द्वारा shahrukh
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महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), 2005, जिसके तहत लगभग 20 वर्षों तक देश के ग्रामीण परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती रही, उसकी जगह अब विकसित भारत - रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 ने ले ली है। इस नए कानून को VB-G RAM G के नाम से जाना जाता है और यह 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो चुका है। इसके साथ ग्रामीण क्षेत्रों में गारंटीकृत रोजगार उपलब्ध कराने और टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए नया कानूनी ढांचा प्रभावी हो गया है।

नई व्यवस्था को बिना किसी बाधा के लागू करने और रोजगार कार्यों को लगातार जारी रखने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Rs. 95,600 करोड़ से अधिक की अंतरिम वित्तीय सहायता भी जारी की है। यदि आप पहले से MGNREGA के जॉब कार्ड धारक हैं या अब VB-G RAM G के तहत रोजगार प्राप्त करना चाहते हैं, तो इन नए प्रावधानों को समझना आपके लिए जरूरी है। इससे आपको यह स्पष्ट होगा कि पहले की कौन-सी सुविधाएं जारी रहेंगी, किन नियमों में बदलाव हुआ है और 1 जुलाई 2026 के बाद ग्रामीण रोजगार व्यवस्था कैसे संचालित होगी।

MGNREGA और VB-G RAM G: प्रमुख बदलाव एक नजर में

नीचे दी गई तालिका में पुराने MGNREGA और नए VB-G RAM G कानून के बीच मुख्य अंतर दिखाए गए हैं। इससे आप आसानी से समझ सकेंगे कि रोजगार की अवधि, मजदूरी, भुगतान व्यवस्था, केंद्र-राज्य वित्तीय भागीदारी, प्रशासनिक व्यय और जॉब कार्ड से जुड़े नियमों में क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।

विवरण MGNREGA के तहत VB-G RAM G के तहत
गारंटीकृत रोजगार एक वित्तीय वर्ष में 100 दिन एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन
न्यूनतम मजदूरी की आधार दर राज्यवार निर्धारित मजदूरी दर Rs. 300 प्रतिदिन की राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी
काम उपलब्ध कराने की समय-सीमा रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर रोजगार मांगने के 15 दिनों के भीतर
मजदूरी भुगतान की समय-सीमा अधिकतम 15 दिनों के भीतर साप्ताहिक या अधिकतम 15 दिनों के भीतर
वित्तीय भागीदारी (अधिकांश राज्य) मजदूरी का 100% खर्च केंद्र सरकार 60:40 केंद्र-राज्य लागत साझेदारी
वित्तीय भागीदारी (पूर्वोत्तर एवं हिमालयी राज्य) 100% केंद्रीय वित्तपोषण 90:10 केंद्र-राज्य लागत साझेदारी
प्रशासनिक व्यय स्वीकृत बजट का 6% तक स्वीकृत बजट का 9% तक
जॉब कार्ड की स्थिति MGNREGA जॉब कार्ड e-KYC सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते

VB-G RAM G के तहत कौन-कौन से नए लाभ मिलेंगे?

VB-G RAM G के लागू होने के बाद ग्रामीण श्रमिकों को पहले से मिल रही कई कानूनी सुविधाएं जारी रहेंगी। इसके साथ ही रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी, राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी और भुगतान व्यवस्था जैसे कई नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं, ताकि पात्र ग्रामीण परिवारों को अधिक स्थिर और सुरक्षित आय मिल सके।

अब 125 दिनों तक गारंटीकृत रोजगार मिलेगा

इस कानून का सबसे बड़ा बदलाव रोजगार की अवधि में वृद्धि है। पहले जहां एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यदि किसी पात्र ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं, तो वे इस अवधि तक रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इससे उन परिवारों को अतिरिक्त आय का सहारा मिलेगा, जो मुख्य रूप से सरकारी रोजगार योजनाओं पर निर्भर रहते हैं।

पूरे देश के लिए Rs. 300 प्रतिदिन की न्यूनतम मजदूरी

नई व्यवस्था के तहत Rs. 300 प्रतिदिन की राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है। पहले MGNREGA में प्रत्येक राज्य अपनी अलग-अलग मजदूरी दर तय करता था, जिससे राज्यों के बीच काफी अंतर देखने को मिलता था। अब पूरे देश के लिए एक समान न्यूनतम आधार तय किया गया है। हालांकि, यदि कोई राज्य इससे अधिक मजदूरी देना चाहता है, तो वह संबंधित नियमों के अनुसार ऐसा कर सकेगा।

15 दिनों में काम नहीं मिला तो बेरोजगारी भत्ता मिलेगा

योजना के तहत रोजगार मांगने का अधिकार पहले की तरह बना रहेगा। यदि आवेदन देने के 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो पात्र श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे। देरी के शुरुआती 30 दिनों के दौरान यह भत्ता लागू मजदूरी दर का कम से कम एक-चौथाई होगा, जैसा कि अधिनियम में निर्धारित किया गया है।

मजदूरी सीधे बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाएगी

मजदूरी का भुगतान पहले की तरह Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे श्रमिकों के बैंक या डाकघर खाते में किया जाएगा। नए नियमों के अनुसार मस्टर रोल बंद होने के बाद भुगतान हर सप्ताह या अधिकतम 15 दिनों के भीतर करना होगा। यदि निर्धारित अवधि के बाद भी भुगतान नहीं होता है, तो पात्र श्रमिकों को लागू नियमों के अनुसार विलंब मुआवजा भी मिल सकता है।

पुराने जॉब कार्ड फिलहाल मान्य रहेंगे

यदि आपके पास पहले से e-KYC सत्यापित MGNREGA जॉब कार्ड है, तो आपको तुरंत नया कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं है। सरकार चरणबद्ध तरीके से ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करेगी। तब तक मौजूदा सत्यापित जॉब कार्ड मान्य रहेंगे और पंजीकृत श्रमिक बिना किसी रुकावट के योजना का लाभ लेते रहेंगे।

ग्राम पंचायतें रोजगार और विकास कार्यों की योजना बनाएंगी

गांव में किए जाने वाले विकास कार्यों की योजना पहले की तरह ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार होगी। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें स्थानीय जरूरतों के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने वाले कार्य शामिल किए जाएंगे। इन योजनाओं में जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे का विकास, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां और मौसम से होने वाले नुकसान को कम करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

खेती के व्यस्त मौसम में फसल अवकाश रहेगा

इस कानून में पहली बार फसल अवकाश (Crop Holiday) का प्रावधान जोड़ा गया है। बुवाई और कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि मौसम के दौरान सरकार कुछ अवधि के लिए योजना के तहत कार्य स्थगित कर सकेगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खेती के सबसे व्यस्त समय में किसानों और खेतिहर मजदूरों को श्रमिकों की कमी का सामना न करना पड़े।

VB-G RAM G में कौन-सी सुविधाएं पहले जैसी ही रहेंगी?

हालांकि नए कानून में कई बदलाव किए गए हैं, लेकिन ग्रामीण श्रमिकों के कई मूल अधिकार और सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। यदि आप पहले MGNREGA के तहत पंजीकृत थे, तो नीचे दिए गए प्रावधान नई व्यवस्था में भी लागू रहेंगे। योजना से जुड़ी ताजा जानकारी और आधिकारिक अपडेट VB-G RAM G पोर्टल पर उपलब्ध हैं।

  • रोजगार मांगने का अधिकार: प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार का वयस्क सदस्य पहले की तरह अकुशल मजदूरी कार्य के लिए आवेदन कर सकेगा।
  • 15 दिनों के भीतर रोजगार: आवेदन मिलने के बाद सरकार को 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना होगा। ऐसा न होने पर पात्र श्रमिक बेरोजगारी भत्ते का दावा कर सकेंगे।
  • सीधे खाते में मजदूरी: मजदूरी का भुगतान पहले की तरह DBT के माध्यम से सीधे बैंक या डाकघर खाते में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
  • सामाजिक अंकेक्षण: योजना के कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण, सार्वजनिक अभिलेखों की उपलब्धता और पारदर्शिता से जुड़े सभी प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे।
  • महिलाओं की भागीदारी: योजना में महिलाओं को प्राथमिकता मिलती रहेगी और जहां आवश्यक होगा, वहां स्वयं सहायता समूह (SHGs) के माध्यम से भी कार्य कराए जा सकेंगे।
  • डिजिटल उपस्थिति: सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मोबाइल आधारित उपस्थिति और फेस ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था जारी रहेगी।

इस योजना का लाभ किन लोगों को मिलेगा?

VB-G RAM G का लाभ देश के उन सभी ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं। योजना का संचालन ग्राम पंचायतों के माध्यम से किया जाएगा, ताकि पात्र परिवारों को कानूनी रूप से गारंटीकृत मजदूरी रोजगार मिलता रहे।

यदि आपके पास पहले से सक्रिय और पात्र MGNREGA जॉब कार्ड है, तो नई व्यवस्था लागू होने के कारण आपको तुरंत दोबारा पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी। सरकार चरणबद्ध तरीके से नई प्रणाली लागू कर रही है। हालांकि, मजदूरी और अन्य लाभ समय पर प्राप्त करने के लिए अपना आधार, बैंक खाता और जॉब कार्ड से जुड़ी जानकारी अद्यतन रखना जरूरी होगा।

VB-G RAM G में केंद्र और राज्य सरकारें खर्च कैसे साझा करेंगी?

VB-G RAM G लागू होने के बाद योजना के खर्च को वहन करने का तरीका भी बदल गया है। पहले MGNREGA के तहत मजदूरी से जुड़े अधिकांश खर्च का भार केंद्र सरकार उठाती थी, जबकि अब नई व्यवस्था में राज्य की श्रेणी के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर योजना का खर्च वहन करेंगी।

  • सामान्य राज्यों में: कुल योजना व्यय का 60% हिस्सा केंद्र सरकार और 40% हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी।
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में: इन राज्यों के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था लागू रहेगी। यहां 90% राशि केंद्र सरकार और शेष 10% राशि संबंधित राज्य सरकार देगी।
  • बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश: ऐसे केंद्र शासित प्रदेशों में योजना का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्यों को योजना के संचालन, कार्यों की योजना तैयार करने और निगरानी की प्रक्रिया में अधिक जिम्मेदारी देना है, जबकि केंद्र सरकार आवश्यक वित्तीय सहयोग पहले की तरह उपलब्ध कराती रहेगी।

अब ग्रामीण श्रमिकों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

  • अपना बैंक या डाकघर खाता आधार से लिंक और सक्रिय रखें, ताकि मजदूरी का भुगतान सीधे खाते में समय पर मिल सके।
  • यदि e-KYC आवश्यक हो, तो उसे समय पर पूरा करें और अपने जॉब कार्ड की जानकारी अद्यतन रखें।
  • ग्राम पंचायत द्वारा जारी रोजगार संबंधी सूचना और कार्य सूची पर नियमित ध्यान दें।
  • जब भी काम की आवश्यकता हो, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रोजगार की मांग करें और आवेदन से जुड़ी रसीद या रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
  • योजना से जुड़े नए दिशा-निर्देश समय-समय पर जारी हो सकते हैं, इसलिए केवल आधिकारिक सूचना और पोर्टल पर उपलब्ध अपडेट पर ही भरोसा करें।

आधिकारिक पोर्टल और महत्वपूर्ण लिंक

निष्कर्ष

VB-G RAM G के लागू होने के साथ भारत की ग्रामीण रोजगार व्यवस्था नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। इस कानून के तहत गारंटीकृत रोजगार की अवधि बढ़ाई गई है, राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है और योजना के वित्तपोषण की नई व्यवस्था लागू की गई है। वहीं रोजगार मांगने का अधिकार, सीधे बैंक खाते में मजदूरी का भुगतान, सामाजिक अंकेक्षण और पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान पहले की तरह जारी रहेंगे। जिन श्रमिकों के पास पहले से वैध MGNREGA जॉब कार्ड है, वे संक्रमण अवधि में बिना किसी बाधा के योजना का लाभ लेते रहेंगे। इसलिए पात्र श्रमिकों को केवल अपनी जानकारी अद्यतन रखनी चाहिए और आगे की प्रक्रिया के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

Frequently Asked Questions

हां। यदि आपका MGNREGA जॉब कार्ड e-KYC के साथ सत्यापित है, तो संक्रमण अवधि के दौरान वही कार्ड मान्य रहेगा। सरकार नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड चरणबद्ध तरीके से जारी करेगी। जब तक नया कार्ड नहीं मिलता, तब तक मौजूदा पात्र श्रमिक पहले की तरह रोजगार मांग सकेंगे और योजना के अनुसार मजदूरी भी प्राप्त करेंगे।

अधिनियम 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुका है, लेकिन 125 दिनों के रोजगार की व्यवस्था प्रत्येक राज्य में उसके कार्यान्वयन कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगी। राज्य सरकारें आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां पूरी करने और दिशा-निर्देश जारी करने के बाद इसे लागू करेंगी। अपने क्षेत्र की स्थिति जानने के लिए ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यक्रम कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें।

नए कानून में Rs. 300 प्रतिदिन की राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की गई है। हालांकि, वास्तविक भुगतान संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश द्वारा जारी अधिसूचनाओं और लागू मजदूरी दर के अनुसार होगा। काम शुरू होने से पहले अपने क्षेत्र की स्वीकृत मजदूरी दर की पुष्टि आधिकारिक VB-G RAM G पोर्टल या स्थानीय अधिकारियों से कर लें।

हां। मजदूरी का भुगतान पहले की तरह Direct Benefit Transfer (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक या डाकघर खाते में किया जाएगा। इसके लिए आधार से जुड़ा सक्रिय बैंक खाता होना जरूरी है। यदि निर्धारित समय के भीतर भुगतान नहीं होता, तो पात्र श्रमिकों को अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुसार विलंब मुआवजा भी मिल सकता है।

योजना के तहत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनसे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां तैयार हों और स्थानीय विकास को बढ़ावा मिले। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, जल निकासी, सिंचाई संरचनाएं, भंडारण सुविधाएं, वनीकरण, बाढ़ सुरक्षा तथा स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की आजीविका से जुड़े कार्य शामिल हो सकते हैं। आपके गांव में कौन-से कार्य होंगे, इसका निर्णय ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई विकसित ग्राम पंचायत योजना के आधार पर होगा।

नहीं। पहले से पंजीकृत पात्र श्रमिकों को तुरंत नया पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार चरणबद्ध तरीके से नई व्यवस्था लागू कर रही है। यदि भविष्य में किसी अतिरिक्त दस्तावेज, e-KYC या जानकारी अपडेट करने की जरूरत होगी, तो इसकी सूचना संबंधित ग्राम पंचायत या कार्यान्वयन प्राधिकरण द्वारा दी जाएगी।

योजना से संबंधित अधिसूचनाएं, दिशा-निर्देश, आदेश और अन्य आधिकारिक जानकारी VB-G RAM G आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है। स्थानीय स्तर की जानकारी, रोजगार मांगने की प्रक्रिया या कार्य सूची के लिए अपनी ग्राम पंचायत अथवा ब्लॉक कार्यक्रम कार्यालय से भी संपर्क किया जा सकता है।

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