतंत्र गाइड · यह आयकर विभाग, Protean या UTIITSL नहीं है · हम कभी आपका पैन, आधार नंबर या OTP नहीं माँगते।
अपने बैंक खाते से पैन कैसे लिंक करें?
बैंक खाते से पैन बैंक के ज़रिए लिंक होता है, आयकर विभाग के ज़रिए नहीं। कई बैंक नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में पैन जोड़ने देते हैं। नहीं तो अपनी ब्रांच में पैन की स्व-सत्यापित कॉपी दें। इनकम टैक्स रिफ़ंड के लिए e-Filing पोर्टल पर खाता जोड़कर प्री-वैलिडेट भी करें। कोई सरकारी फ़ीस नहीं है।
- फ़ीस
- कोई सरकारी फ़ीस नहीं
- कहाँ
- नेट बैंकिंग, ऐप या ब्रांच
- ज़रूरी
- पैन कार्ड या e-PAN की कॉपी
- समय
- बैंक पर निर्भर
- रिफ़ंड के लिए
- e-Filing पर प्री-वैलिडेट
इस पेज पर
पैन और बैंक को लेकर आपको क्या करना है?
अपनी स्थिति चुनें। फ़ाइंडर आपको इसी पेज पर सही स्टेप्स तक ले जाएगा।
| आपकी स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| नया खाता खोल रहे हैं और पैन है | खाते के फ़ॉर्म पर पैन लिखें |
| नया BSBD खाता, पैन नहीं | रूल 159 में पैन ज़रूरी नहीं; KYC फिर भी होगा |
| नया सामान्य खाता, पैन नहीं | फ़ॉर्म 97 भरें |
| पुराना खाता, नेट बैंकिंग या ऐप इस्तेमाल करते हैं | ऑनलाइन पैन अपडेट करें |
| पुराना खाता, ऑनलाइन विकल्प नहीं | पैन की कॉपी लेकर ब्रांच जाएँ |
| टैक्स रिफ़ंड इसी खाते में चाहिए | e-Filing पर प्री-वैलिडेट करें |
| नाम मेल नहीं खाता | नाम ठीक कराएँ, फिर Re-Validate करें |
| पैन निष्क्रिय | पहले आधार से लिंक करें |
आपके बैंक को आपका पैन क्यों चाहिए?
बैंक आपके खाते के अपने रिकॉर्ड में आपका पैन रखता है। इसकी चार मुख्य वजहें हैं।
| वजह | नियम क्या कहता है | आपके लिए इसका मतलब |
|---|---|---|
| खाता खोलना | इनकम-टैक्स रूल्स, 2026 के रूल 159 में बैंक या को-ऑपरेटिव बैंक में खाता खोलना शामिल है। टाइम डिपॉज़िट और BSBD खाते अलग हैं। | पैन दें, या पैन न हो तो फ़ॉर्म 97 भरें। |
| KYC (अपने ग्राहक को जानें) | RBI के KYC FAQ में व्यक्तियों के लिए पैन, उसका e-दस्तावेज़ या फ़ॉर्म नंबर 60 लिखा है। FAQ में अब भी फ़ॉर्म 60 लिखा है; आयकर नियम, 2026 के तहत 1 अप्रैल 2026 से फ़ॉर्म 60 की जगह फ़ॉर्म 97 आ गया है। | KYC अपडेट के समय बैंक पुराने ग्राहकों से भी पैन माँगते हैं। |
| ब्याज पर TDS | इनकम-टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 397: वैध पैन न हो तो TDS आम तौर पर सामान्य दर, लागू दर या 20% में से जो सबसे ज़्यादा हो, उस पर कटता है। | आपकी FD या RD के ब्याज पर ज़्यादा दर से टैक्स कटता है। |
| नकद और बड़ी जमा | रूल 159: एक वित्त वर्ष में ₹10 लाख या ज़्यादा नकद जमा पर पैन चाहिए। एक बार में ₹50,000 से ज़्यादा, या साल में कुल ₹5 लाख से ज़्यादा की FD पर भी। | नकद वाले नियम में फ़ॉर्म 97 नहीं चलता। |
जमा के ब्याज पर बैंक TDS तब काटते हैं जब ब्याज सालाना सीमा पार करे। आयकर अधिनियम, 2025 की धारा 393(1) के तहत यह सीमा साल में ₹50,000, और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1 लाख है। पैन वाले सभी लेन-देन की पूरी सूची हमारी गाइड पैन कहाँ ज़रूरी है में है।
"मेरा पैन आधार से लिंक है, तो बैंक से भी लिंक हो गया।" नहीं। पैन-आधार लिंकिंग सिर्फ़ आयकर विभाग के रिकॉर्ड अपडेट करती है। आपका बैंक अपना अलग KYC रिकॉर्ड रखता है, और खाता प्री-वैलिडेट करते समय e-Filing पोर्टल पैन-बैंक लिंक अलग से जाँचता है।
कैसे पता करें कि आपका पैन बैंक खाते से लिंक है?
"पैन-बैंक स्टेटस" का कोई एक सार्वजनिक पेज नहीं है। इनमें से कोई भी तरीका अपनाएँ।
- नेट बैंकिंग या ऐप की प्रोफ़ाइल: कई बैंक प्रोफ़ाइल या KYC वाले हिस्से में आपका पैन, कुछ हिस्सा छिपाकर, दिखाते हैं।
- e-Filing पर प्री-वैलिडेशन: खाता जोड़ने पर अगर पैन लिंक नहीं है, तो पोर्टल बताता है कि पैन-बैंक लिंक फ़ेल हुआ। Validated दिखे तो लिंक ठीक है। नीचे स्टेप्स देखें।
- फ़ॉर्म 26AS या AIS: बैंक ने ब्याज पर जो TDS काटा है, वह e-Filing पर फ़ॉर्म 26AS या वार्षिक सूचना विवरण (AIS) में आपके पैन के सामने दिखना चाहिए। न दिखे तो हो सकता है बैंक के पास आपका पैन न हो। दोनों पासवर्ड वाली PDF में आते हैं; हमारा फ़ाइल अनलॉक टूल इन्हें आपके ब्राउज़र में खोल देता है।
- TDS सर्टिफ़िकेट या स्टेटमेंट: बैंक के TDS सर्टिफ़िकेट में वह पैन लिखा होता है जो बैंक ने इस्तेमाल किया।
- ब्रांच से पूछें या बैंक के ऑफ़िशियल कस्टमर केयर से। वे बता सकते हैं कि रिकॉर्ड में कौन सा पैन है।
अगर कई बैंकों में खाते हैं, तो हर एक में जाँचें। हर बैंक अपना रिकॉर्ड रखता है। एक बैंक में अपडेट किया पैन दूसरे बैंकों तक नहीं पहुँचता।
बैंक खाते से पैन लिंक या अपडेट करने के कौन से तरीके हैं?
विकल्प आपके बैंक पर निर्भर हैं। मेन्यू के नाम और तरीके अलग होते हैं, इसलिए अपने बैंक की वेबसाइट देखें।
| तरीका | क्या चाहिए | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| नेट बैंकिंग | लॉगिन डिटेल, पैन, OTP के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल | आम तौर पर प्रोफ़ाइल, KYC या सर्विस रिक्वेस्ट में |
| मोबाइल बैंकिंग ऐप | बैंक का ऑफ़िशियल ऐप, पैन, OTP | सिर्फ़ ऑफ़िशियल ऐप स्टोर से इंस्टॉल करें |
| ब्रांच | असली पैन कार्ड या e-PAN, स्व-सत्यापित कॉपी, पासबुक या खाता नंबर | हर बैंक में चलता है; बैंक का KYC या पैन अपडेट फ़ॉर्म भरें |
| फ़ोन बैंकिंग | पहचान की पुष्टि के लिए खाते की जानकारी | कुछ बैंक यह सुविधा देते हैं; अपने बैंक से पूछें |
कुछ बैंक दूसरे तरीके भी दे सकते हैं। सिर्फ़ वही तरीके अपनाएँ जो आपके बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट पर दिए हों।
नेट बैंकिंग या ऐप से पैन कैसे अपडेट करें?
ये सामान्य स्टेप्स हैं। आपके बैंक में नाम अलग हो सकते हैं।
- बैंक की नेट बैंकिंग या ऑफ़िशियल ऐप में लॉग इन करें
- क्या पैन या KYC अपडेट का विकल्प मिला? नहीं: ब्रांच जाएँ (ब्रांच के स्टेप्स)
- अपना 10 अक्षरों का पैन डालें और जाँचें
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए OTP से पुष्टि करें
- बैंक पैन जाँचकर आपका रिकॉर्ड अपडेट करता है
- पैन आपकी प्रोफ़ाइल में दिखने लगता है
-
नेट बैंकिंग या ऐप में लॉग इन करें
बैंक का वेब पता ख़ुद टाइप करें, या ऑफ़िशियल स्टोर से इंस्टॉल किया ऐप खोलें। SMS या WhatsApp पर आए लिंक इस्तेमाल न करें।
-
पैन या KYC वाला हिस्सा ढूँढें
प्रोफ़ाइल, KYC, "update details" या सर्विस रिक्वेस्ट वाले मेन्यू में देखें। नाम हर बैंक में अलग होता है।
अगर पैन का विकल्प नहीं है: हो सकता है आपका बैंक पैन सिर्फ़ ब्रांच में लेता हो। ब्रांच के स्टेप्स अपनाएँ।
-
पैन ध्यान से डालें
पैन में 5 अक्षर, 4 अंक और 1 अक्षर होते हैं, जैसे ABCPK1234X (यह डमी नंबर है)। कुछ बैंक पैन के अनुसार नाम या जन्मतिथि भी माँगते हैं।
-
OTP से पुष्टि करें और सबमिट करें
बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल पर आया OTP डालें। कोई रिक्वेस्ट या रेफ़रेंस नंबर मिले तो नोट कर लें।
अगर बैंक कहे कि पैन वेरिफ़ाई नहीं हो सकता: हो सकता है आपका नाम या जन्मतिथि पैन रिकॉर्ड से मेल न खाए, या पैन निष्क्रिय हो। नाम में फ़र्क़ देखें।
-
जाँचें कि अपडेट हो गया
कुछ बैंक तुरंत अपडेट करते हैं। कुछ में कुछ कामकाजी दिन लगते हैं। बाद में प्रोफ़ाइल फिर से देखें।
काम हो गया, यह तब समझें जब पैन प्रोफ़ाइल में दिखे, या बैंक से पुष्टि का SMS या ईमेल आए।
बैंक ब्रांच में पैन कैसे लिंक करें?
ब्रांच जाना हर बैंक में काम करता है। नाम के फ़र्क़ को ठीक कराने का तरीका भी यही है।
- पैन कार्ड या e-PAN और स्व-सत्यापित कॉपी साथ ले जाएँ
- पैन या KYC अपडेट फ़ॉर्म माँगें और भरें
- क्या खाते का नाम पैन से मेल खाता है? नहीं: बैंक से नाम भी अपडेट करवाएँ (नाम में फ़र्क़)
- फ़ॉर्म और कॉपी जमा करें; रसीद रखें
- बैंक पैन जाँचकर खाता अपडेट करता है
- पैन खाते से लिंक हो गया
-
पैन और उसकी स्व-सत्यापित कॉपी ले जाएँ
असली पैन कार्ड या e-PAN का प्रिंट, अपने साइन वाली फ़ोटोकॉपी, और पासबुक या खाता नंबर साथ रखें। e-PAN डिजिटल साइन वाला इलेक्ट्रॉनिक पैन है।
-
बैंक का अपडेट फ़ॉर्म भरें
बैंक अपना फ़ॉर्म इस्तेमाल करते हैं, जिसे अक्सर KYC अपडेट या पैन अपडेट फ़ॉर्म कहते हैं। कुछ बैंक इसकी जगह छोटा लिखित आवेदन माँगते हैं। खाता नंबर और पैन साफ़ लिखें।
-
खाते पर लिखा नाम जाँचें
पासबुक पर लिखे नाम को अपने पैन से मिलाएँ। अलग हो, तो उसी बार बैंक से खाते का नाम अपडेट करवाएँ।
-
जमा करें और पावती रखें
फ़ॉर्म और कॉपी जमा करें। मोहर लगी पावती या रेफ़रेंस नंबर माँगें।
काम हो गया, यह तब समझें जब पैन आपकी नेट बैंकिंग प्रोफ़ाइल में दिखे, या ब्रांच पुष्टि करे कि यह रिकॉर्ड में है।
अगर कुछ दिन बाद भी कुछ न बदले: पावती लेकर फिर जाएँ और ब्रांच से रिक्वेस्ट जाँचने को कहें।
-
ज़रूरत हो तो TDS ठीक करवाने को कहें
अगर बैंक पहले ही ज़्यादा दर से TDS काट चुका है, तो पूछें कि क्या उसे ठीक किया जा सकता है। नहीं तो आम तौर पर आप ज़्यादा कटा TDS अपने इनकम टैक्स रिटर्न में वापस माँग सकते हैं।
पैन की कॉपी पर काम और तारीख़ लिख दें, जैसे "सिर्फ़ सेविंग खाते में पैन अपडेट के लिए, 16-10-2026"। इससे कॉपी का ग़लत इस्तेमाल मुश्किल होता है।
इनकम टैक्स रिफ़ंड के लिए बैंक खाता प्री-वैलिडेट कैसे करें?
e-Filing पोर्टल रिफ़ंड सिर्फ़ उसी बैंक खाते में भेजता है जो वैलिडेट हो और रिफ़ंड के लिए नॉमिनेट हो। प्री-वैलिडेशन में जाँचा जाता है कि पैन उस खाते से लिंक है और नाम मेल खाता है। इसके लिए e-Filing लॉगिन, खाता नंबर और IFSC, और ई-वेरिफ़ाई करने का कोई तरीका चाहिए (आधार OTP, नेट बैंकिंग या DSC, आपके लॉगिन के अनुसार)।
- e-Filing में लॉग इन करें और My Profile → My Bank Account खोलें
- Add Bank Account पर क्लिक करें और खाता नंबर, टाइप और IFSC डालें
- Proceed to E-Verify पर क्लिक करें और OTP डालें
- क्या स्टेटस Validated दिख रहा है? नहीं: बैंक में पैन लिंक कराएँ या नाम ठीक कराएँ, फिर Re-Validate करें (हल)
- Nominate for Refund चालू करें
- इस खाते में रिफ़ंड आ सकता है
-
लॉग इन करें और My Bank Account खोलें
incometax.gov.in पर लॉग इन करें। My Profile, फिर My Bank Account पर जाएँ। यहाँ Added, Failed और Removed Bank Accounts टैब दिखेंगे।
-
बैंक खाता जोड़ें
Add Bank Account पर क्लिक करें। खाता नंबर डालें, Account Type और Holder Type चुनें, और IFSC डालें। बैंक का नाम और ब्रांच अपने-आप भर जाते हैं।
-
रिक्वेस्ट ई-वेरिफ़ाई करें
Proceed to E-Verify पर क्लिक करें, विकल्प चुनें और Continue दबाएँ। OTP डालें।
काम हो गया, यह तब समझें जब स्क्रीन पर सफलता का मैसेज दिखे।
अगर आधार OTP न आए: यह आधार से लिंक मोबाइल पर आता है। कोई दूसरा e-verify विकल्प चुनें, या आधार में मोबाइल नंबर अपडेट करें।
-
स्टेटस पर नज़र रखें
Added Bank Accounts टैब में Status कॉलम देखें। पहले Validation in progress दिखता है, फिर Validated (या Validated and EVC enabled)। पोर्टल के FAQ के अनुसार स्टेटस 10–12 कामकाजी दिनों में अपडेट हो जाना चाहिए।
अगर खाता Failed Bank Accounts में चला जाए: हो सकता है पैन लिंक न हो, या नाम अलग हो। बैंक में ठीक करवाएँ और Re-Validate पर क्लिक करें। अगर Validation cannot be done लिखा हो, तो बैंक e-Filing या NPCI से जुड़ा नहीं है; किसी जुड़े हुए बैंक का खाता जोड़ें।
-
खाते को रिफ़ंड के लिए नॉमिनेट करें
वैलिडेट हुए खाते के लिए Nominate for Refund स्विच चालू करें और Continue दबाएँ। मान्य खाता प्रकार हैं: सेविंग, करंट, कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ़्ट और नॉन-रेज़िडेंट ऑर्डिनरी (NRO)।
काम हो गया, यह तब समझें जब स्विच दाईं ओर चला जाए।
अपना टैक्स रिटर्न बैंक के ज़रिए ई-वेरिफ़ाई करना है? Actions कॉलम में Enable EVC पर क्लिक करें। यह सिर्फ़ e-Filing से जुड़े बैंकों में, और एक समय में एक ही खाते पर चलता है। बैंक में दर्ज मोबाइल या ईमेल आपकी e-Filing प्रोफ़ाइल से मेल खाना चाहिए।
अगर रिफ़ंड फ़ेल हो गया, जैसे खाता बंद होने की वजह से, तो आप e-Filing पर Refund Reissue रिक्वेस्ट डाल सकते हैं। इसके लिए एक वैलिडेट बैंक खाता चाहिए। आधार को यूज़र ID बनाकर लॉग इन तभी होता है जब पैन और आधार लिंक हों। e-Filing मदद के लिए 1800 103 0025 पर कॉल करें।
बैंक में नाम पैन से मेल न खाए तो क्या करें?
e-Filing पोर्टल खाताधारक के नाम को आपके पैन रिकॉर्ड से मिलाता है। अलग स्पेलिंग, बीच का नाम छूटना या सिर्फ़ इनिशियल होने से प्री-वैलिडेशन फ़ेल हो सकता है। आम उदाहरण: बैंक में "R. Kumar" और पैन पर "Rakesh Kumar", या एक में शादी से पहले का नाम और दूसरे में शादी के बाद का।
| अगर… | तो… |
|---|---|
| पैन वाला नाम सही है, बैंक का ग़लत या छोटा है | ब्रांच से खाते का नाम पैन के अनुसार अपडेट करवाएँ। फिर e-Filing पर Re-Validate पर क्लिक करें। |
| पैन वाला नाम ग़लत या पुराना है | Protean या UTIITSL पर फ़ॉर्म CR-01 से पैन सुधारें। देखें पैन में नाम बदलें। |
| पैन और आधार के नाम भी अलग हैं | पहले उसे ठीक करें; इससे पैन-आधार लिंकिंग रुक सकती है। देखें लिंकिंग की समस्याएँ, या हमारे पैन बनाम आधार नाम जाँच टूल से दोनों नाम मिलाएँ। अगर आधार में नाम ग़लत है, तो देखें आधार में नाम का फ़र्क़ ठीक करना। |
e-Filing पर Verify PAN Status से देखें कि आपका पैन चालू है और डिटेल मेल खाती हैं या नहीं। इसमें पैन, नाम, जन्मतिथि और मोबाइल लगता है, और यह सिर्फ़ जानकारी दिखाता है। पैन कैसे वेरिफ़ाई करें →
पैन लिंक न हो या निष्क्रिय हो तो क्या होता है?
| स्थिति | क्या हो सकता है |
|---|---|
| बैंक के पास आपका पैन नहीं है | ब्याज पर TDS सामान्य दर, लागू दर या 20% में से जो सबसे ज़्यादा हो। TDS न कटवाने के लिए दिया फ़ॉर्म 121 (जिसने फ़ॉर्म 15G और 15H की जगह ली) वैध पैन के बिना अमान्य होता है। |
| पैन निष्क्रिय है (ज़रूरी होने पर भी आधार से लिंक नहीं) | कोई रिफ़ंड नहीं, उस अवधि के रिफ़ंड पर ब्याज नहीं, और ज़्यादा TDS/TCS। |
| खाता e-Filing पर प्री-वैलिडेट नहीं | उसमें रिफ़ंड नहीं आ सकता। |
| याद दिलाने के बाद भी KYC अपडेट नहीं | RBI के KYC FAQ के अनुसार बैंक उचित सूचना देकर खाता बंद कर देगा। |
| बिना पैन बड़ी नकद जमा | साल में ₹10 लाख या ज़्यादा नकद जमा पर पैन चाहिए; फ़ॉर्म 97 नहीं चलता। |
₹1,000 लेट फ़ीस देकर आधार से लिंक करने के 30 दिन के अंदर निष्क्रिय पैन फिर से चालू हो जाता है। पूरे असर और हल हमारी निष्क्रिय पैन गाइड में हैं।
ब्याज जमा होने से पहले बैंक को वैध और चालू पैन दे दें। ज़्यादा कटा TDS आम तौर पर टैक्स रिटर्न में वापस माँगा जा सकता है, पर रिफ़ंड के लिए चालू पैन और वैलिडेट खाता चाहिए।
अगर आपके पास पैन नहीं है तो?
फ़ॉर्म 97 रूल 159 के तहत कुछ लेन-देन में बिना पैन वाले लोगों का घोषणा पत्र है। इसने 1 अप्रैल 2026 को फ़ॉर्म 60 की जगह ली। इससे आप सामान्य सेविंग या करंट खाता खोल सकते हैं, या FD करा सकते हैं। साल में ₹10 लाख या ज़्यादा नकद जमा के लिए यह नहीं चलता, और कंपनियाँ व फ़र्म इसे इस्तेमाल नहीं कर सकतीं। पूरे नियम पैन कहाँ ज़रूरी है में हैं।
बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाते रूल 159 की सूची से बाहर हैं। अगर आपकी आय टैक्स के दायरे में है, तो पैन के लिए आवेदन करें। आधार वाले ज़्यादातर वयस्क मुफ़्त Instant e-PAN ले सकते हैं। नहीं तो फ़ॉर्म 93 से आवेदन करें (छपे कार्ड के साथ ₹107, सिर्फ़ e-PAN ₹72)। पता नहीं कि पहले से पैन है या नहीं? आवेदन से पहले अपना पैन नंबर पता करें।
क्या गड़बड़ हो सकती है, और कैसे ठीक करें?
| आपकी स्थिति | आम तौर पर मतलब | क्या करें |
|---|---|---|
| e-Filing कहता है पैन-बैंक खाता-IFSC लिंक फ़ेल हुआ | इस खाते पर बैंक के पास आपका पैन नहीं है | ब्रांच से खाते में पैन लिंक करवाएँ, फिर Re-Validate पर क्लिक करें। |
| नाम के फ़र्क़ से प्री-वैलिडेशन फ़ेल | बैंक का नाम पैन रिकॉर्ड से अलग है | बैंक से नाम पैन के अनुसार करवाएँ, फिर Re-Validate करें। पैन ग़लत हो तो CR-01 भरें। |
| स्टेटस में Validation cannot be done | बैंक e-Filing या NPCI से जुड़ा नहीं है | e-Filing या NPCI से जुड़े किसी बैंक का खाता जोड़ें। पक्का न हो तो अपने बैंक से पूछें। |
| बैंक ने FD ब्याज पर 20% TDS काटा | रिकॉर्ड में वैध पैन नहीं, या पैन निष्क्रिय है | बैंक को चालू पैन दें। ज़्यादा कटा TDS रिटर्न में माँगें। |
| रिफ़ंड प्रोसेस हुआ पर नहीं मिला | खाता वैलिडेट या नॉमिनेट नहीं, या बंद हो चुका | कोई खाता वैलिडेट और नॉमिनेट करें। अगर e-Filing पर रिफ़ंड फ़ेल दिखे, तो Refund Reissue रिक्वेस्ट डालें। |
| बैंक कहता है "PAN not verified" | नाम या जन्मतिथि पैन डेटाबेस से अलग, या पैन निष्क्रिय | e-Filing पर Verify PAN Status से जाँचें। CR-01 से डिटेल सुधारें, या आधार लिंक करें। |
| फ़ॉर्म 26AS या AIS में ब्याज का TDS नहीं दिख रहा | बैंक ने पैन नहीं लिया या ग़लत पैन लिया | बैंक को सही पैन दें और उससे TDS स्टेटमेंट ठीक करने को कहें। |
| पुराना बंद खाता अब भी e-Filing पर दिख रहा है | जब तक आप हटाएँ नहीं, पोर्टल उसे रखता है | उसे हटाएँ, फिर अपना मौजूदा खाता जोड़कर वैलिडेट करें। |
| बैंक के पास आपका कोई दूसरा पैन है | हो सकता है आपके दो पैन हों | एक पैन रखें और दूसरा सरेंडर करें। देखें डुप्लीकेट पैन सरेंडर करें। |
पैन और आपका NRO या NRE खाता
- अपने NRO खाते के लिए बैंक को पैन दें। वैध पैन न हो तो ब्याज पर TDS आम तौर पर ज़्यादा कटता है।
- रिफ़ंड के लिए e-Filing पर वैलिडेट किया गया नॉन-रेज़िडेंट ऑर्डिनरी (NRO) खाता नॉमिनेट कर सकते हैं। NRE खाते पोर्टल की मान्य प्रकारों की सूची में नहीं हैं।
- आधार से जुड़ा भारतीय मोबाइल नहीं है? पोर्टल ई-वेरिफ़ाई के दूसरे विकल्प भी देता है, जैसे DSC या बैंक के ज़रिए EVC; जो विकल्प दिखे, उसका इस्तेमाल करें।
- अनिवासियों को पैन-आधार लिंक करना ज़रूरी नहीं। अगर आपका पैन निष्क्रिय दिखे, तो हो सकता है रेज़िडेंशियल स्टेटस अपडेट कराना पड़े। देखें NRI के लिए पैन।
- विदेश से पैन अपडेट करने के लिए पहले नेट बैंकिंग आज़माएँ। नहीं तो अपने बैंक का NRI सर्विस पेज देखें।
क्षेत्र सही नहीं?
"पैन अपडेट करें वरना खाता बंद हो जाएगा" वाले फ़्रॉड
- "पैन अपडेट" या "KYC पूरा करें" वाले लिंक के साथ आए SMS या WhatsApp मैसेज एक आम चाल हैं। इसकी जगह बैंक की साइट या ऐप ख़ुद खोलें।
- OTP माँगने वाली किसी भी कॉल या मैसेज को ख़तरे का संकेत मानें। OTP कभी न बताएँ, चाहे कोई ख़ुद को बैंक का बताए।
- किसी कॉलर के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग या "KYC" ऐप इंस्टॉल न करें।
- हेल्पलाइन नंबर बैंक की ऑफ़िशियल वेबसाइट या पासबुक से लें, सर्च के विज्ञापनों से नहीं।
- पैसे चले गए? जल्दी से साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। पैन धोखाधड़ी गाइड →
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या बैंक खाते से पैन लिंक करना ज़रूरी है?
सामान्य सेविंग या करंट खाते के लिए पैन देना ज़रूरी है, या पैन न हो तो फ़ॉर्म 97 भरें। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाते रूल 159 से बाहर हैं। जहाँ ज़रूरी न भी हो, वहाँ पैन न होने पर आम तौर पर ब्याज पर 20% या ज़्यादा TDS कटता है।
क्या मैं बैंक खाते से पैन ऑनलाइन लिंक कर सकता/सकती हूँ?
आम तौर पर हाँ। कई बैंकों की नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप में पैन या KYC अपडेट का विकल्प होता है, जिसकी पुष्टि अक्सर OTP से होती है। आपके बैंक में न हो, तो ब्रांच में पैन की स्व-सत्यापित कॉपी दें।
कैसे पता करूँ कि मेरा पैन बैंक खाते से लिंक है?
नेट बैंकिंग प्रोफ़ाइल देखें, ब्रांच से पूछें, या फ़ॉर्म 26AS या AIS में अपने पैन के सामने बैंक का TDS देखें। e-Filing पर खाता प्री-वैलिडेट करने से भी पता चलता है कि पैन-बैंक लिंक फ़ेल हुआ या नहीं।
क्या पैन को आधार से लिंक करने पर वह बैंक से भी लिंक हो जाता है?
नहीं। पैन-आधार लिंकिंग आयकर विभाग के रिकॉर्ड अपडेट करती है। आपका बैंक अपना रिकॉर्ड रखता है, इसलिए हर बैंक को अलग से पैन दें।
बैंक कहता है पैन लिंक है, पर e-Filing कहता है नहीं, ऐसा क्यों?
हो सकता है बैंक के पास आपका पैन किसी दूसरे खाते या कस्टमर ID पर हो, या नाम मेल न खाए। ब्रांच से इसी खाता नंबर की जाँच करवाएँ, फिर Re-Validate पर क्लिक करें।
क्या इनकम टैक्स रिफ़ंड NRE खाते में आ सकता है?
e-Filing पोर्टल रिफ़ंड के लिए सेविंग, करंट, कैश क्रेडिट, ओवरड्राफ़्ट और नॉन-रेज़िडेंट ऑर्डिनरी (NRO) खाते मानता है। NRE खाते उस सूची में नहीं हैं।
क्या मैं रिफ़ंड वाला बैंक खाता बदल सकता/सकती हूँ?
हाँ। My Bank Account में नया खाता जोड़कर वैलिडेट करें, फिर उसके लिए Nominate for Refund चालू करें। पुराने या बंद खाते हटा दें ताकि गड़बड़ न हो।
मेरे पास पैन नहीं है। क्या फिर भी बैंक खाता खुल सकता है?
हाँ। सामान्य खाते के लिए फ़ॉर्म 97 भर सकते हैं, या बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉज़िट खाता खोल सकते हैं। साल में ₹10 लाख या ज़्यादा नकद जमा के लिए फ़ॉर्म 97 नहीं चलता।
क्या बैंक पैन लिंक करने का पैसा लेता है?
कोई सरकारी फ़ीस नहीं है। बैंक आम तौर पर KYC के हिस्से के रूप में पैन अपडेट करते हैं; कोई शुल्क हो तो अपने बैंक से पूछें।
पैन निष्क्रिय हो जाए तो मेरे बैंक खाते पर क्या असर होगा?
ब्याज पर ज़्यादा दर से TDS कट सकता है, और पैन निष्क्रिय रहने तक कोई टैक्स रिफ़ंड नहीं मिलता। पैन को आधार से लिंक करें; पैन 30 दिन के अंदर फिर से चालू हो जाता है।
नाबालिग के बैंक खाते पर किसका पैन लगता है?
रूल 159 के तहत, जिस नाबालिग की टैक्स वाली आय नहीं है, वह माता-पिता या अभिभावक का पैन देता है। बच्चे का अपना पैन भी बन सकता है।
आख़िरी बात
जिन बैंकों में खाता है, हर एक को नेट बैंकिंग, ऐप या ब्रांच से अपना पैन दें। पक्का करें कि आपका पैन चालू है और बैंक में नाम उससे मेल खाता है। फिर e-Filing पर एक खाता प्री-वैलिडेट और नॉमिनेट करें ताकि रिफ़ंड आप तक पहुँचे। e-Filing मदद के लिए 1800 103 0025 पर कॉल करें। पैन कार्ड से जुड़े सवालों के लिए Protean को 020-27218080 पर कॉल करें।
स्रोत
- Income Tax e-Filing – My Bank Account user manual (add, pre-validate, nominate, EVC) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax e-Filing – My Bank Account FAQs (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax e-Filing – Refund Reissue user manual (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – Rule 159, Income-tax Rules, 2026 (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – Section 393, Income-tax Act, 2025 (TDS thresholds on interest) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – Section 397, Income-tax Act, 2025 (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – Form 121 FAQs (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – FAQs on higher rate of TDS under section 397 (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Reserve Bank of India – FAQs on Master Direction on KYC (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
- Income Tax Department – PAN (fees, forms, inoperative PAN) (अंग्रेज़ी में, देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
पेज का इतिहास: 16 अक्टूबर 2026, पहला संस्करण।