स्वतंत्र गाइड · यह UIDAI नहीं है · हम कभी आपका आधार नंबर, OTP या फिंगरप्रिंट नहीं माँगते।

मृत व्यक्ति के आधार (Aadhar) का क्या होता है, और मृत्यु की सूचना कैसे दें?

परिवार का कोई सदस्य myAadhaar पर Report death of a family member से मृत्यु की सूचना दे सकता है। आप लॉग इन करते हैं, फिर मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण नंबर (death registration number) डालते हैं। यह सिर्फ़ सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जुड़े राज्यों में चलता है। UIDAI मृत लोगों के नंबर भी डीएक्टिवेट करता है, और आधार नंबर कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं होता।

ऑनलाइन सूचना
myAadhaar: Report death of a family member
कहाँ चलता है
सिर्फ़ CRS से जुड़े राज्य/UT (नवंबर 2025 तक 25)
क्या चाहिए
मृत व्यक्ति का आधार नंबर + मृत्यु पंजीकरण नंबर
नंबर दोबारा मिलेगा?
कभी नहीं
गलती से मृत दर्ज
30 दिन में फ़ैसला
इस पेज पर
  1. बात किसके आधार की है?
  2. मृत व्यक्ति के आधार का क्या होता है
  3. myAadhaar पर परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना दें
  4. आधार कार्ड का क्या करें
  5. बैंक, पेंशन और दूसरे दफ़्तर
  6. ज़िंदा हैं पर मृत दर्ज
  7. समस्याएँ और हल
  8. सवाल-जवाब

बात किसके आधार की है?

आपकी स्थितिक्या करें
परिवार के सदस्य की मृत्यु हुई; मृत्यु पंजीकरण नंबर है; आपका राज्य CRS से जुड़ा हैmyAadhaar पर सूचना दें (स्टेप)
मृत्यु पंजीकरण नंबर नहीं है, या राज्य CRS से नहीं जुड़ा1947 पर पूछें (विवरण)
आप ज़िंदा हैं पर मृत दर्ज हो गएरीजनल या स्टेट ऑफ़िस में Annexure आवेदन (स्टेप)
पता नहीं क्या हुआपहले Check Aadhaar Validity (कैसे)

मृत व्यक्ति के आधार का क्या होता है?

UIDAI मृत लोगों के आधार डीएक्टिवेट करता है। रिपोर्ट के अनुसार नवंबर 2025 तक ऐसे 2 करोड़ से ज़्यादा और फ़रवरी 2026 तक करीब 2.5 करोड़ नंबर डीएक्टिवेट हो चुके थे।

  • मृत्यु का डेटा कहाँ से आता है (रिपोर्ट के अनुसार): भारत के महापंजीयक (Registrar General of India), राज्य सरकारें, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)।
  • रिकॉर्ड का मिलान कैसे होता है: ख़बरों के अनुसार नाम कम से कम 90% और लिंग 100% मिलना चाहिए।
  • नंबर कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं होता। डीएक्टिवेट होने के बाद आधार नंबर किसी और को नहीं दिया जाता।
  • परिवार भी मृत्यु की सूचना दे सकता है, myAadhaar पर ऑनलाइन, CRS से जुड़े राज्यों में (स्टेप)।

गलतियाँ होती हैं। रिपोर्ट के अनुसार ज़िंदा लोगों को मृत दर्ज कर दिया गया और उनकी पेंशन और राशन रुक गए। अगर आपके साथ ऐसा हुआ है, तो देखें ज़िंदा हैं पर मृत दर्ज।

myAadhaar पर परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना कैसे दें?

UIDAI ने जून 2025 में myAadhaar पर Report death of a family member सेवा शुरू की। नवंबर 2025 तक यह सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) से जुड़े 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही थी। आप, यानी परिवार का सदस्य, अपने आधार से लॉग इन करते हैं। फिर मृत व्यक्ति की जानकारी डालते हैं।

myAadhaar पर मृत्यु की सूचना देना
  1. मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण नंबर तैयार रखें
  2. क्या आपका राज्य या UT CRS से जुड़ा है?नहीं: ऑनलाइन सूचना शायद न चले; देखें क्या करें
  3. अपने आधार से myAadhaar में लॉग इन करें (आपका ऑथेंटिकेशन)
  4. Report death of a family member खोलें
  5. मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण नंबर डालें
  6. UIDAI सूचना पर कार्रवाई करता है; नंबर कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं होता
  1. दोनों नंबर इकट्ठा करें

    आपको मृत व्यक्ति का 12 अंकों का आधार नंबर और दर्ज हुई मृत्यु का मृत्यु पंजीकरण नंबर चाहिए।

  2. अपने आधार से myAadhaar में लॉग इन करें

    सूचना देने वाले परिवार के सदस्य को पहले ऑथेंटिकेट करना होता है। UIDAI की अपनी साइट myaadhaar.uidai.gov.in ही इस्तेमाल करें। अपना रजिस्टर्ड मोबाइल पास रखें, क्योंकि लॉग इन के लिए आम तौर पर उस पर OTP आता है।

  3. Report death of a family member चुनें

    सेवा खोलें और दोनों नंबर ध्यान से डालें। सबमिट करने से पहले हर अंक जाँच लें।

  4. रिकॉर्ड रखें

    स्क्रीन पर दिखा कोई भी रेफ़रेंस नोट करें या स्क्रीनशॉट लें। हमारे स्रोतों में प्रोसेस होने का समय नहीं दिया गया है। बाद में UIDAI के Check Aadhaar Validity पेज (इसकी हेडिंग में "Check Aadhaar Status" लिखा है) पर देख सकते हैं कि नंबर एक्टिव दिखता है या नहीं।

myAadhaar

myAadhaar खोलेंmyaadhaar.uidai.gov.in

नंबर जाँचें

Check Aadhaar Validitymyaadhaarbeta.uidai.gov.in

मृत व्यक्ति के आधार कार्ड का परिवार क्या करे?

हमारे स्रोतों में कार्ड लौटाने या नष्ट करने का कोई नियम नहीं है। ये आसान सुरक्षा आदतें अपनाएँ:

  • कार्ड और उसके प्रिंटआउट संभालकर रखें। इन्हें मृत्यु प्रमाण-पत्र और परिवार के दूसरे कागज़ों के साथ रखें।
  • नंबर या कॉपी किसी को न दें: कॉल करने वालों, WhatsApp वालों या ऐसे किसी को भी नहीं जिसे इसकी ज़रूरत न हो।
  • जहाँ हो सके, मास्क्ड कॉपी दें। मास्क्ड आधार में सिर्फ़ आख़िरी 4 अंक दिखते हैं। देखें ई-आधार, PVC और मास्क्ड में फ़र्क़।
  • myAadhaar पर मृत्यु की सूचना दें, अगर आपका राज्य CRS से जुड़ा है (स्टेप)।
  • अपना आधार भी सुरक्षित रखें। बायोमेट्रिक लॉक अनलॉक करने तक फिंगरप्रिंट, आइरिस और चेहरे की जाँच रोक देता है: देखें आधार और बायोमेट्रिक लॉक, VID।

क्या UIDAI को सूचना देने से बैंक, पेंशन दफ़्तर और दूसरों को भी पता चल जाता है?

हमारे स्रोतों में यह नहीं लिखा कि myAadhaar पर दी गई मृत्यु की सूचना बैंक, पेंशन दफ़्तर, राशन दुकान या दूसरी एजेंसियों तक पहुँचती है। आम तौर पर हर एजेंसी को अलग से सूचना दें और उसकी अपनी प्रक्रिया अपनाएँ। मृत्यु प्रमाण-पत्र की कॉपियाँ तैयार रखें।

अगर ज़िंदा व्यक्ति को गलती से मृत दर्ज कर दिया गया हो, तो क्या करें?

यह असली समस्या है। रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक, ओडिशा और राजस्थान में लोगों को मृत दर्ज कर दिया गया और उनकी पेंशन और राशन रुक गए। UIDAI का सर्कुलर 02/2025 (7 जुलाई 2025) आधार वापस चालू कराने का तरीका बताता है। जाँच और फिर से चालू कराने की पूरी जानकारी आधार बंद हो गया? फिर चालू करें में है।

ज़िंदा हैं पर मृत दर्ज (सर्कुलर 02/2025)
  1. सर्कुलर के Annexure फ़ॉर्मेट में आवेदन लिखें
  2. इसे UIDAI रीजनल या स्टेट ऑफ़िस में जमा करें
  3. 2 हफ़्ते के अंदर आपके बायोमेट्रिक लिए जाते हैं
  4. क्या 30 दिन के अंदर फ़ैसला मिला?नहीं: शिकायत करके आगे बढ़ाएँ
  5. फ़ैसला हुआ; जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को सूचना दी जाती है
  1. Annexure फ़ॉर्मेट माँगें

    आवेदन का फ़ॉर्मेट UIDAI रीजनल या स्टेट ऑफ़िस से माँगें, या 1947 पर कॉल करके पूछें।

  2. रीजनल या स्टेट ऑफ़िस में आवेदन करें

    आवेदन की एक कॉपी रखें और तारीख़ नोट करें। आपका राज्य किस ऑफ़िस के अंतर्गत आता है, यह 1947 से पूछें।

  3. अपने बायोमेट्रिक दें

    सर्कुलर के अनुसार आपके बायोमेट्रिक 2 हफ़्ते के अंदर लिए जाने हैं।

  4. फ़ैसले का इंतज़ार करें

    फ़ैसला 30 दिन के अंदर होना है। फिर UIDAI जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रार को सूचना देता है।

    काम हो गया, यह तब पता चलेगा जब UIDAI के Check Aadhaar Validity पेज पर नंबर मान्य दिखे। फिर पेंशन दफ़्तर और राशन दुकान से अपने लाभ फिर से शुरू करने को कहें।

    30 दिन बाद भी फ़ैसला नहीं? आवेदन की तारीख़ के साथ 1947 या myAadhaar पर शिकायत करें। देखें आधार शिकायत और आगे की कार्रवाई।

क्या समस्याएँ आती हैं, और उन्हें कैसे ठीक करें?

आपकी स्थितिआम तौर पर मतलबक्या करें
आपका राज्य या UT CRS से नहीं जुड़ावहाँ ऑनलाइन मृत्यु सूचना नहीं चलतीहमारे स्रोतों में कोई दूसरा तरीका नहीं है। 1947 पर कॉल करें या [email protected] पर ईमेल करके पूछें कि क्या करें
मृत्यु पंजीकरण नंबर नहीं हैऑनलाइन सेवा यह नंबर माँगती हैमृत्यु पंजीकरण के कागज़ तैयार रखें। 1947 पर पूछें कि आपके मामले में UIDAI क्या मानता है
myAadhaar में लॉग इन नहीं हो रहाआपके अपने रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP नहीं आ रहा, या कोई मोबाइल जुड़ा ही नहींआधार केंद्र पर अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराएँ (₹75)। हमारे अनुभव में नए नंबर पर OTP आम तौर पर 1–2 दिन में आने लगते हैं; फिर दोबारा कोशिश करें
पेंशन या राशन रुक गया; कहा गया कि आप "मृत" हैंशायद आपका आधार किसी मृत्यु रिकॉर्ड से मिला दिया गयारीजनल या स्टेट ऑफ़िस में Annexure आवेदन (स्टेप)
आवेदन के 30 दिन बाद भी फ़ैसला नहींसर्कुलर 02/2025 की समय-सीमा निकल गईशिकायत करें और आगे बढ़ाएँ (कैसे)
कोई कॉल या मैसेज OTP या आधार नंबर माँगे, या आधार का कोई लिंक भेजेलगभग पक्का धोखा; हमारे अनुभव में यह आम हैफ़ोन काट दें; OTP कभी न बताएँ (क्यों)
विदेश में रहते हैं?

विदेश से मृत्यु की सूचना देना या मृत्यु रिकॉर्ड ठीक कराना

  • मृत्यु की सूचना myAadhaar पर दी जाती है, यानी ऑनलाइन। पहले आपको अपने आधार से लॉग इन करना होगा।
  • लॉग इन के लिए आम तौर पर रजिस्टर्ड मोबाइल पर OTP चाहिए। विदेशी मोबाइल नंबर पर UIDAI का SMS नहीं आता।
  • आप कहीं भी रहें, यह सेवा सिर्फ़ CRS से जुड़े राज्यों में ही चलती है।
  • गलती से मृत दर्ज? आपके बायोमेट्रिक लिए जाने हैं, इसलिए भारत आने की योजना बनाएँ। पहले [email protected] पर ईमेल करके पूछ लें कि क्या लाना है।

क्षेत्र गलत है?

चेतावनी

धोखे वाली कॉल, नकली लिंक और नकली ऐप

  • मृत्यु की सूचना सिर्फ़ UIDAI की अपनी साइट myaadhaar.uidai.gov.in पर दें। आधार सेवाएँ देने का दावा करने वाले SMS या WhatsApp लिंक नज़रअंदाज़ करें; हमारे अनुभव में नकली लिंक और वेबसाइट एक आम धोखा हैं।
  • एक आम धोखा जो हम देखते हैं: कॉल करने वाला OTP या आधार नंबर माँगता है और कहता है कि आधार ब्लॉक हो जाएगा। फ़ोन काट दें। OTP कभी न बताएँ।
  • किसी के कहने पर स्क्रीन-शेयरिंग ऐप कभी इंस्टॉल न करें।
  • पैसे कट गए? तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। ज़्यादा जानकारी: आधार धोखाधड़ी और स्कैम।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मृत्यु के बाद आधार का क्या होता है?

UIDAI मृत लोगों के आधार डीएक्टिवेट करता है। रिपोर्ट के अनुसार इसके लिए भारत के महापंजीयक, राज्यों, PDS और NSAP से मिला मृत्यु डेटा इस्तेमाल होता है। CRS से जुड़े राज्यों में परिवार myAadhaar पर भी मृत्यु की सूचना दे सकता है।

परिवार के सदस्य की मृत्यु की सूचना UIDAI को कैसे दूँ?

अपने आधार से myAadhaar में लॉग इन करें और Report death of a family member खोलें। मृत व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण नंबर डालें।

क्या ऑनलाइन मृत्यु सूचना हर राज्य में चलती है?

नहीं। यह सिर्फ़ सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जुड़े राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलती है: नवंबर 2025 तक ऐसे 25 थे। हमारी काउंटर टीम का अनुभव भी यही है।

क्या मृत व्यक्ति का आधार नंबर किसी और को दिया जाएगा?

नहीं। आधार नंबर कभी दोबारा इस्तेमाल नहीं होते।

क्या आधार कार्ड लौटाना या नष्ट करना चाहिए?

हमारे स्रोतों में ऐसा कोई नियम नहीं है। कार्ड संभालकर रखें, नंबर किसी को न दें, और जहाँ हो सके मास्क्ड कॉपी दें।

क्या UIDAI बैंक या पेंशन दफ़्तर को मृत्यु की सूचना देता है?

हमारे स्रोतों में ऐसा नहीं लिखा। हर बैंक, पेंशन दफ़्तर और दूसरी एजेंसी को अलग से सूचना दें।

ज़िंदा व्यक्ति को मृत दर्ज कर दिया गया। अब क्या करें?

UIDAI रीजनल या स्टेट ऑफ़िस में Annexure फ़ॉर्मेट में आवेदन करें (सर्कुलर 02/2025)। 2 हफ़्ते के अंदर बायोमेट्रिक लिए जाते हैं, और फ़ैसला 30 दिन के अंदर होना है।

मृत्यु पंजीकरण नंबर न हो तो क्या मृत्यु की सूचना दे सकते हैं?

ऑनलाइन सेवा यह नंबर माँगती है। हमारे स्रोतों में कोई दूसरा तरीका नहीं है, इसलिए 1947 पर पूछें।

निष्कर्ष

अगर परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हुई है और आपका राज्य CRS से जुड़ा है, तो आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण नंबर के साथ myAadhaar पर सूचना दें। कार्ड संभालकर रखें और दूसरे दफ़्तरों को अलग से बताएँ। अगर किसी ज़िंदा व्यक्ति को मृत दर्ज कर दिया गया है, तो UIDAI रीजनल या स्टेट ऑफ़िस में आवेदन करें। मदद के लिए UIDAI की मुफ़्त हेल्पलाइन 1947 है (देखें UIDAI हेल्पलाइन 1947)। हाल के दूसरे बदलावों के लिए देखें आधार के नए नियम और समय-सीमा।

स्रोत

  1. UIDAI – 2 करोड़ से ज़्यादा मृत लोगों के आधार नंबर डीएक्टिवेट करने और myAadhaar की "Report death of a family member" सेवा पर प्रेस विज्ञप्ति (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
  2. UIDAI सर्कुलर 02/2025 (7 जुलाई 2025) – मृत मानकर गलती से डीएक्टिवेट हुए आधार को फिर से चालू करना (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
  3. UIDAI – Aadhaar Online Services (आधार वैलिडिटी जाँच; अंग्रेज़ी में) (देखा गया 15 अक्टूबर 2026)
  4. UIDAI – Check Aadhaar Validity (अंग्रेज़ी में) (देखा गया 15 अक्टूबर 2026)
  5. UIDAI – आधार एनरोलमेंट और अपडेट फ़ॉर्म, 2026 (विदेशी मोबाइल पर SMS नहीं; अंग्रेज़ी में) (देखा गया 16 अक्टूबर 2026)
  6. मृत लोगों के आधार डीएक्टिवेशन (नवंबर 2025, फ़रवरी 2026), मृत्यु रिकॉर्ड के मिलान, और कर्नाटक, ओडिशा व राजस्थान में ज़िंदा लोगों को मृत दर्ज करने पर ख़बरें (देखा गया 13 अक्टूबर 2026)
  7. अनिका डिजिटल सेवा काउंटर टीम: विशेषज्ञ जवाब Z11, G19, G10, G11 (14–15 अक्टूबर 2026)

पेज का इतिहास: 16 अक्टूबर 2026, पहला संस्करण। 16 अक्टूबर 2026: तथ्य और लिंक की समीक्षा।

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