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आधार (Aadhar) में जन्मतिथि कैसे बदलें?
आधार में जन्मतिथि जीवन में सिर्फ़ एक बार बदली जा सकती है, और सिर्फ़ आधार केंद्र पर, ₹75 में। जन्मतिथि का असली प्रमाण साथ ले जाएँ, जैसे जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जन्म प्रमाणपत्र चाहिए। अगर आपका एक मौका पहले ही इस्तेमाल हो चुका है, तो UIDAI के रीजनल ऑफ़िस से छूट माँगें।
- शुल्क
- ₹75
- कहाँ
- सिर्फ़ आधार केंद्र
- सीमा
- जीवन में एक बार
- ज़रूरी
- जन्मतिथि का असली प्रमाण
- 18 से कम
- सिर्फ़ जन्म प्रमाणपत्र
इस पेज पर
आपके मामले में कौन-सा तरीका सही है?
कुछ सवालों के जवाब दें और देखें कि आपको क्या चाहिए। अगर याद नहीं कि आधार बनवाते समय कौन-सा दस्तावेज़ दिया था, तो जन्मतिथि के अपने सारे दस्तावेज़ केंद्र पर ले जाएँ।
| आपकी स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| ऑपरेटर ने जन्मतिथि गलत टाइप की | पहले वाला दस्तावेज़ फिर दिखाएँ, या एनेक्सचर-II स्व-घोषणा पर साइन करें |
| बताई हुई जन्मतिथि, बालिग़ | केंद्र पर सूची का कोई भी जन्मतिथि प्रमाण (₹75) |
| बताई हुई जन्मतिथि, 18 से कम | सिर्फ़ जन्म प्रमाणपत्र (NRI: या भारतीय पासपोर्ट) |
| जन्म प्रमाणपत्र से प्रमाणित जन्मतिथि | सुधरा हुआ जन्म प्रमाणपत्र (वही नंबर, वही रजिस्ट्रार) + एनेक्सचर-I हलफ़नामा |
| किसी और दस्तावेज़ से प्रमाणित जन्मतिथि | वही दस्तावेज़ सुधरवाकर, या जन्म प्रमाणपत्र + हलफ़नामा |
| जन्मतिथि का एक बदलाव हो चुका | रीजनल ऑफ़िस से छूट का तरीका |
जन्मतिथि कितनी बार बदल सकते हैं?
सिर्फ़ जीवन में एक बार। UIDAI ने यह सीमा 2019 में तय की, और बाद के एक सर्कुलर के मुताबिक यह आपकी जन्मतिथि की स्थिति चाहे जो हो, लागू होती है। तुलना के लिए: नाम दो बार और लिंग एक बार बदला जा सकता है।
- क्या नहीं गिना जाता: UIDAI के 2021 के नियमों के मुताबिक ऑपरेटर की टाइपिंग गलती, लिप्यंतरण (ट्रांसलिटरेशन) की गलती और क्षेत्रीय भाषा के बदलाव आपकी सीमा में नहीं गिने जाते।
- जन्मतिथि बदलने की मान्य वजहें, UIDAI के 24 दिसंबर 2025 के जन्मतिथि नियमों के तहत:
- आपकी जन्मतिथि बताई हुई या अनुमानित थी, और अब आपके पास उसे साबित करने वाला दस्तावेज़ है;
- ऑपरेटर से गलती हुई;
- पहले झूठा दस्तावेज़ लगा था और अब उसे सुधारा जा रहा है। UIDAI इसे "आख़िरी मौका" मानता है।
क्योंकि मौका सिर्फ़ एक है, जाने से पहले अपने दस्तावेज़ पर तारीख़ ध्यान से जाँच लें। सारी सीमाएँ और शुल्क आधार अपडेट: शुल्क और सीमा पर देखें।
बताई हुई, अनुमानित या प्रमाणित जन्मतिथि क्या होती है?
आपका आधार सिर्फ़ जन्मतिथि ही नहीं, यह भी दर्ज करता है कि वह कैसे दी गई थी। इसी से तय होता है कि अब आपको कौन-सा दस्तावेज़ चाहिए।
- बताई हुई (declared) या अनुमानित (approximate): आपने एनरोलमेंट के समय अपनी तारीख़ (या अंदाज़न तारीख़) बताई थी, उसे साबित करने वाले दस्तावेज़ के बिना।
- प्रमाणित (verified): आधार बनते या अपडेट होते समय जन्मतिथि का कोई दस्तावेज़, जैसे जन्म प्रमाणपत्र या पासपोर्ट, जाँचा गया था।
UIDAI के 2026 के फ़ॉर्म में "Verified" तभी टिक होता है जब जन्मतिथि का प्रमाण दिखाया जाए; बताई हुई या अनुमानित जन्मतिथि में कार्ड पर सिर्फ़ जन्म का साल छपता है। बताई हुई तारीख़ को प्रमाणित तारीख़ में बदलना सबसे आसान मामला है। प्रमाणित तारीख़ बदलना ज़्यादा सख़्त है, क्योंकि उसके पीछे पहले से एक दस्तावेज़ है।
- याद करें: आधार बनवाते समय क्या आपने जन्मतिथि का कोई दस्तावेज़ दिखाया था?
- क्या आपकी जन्मतिथि बताई हुई या अनुमानित थी (कोई प्रमाण नहीं दिया)?नहीं: वह प्रमाणित है। उसी दस्तावेज़ की सुधरी कॉपी या जन्म प्रमाणपत्र चाहिए। तालिका देखें
- क्या व्यक्ति 18 साल या उससे बड़ा है?नहीं: 18 से कम उम्र में सिर्फ़ जन्म प्रमाणपत्र चलता है। तालिका देखें
- सूची का कोई भी जन्मतिथि प्रमाण चुनें: पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, मार्कशीट आदि
- आधार केंद्र पर ₹75 में अपडेट कराएँ
किसके लिए कौन-सा दस्तावेज़ चलता है?
यह तालिका UIDAI के 24 दिसंबर 2025 के जन्मतिथि नियमों पर आधारित है। पहले कॉलम में अपनी मौजूदा जन्मतिथि की स्थिति देखें।
| आपकी मौजूदा जन्मतिथि | किसके लिए | केंद्र क्या लेता है |
|---|---|---|
| बताई हुई या अनुमानित | 18 से कम | सिर्फ़ जन्म प्रमाणपत्र। NRI: जन्म प्रमाणपत्र या भारतीय पासपोर्ट |
| बताई हुई या अनुमानित | 18 या उससे ज़्यादा | सूची का कोई भी जन्मतिथि प्रमाण (नीचे सूची देखें) |
| प्रमाणित, जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर | कोई भी | सिर्फ़ सुधरा हुआ जन्म प्रमाणपत्र, जिस पर वही जन्म पंजीकरण नंबर हो और जो उसी रजिस्ट्रार से हो, साथ में एनेक्सचर-I हलफ़नामा |
| प्रमाणित, किसी और दस्तावेज़ के आधार पर | बालिग़ | वही दस्तावेज़ सुधरा हुआ (वही विभाग, वही विवरण और वही साल), या जन्म प्रमाणपत्र के साथ हलफ़नामा |
| ऑपरेटर की गलती से गलत | कोई भी | पहले दिया हुआ दस्तावेज़, या एनेक्सचर-II स्व-घोषणा |
जन्मतिथि के मान्य प्रमाण (UIDAI की आधिकारिक सूची)
- भारतीय पासपोर्ट
- जन्म प्रमाणपत्र
- मार्कशीट या बोर्ड / यूनिवर्सिटी सर्टिफ़िकेट (10वीं, 12वीं आदि)
- सरकारी, PSU या वैधानिक संस्था का सर्विस फ़ोटो ID कार्ड
- पेंशनर या स्वतंत्रता सेनानी ID कार्ड, या पेंशन पेमेंट ऑर्डर
- ट्रांसजेंडर ID कार्ड या सर्टिफ़िकेट (2019 के कानून के तहत)
1 अक्टूबर 2023 या उसके बाद जन्मे बच्चे: जन्मतिथि का एकमात्र प्रमाण जन्म प्रमाणपत्र है। शादीशुदा महिलाएँ जिनका जन्मतिथि प्रमाण मायके के नाम पर है: UIDAI की सूची उसे नाम बदलने के प्रमाण के साथ मानती है, जैसे पुराना आधार या दोनों नामों वाला विवाह प्रमाणपत्र।
जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर नहीं चलते: PAN कार्ड, वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, और सांसद, विधायक या गज़टेड अधिकारी के UIDAI फ़ॉर्मेट वाले सर्टिफ़िकेट। आपका आधार ख़ुद भी जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। असली दस्तावेज़ ले जाएँ; हमारे काउंटर के अनुभव में केंद्र फ़ोन में DigiLocker की कॉपी नहीं मानते। हर दस्तावेज़ के हर इस्तेमाल के लिए आधार के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ देखें, या दस्तावेज़ जाँच टूल से अपना दस्तावेज़ जाँचें।
10वीं या 12वीं की मार्कशीट जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर चलती है। केंद्र काग़ज़ देखकर ही जाँच करते हैं; बोर्ड से ऑनलाइन जाँच हमने नहीं देखी। हमारे अनुभव में नए जन्मतिथि नियमों के बाद भी अपडेट के लिए, उम्र के हिसाब से, पुराने दस्तावेज़ अक्सर चल जाते हैं, जबकि नए आधार एनरोलमेंट में जन्म प्रमाणपत्र माँगा जाता है (यह केंद्र के हिसाब से अलग हो सकता है)।
आधार केंद्र पर जन्मतिथि कैसे बदलवाएँ?
अक्टूबर 2026 तक जन्मतिथि Aadhaar App या myAadhaar में नहीं बदली जा सकती। UIDAI का कहना है कि यह सुविधा बाद में "चरणों में" ऐप में आ सकती है।
- मुफ़्त स्लॉट बुक करें या सीधे जाएँ, जन्मतिथि के असली प्रमाण के साथ
- ऑपरेटर नई जन्मतिथि डालता है और आपका प्रमाण स्कैन करता है
- क्या स्क्रीन पर तारीख़ आपके दस्तावेज़ से बिल्कुल मेल खाती है?नहीं: फिंगरप्रिंट देने से पहले ठीक कराएँ। मौका सिर्फ़ एक है।
- फिंगरप्रिंट या आइरिस दें
- ₹75 दें और अपडेट पर्ची रखें
- पर्ची पर लिखे नंबर से स्टेटस देखें, फिर नया ई-आधार डाउनलोड करें
-
स्लॉट बुक करें या सीधे जाएँ
सूची वाले केंद्रों के लिए bookappointment.uidai.gov.in पर बुकिंग मुफ़्त है; बाक़ी केंद्रों में सीधे जाना होता है। आधार सेवा केंद्र आमतौर पर रविवार को भी खुले रहते हैं। ज़्यादातर सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक काम करते हैं, दोपहर 1 से 2 बजे लंच ब्रेक रहता है, इसलिए 1 बजे न पहुँचें।
-
जन्मतिथि का असली प्रमाण साथ ले जाएँ
ऊपर की तालिका वाला असली दस्तावेज़ और अपना आधार ले जाएँ। अगर पिछली गलती ऑपरेटर की थी, तो तब दिया हुआ वही दस्तावेज़ ले जाएँ।
-
बायोमेट्रिक देने से पहले स्क्रीन पर तारीख़ जाँचें
ऑपरेटर की स्क्रीन पर दिन, महीना और साल पढ़ें। अपने दस्तावेज़ से मिलाएँ। फिंगरप्रिंट या आइरिस देने से पहले गलती ठीक कराएँ।
-
₹75 दें और अपडेट पर्ची रखें
शुल्क ₹75 है। उसी बार बायोमेट्रिक अपडेट (₹125) भी कराएँ तो यह मुफ़्त है। पावती पर्ची पर वह नंबर होता है जिससे आप अनुरोध का स्टेटस देखते हैं।
पर्ची सँभालकर रखें। स्टेटस देखने के लिए इसका नंबर चाहिए, और ज़रूरत पड़ी तो रीजनल ऑफ़िस वाले तरीके के लिए भी।
-
अनुरोध का स्टेटस देखें
myAadhaar पर Check Enrolment or Update Status में अपनी पर्ची का नंबर डालें। अपडेट हो जाने पर नया ई-आधार डाउनलोड करें।
अगर जन्मतिथि का एक बदलाव पहले ही हो चुका है तो?
UIDAI का अपने रीजनल ऑफ़िस (RO) के ज़रिए छूट का तरीका है। केंद्र को आपका अनुरोध फिर भी लेना होता है; फ़ैसला RO करता है।
- क्या जन्मतिथि का आपका एक बदलाव हो चुका है?नहीं: केंद्र पर सामान्य तरीके से अपडेट कराएँ
- फिर भी केंद्र पर जन्मतिथि अपडेट का आवेदन करें और अपडेट पर्ची (URN) रखें
- URN पर्ची और अपने प्रमाण UIDAI रीजनल ऑफ़िस को ईमेल या डाक से भेजें, या 1947 पर कॉल करें
- रीजनल ऑफ़िस आपका मामला जाँचता है
- मंज़ूरी मिलने पर UIDAI का टेक सेंटर अनुरोध दोबारा प्रोसेस करता है
- जन्मतिथि अपडेट: नया ई-आधार डाउनलोड करें
-
केंद्र पर आवेदन करें और URN पर्ची रखें
सीमा ख़त्म होने पर भी रजिस्ट्रार को आपका अनुरोध लेना होता है। URN पर्ची इस बात का सबूत है कि आपने आवेदन किया।
-
पर्ची और प्रमाण रीजनल ऑफ़िस को भेजें
URN पर्ची की कॉपी और जन्मतिथि के प्रमाण अपने UIDAI रीजनल ऑफ़िस को ईमेल या डाक से भेजें। आप 1947 पर कॉल भी कर सकते हैं। UIDAI के रीजनल ऑफ़िस बेंगलुरु, चंडीगढ़, नई दिल्ली, गुवाहाटी, हैदराबाद, लखनऊ, मुंबई और रांची में हैं।
-
फ़ॉलो-अप करें और रिकॉर्ड रखें
फ़ैसले की कोई तय समय-सीमा नहीं है। जो भी भेजें, उसकी कॉपी रखें। कुछ न हो, तो आधार शिकायत और आगे की कार्रवाई देखें।
कई लोग यहाँ तक पहुँच जाते हैं, भले ही उनकी मार्कशीट और जन्म प्रमाणपत्र मेल खाते हों। कुछ मामले हाई कोर्ट तक गए हैं; अदालतों ने क्या कहा देखें।
जन्मतिथि बदलवाते समय क्या कभी नहीं करना चाहिए?
- कभी झूठा या बदला हुआ दस्तावेज़ न लगाएँ। कुछ लोग 5 साल से कम उम्र के बच्चे के रूप में एनरोल हुए पर असल में बड़े थे, या नाबालिग़ के रूप में एनरोल हुए पर असल में 18 या उससे ज़्यादा थे। उम्र-धोखे के ऐसे मामलों में अपडेट रिजेक्ट होता है। आधार बंद भी हो सकता है।
- फिर चालू कराना मुश्किल है। दोबारा चालू कराने का काम रीजनल ऑफ़िस से होता है। इसके लिए पूरा बायोमेट्रिक अपडेट, ऑनलाइन जाँचा जा सकने वाला जन्म प्रमाणपत्र और एनेक्सचर-III हलफ़नामा चाहिए। आधार बंद हो गया? देखें।
- अपना एक मौका बर्बाद न करें। पक्का कर लें कि नई तारीख़ वही है जो आप हर जगह इस्तेमाल करेंगे: स्कूल रिकॉर्ड, PAN, बैंक और नौकरी।
- विदेशी नागरिक आधार में जन्मतिथि सिर्फ़ ऑपरेटर की गलती ठीक करने के लिए बदल सकते हैं।
जन्मतिथि अपडेट के बाद क्या करें?
- नया ई-आधार डाउनलोड करें। OTP आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर आता है। ई-आधार डाउनलोड करें।
- नया PDF पासवर्ड ध्यान रखें। यह आपके नाम के पहले 4 अक्षर (अंग्रेज़ी CAPITALS में) और जन्म का साल होता है। अगर साल बदला है, तो नया साल डालें; PDF पासवर्ड हेल्पर इसे निकाल देता है।
- बाक़ी जगह भी वही तारीख़ ठीक कराएँ। आपके PAN, बैंक और EPF रिकॉर्ड अपने-आप नहीं बदलते। मिसमैच से PAN–आधार लिंकिंग रुक सकती है, क्योंकि उसमें नाम, जन्मतिथि और लिंग मेल खाने चाहिए (नाम भी अलग हो तो हमारे PAN और आधार नाम मिलान टूल से मिलाएँ)। नाम/जन्मतिथि मिसमैच ठीक करें और आधार को PAN से लिंक करें देखें।
- PAN: अगर उस पर अलग जन्मतिथि है, तो Protean या UTIITSL से ठीक कराएँ; तरीका हमारी गाइड PAN में जन्मतिथि सुधारें में है। लिंकिंग पहले ही फ़ेल हो चुकी हो तो PAN–आधार लिंक की समस्याएँ देखें।
- EPF: EPFO ने जनवरी 2025 में कहा कि जिन प्रोफ़ाइल में आधार प्रमाणित है, वे बिना दस्तावेज़ के ख़ुद सुधारी जा सकती हैं। EPF/UAN से आधार लिंक देखें।
- याद रखें: आधार जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। ख़बरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में यह कहा (सरोज बनाम IFFCO-Tokio), और ख़बरों के मुताबिक EPFO ने जनवरी 2024 में इसे जन्मतिथि के प्रमाण की सूची से हटा दिया। इसके लिए अपना जन्म प्रमाणपत्र या मार्कशीट रखें।
जन्मतिथि सुधार पर अदालतों ने क्या कहा है?
अगर आप अटके हुए महसूस करते हैं, तो ये रिपोर्ट किए गए फ़ैसले दिखाते हैं कि अदालतें आधार सुधार को गंभीरता से लेती हैं:
- मद्रास हाई कोर्ट (17 अक्टूबर 2025): अपना आधार सुधरवाना एक मौलिक अधिकार है। अदालत ने कहा कि दक्षिण तमिलनाडु में जन्मतिथि सुधार के लिए सिर्फ़ मदुरै का आधार सेवा केंद्र था; 28 नए केंद्रों का प्रस्ताव रखा गया।
- उत्तराखंड हाई कोर्ट (7 मई 2026): रीजनल ऑफ़िस को 10 दिन के अंदर एक व्यक्ति की जन्मतिथि ठीक करने का आदेश दिया गया।
- दिल्ली हाई कोर्ट (16 मार्च 2026): देर से जन्म पंजीकरण के लिए DM या SDM का आदेश चाहिए, और उस पर 3 महीने के अंदर फ़ैसला होना चाहिए। अगर आपके पास अभी जन्म प्रमाणपत्र नहीं है, तो यह काम का है।
ये फ़ैसले ख़ास मामलों पर थे। पहले केंद्र और रीजनल ऑफ़िस वाला तरीका आज़माएँ।
लोगों को कौन-सी समस्याएँ आती हैं, और कैसे ठीक करें?
| आपकी स्थिति | क्या होता है | क्या करें |
|---|---|---|
| जन्मतिथि का एक बदलाव हो चुका | केंद्र सामान्य तरीके से अपडेट नहीं कर सकता | फिर भी आवेदन करें, URN पर्ची रखें, फिर रीजनल ऑफ़िस का तरीका अपनाएँ |
| 18 से कम उम्र के बच्चे के पास सिर्फ़ मार्कशीट है | बताई हुई जन्मतिथि के लिए नहीं चलती | जन्म प्रमाणपत्र बनवाएँ। देर से पंजीकरण के लिए DM या SDM का आदेश चाहिए |
| जन्म प्रमाणपत्र नए नंबर के साथ सुधरा | जन्म प्रमाणपत्र से प्रमाणित जन्मतिथि के लिए रिजेक्ट | वही पंजीकरण नंबर और वही रजिस्ट्रार होना चाहिए, साथ में एनेक्सचर-I हलफ़नामा |
| ऑपरेटर ने गलत तारीख़ टाइप की | मान्य वजह; सीमा में नहीं गिनी जाती | पहले वाला दस्तावेज़ फिर दिखाएँ, या एनेक्सचर-II स्व-घोषणा पर साइन करें |
| गज़टेड अधिकारी का सर्टिफ़िकेट दिया | जन्मतिथि का प्रमाण नहीं | जन्मतिथि सूची का दस्तावेज़ इस्तेमाल करें |
| फ़ोन में DigiLocker की कॉपी दिखाई | हमारे अनुभव में केंद्र पर मना हो जाता है | असली दस्तावेज़ ले जाएँ |
| जन्मतिथि अनुरोध के बाद आधार बंद हुआ | संभावित उम्र-धोखा माना गया | रीजनल ऑफ़िस: पूरा बायोमेट्रिक अपडेट, ऑनलाइन जाँचने लायक जन्म प्रमाणपत्र, एनेक्सचर-III हलफ़नामा |
| रीजनल ऑफ़िस से कोई जवाब नहीं | कोई तय समय-सीमा नहीं है | पर्ची के नंबर के साथ 1947 या [email protected] पर फ़ॉलो-अप करें, या शिकायत दर्ज करें |
NRI के तौर पर जन्मतिथि बदलना
- जन्मतिथि बदलने के लिए भारत में आधार केंद्र जाना होगा। कोई ऑनलाइन या दूतावास वाला तरीका नहीं है।
- आपका मान्य भारतीय पासपोर्ट जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर चलता है।
- बताई हुई जन्मतिथि वाले 18 से कम उम्र के NRI बच्चे जन्म प्रमाणपत्र या भारतीय पासपोर्ट दे सकते हैं।
- विदेशी नागरिक, OCI कार्डधारकों समेत, जन्मतिथि सिर्फ़ ऑपरेटर की गलती ठीक करने के लिए बदल सकते हैं।
क्षेत्र गलत है?
जन्मतिथि बदलने के नाम पर धोखे
- जन्मतिथि सिर्फ़ आधार केंद्र पर बदली जा सकती है। "घर बैठे जन्मतिथि बदलें" वाला कोई भी लिंक या WhatsApp मैसेज नकली है।
- UIDAI कभी आपको OTP के लिए कॉल नहीं करता। किसी अजनबी के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
- नकली जन्म प्रमाणपत्र या मार्कशीट न ख़रीदें। ख़बरों के मुताबिक 2025 में एक कैफ़े मालिक को आधार और आयुष्मान कार्ड की जालसाज़ी में गिरफ़्तार किया गया।
- शुल्क ₹75 है। केंद्र ज़्यादा माँगे तो 1947 या [email protected] पर शिकायत करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आधार में जन्मतिथि कितनी बार बदल सकते हैं?
जीवन में एक बार, जन्मतिथि की स्थिति चाहे जो हो। ऑपरेटर की टाइपिंग गलती सीमा में नहीं गिनी जाती। उसके बाद सिर्फ़ रीजनल ऑफ़िस से छूट का तरीका बचता है।
क्या जन्मतिथि ऑनलाइन बदल सकते हैं?
नहीं। अक्टूबर 2026 तक जन्मतिथि बदलने के लिए आधार केंद्र जाना होता है। UIDAI का कहना है कि यह बाद में "चरणों में" ऐप में आ सकता है।
जन्मतिथि बदलने का शुल्क कितना है?
केंद्र पर ₹75। उसी बार बायोमेट्रिक अपडेट (₹125) कराएँ तो यह बिना अतिरिक्त शुल्क के शामिल है।
बच्चे की जन्मतिथि के लिए कौन-सा दस्तावेज़ चाहिए?
अगर बच्चा 18 से कम है और जन्मतिथि बताई हुई या अनुमानित थी, तो सिर्फ़ जन्म प्रमाणपत्र चलता है। NRI बच्चों के लिए भारतीय पासपोर्ट भी चलता है।
क्या 10वीं की मार्कशीट जन्मतिथि के लिए चलती है?
हाँ, बालिग़ों के लिए। मार्कशीट या बोर्ड सर्टिफ़िकेट UIDAI की जन्मतिथि सूची में है। हमारे अनुभव में केंद्र काग़ज़ देखकर ही जाँच करते हैं।
मेरी जन्मतिथि की सीमा ख़त्म हो गई। अब क्या करूँ?
फिर भी केंद्र पर आवेदन करें और अपडेट पर्ची रखें। फिर उसे अपने प्रमाणों के साथ UIDAI रीजनल ऑफ़िस को ईमेल या डाक से भेजें, या 1947 पर कॉल करें।
रीजनल ऑफ़िस कितना समय लेता है?
UIDAI कोई तय समय-सीमा नहीं देता। कॉपी रखें और पर्ची के नंबर के साथ 1947 पर फ़ॉलो-अप करें।
क्या आधार को जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं। ख़बरों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में कहा कि आधार जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है, और ख़बरों के मुताबिक EPFO ने जनवरी 2024 से इसे जन्मतिथि के लिए लेना बंद कर दिया।
क्या गज़टेड अधिकारी का सर्टिफ़िकेट जन्मतिथि के प्रमाण के तौर पर चलता है?
नहीं। UIDAI फ़ॉर्मेट वाले सर्टिफ़िकेट सिर्फ़ पते का प्रमाण हैं, जन्मतिथि का नहीं।
निष्कर्ष
जन्मतिथि बदलने का मौका एक ही है, इसलिए सही तरीके से करें। सही असली प्रमाण लेकर आधार केंद्र जाएँ, स्क्रीन पर तारीख़ जाँचें और ₹75 दें। अगर मौका इस्तेमाल हो चुका है, तो रीजनल ऑफ़िस का रास्ता अब भी खुला है। मदद के लिए UIDAI की मुफ़्त हेल्पलाइन 1947 है।
स्रोत
- UIDAI – जन्मतिथि अपडेट की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP), 24 दिसंबर 2025 (PDF, अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- UIDAI – जीवन भर की अपडेट सीमा पर ऑफ़िस मेमोरेंडम, 27 अप्रैल 2019; 14 अक्टूबर 2019 का सर्कुलर; 28 अक्टूबर 2021 की अपडेट SOP (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- UIDAI – एनरोलमेंट और अपडेट के मान्य दस्तावेज़ों की सूची (PDF, अंग्रेज़ी में) (देखा गया 15 अक्टूबर 2026)
- UIDAI – आधार एनरोलमेंट और अपडेट शुल्क (PDF, अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- UIDAI – Aadhaar Online Services (ई-आधार, अपडेट स्टेटस, अंग्रेज़ी में) (देखा गया 15 अक्टूबर 2026)
- UIDAI – Aadhaar App FAQ (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- मद्रास हाई कोर्ट (17 अक्टूबर 2025), उत्तराखंड हाई कोर्ट (7 मई 2026) और दिल्ली हाई कोर्ट (16 मार्च 2026) के आदेश, जैसा रिपोर्ट किया गया (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- सरोज बनाम IFFCO-Tokio (सुप्रीम कोर्ट, 2024) और EPFO के जनवरी 2024 के बदलाव पर ख़बरें (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
- अनिका डिजिटल सेवा काउंटर टीम: विशेषज्ञ जवाब C09, C14, F01, G19, Z05, Z08, Z16 (15 अक्टूबर 2026)
पेज का इतिहास: 15 अक्टूबर 2026, पहला संस्करण। 16 अक्टूबर 2026: तथ्य और लिंक की समीक्षा।